हीर रांझा – 16 – दोनों की जंगल में मुलाकात

love shayari hindi shayari
 

हीर रांझा के लिए खाना लेकर सियालों के गांव से जंगल की ओर चली। हीर स्वर्ग से उतरी उन सौंदर्य के बादलों की तरह थी जो रेगिस्तान को चंदन के पेड़ों से हरा-भरा कर उसमें खुशबू भर सकती थी। हीर उस रूह की तरह रांझे की ओर जा रही थी जिसको पाकर मृत शरीर जी उठता है।

वह रांझे के पास अपने दिल में उठ रहे इश्क के तूफान को शांत करने के लिए जा रही थी। अब रांझे के प्यार में हीर पूरी तरह कैद हो चुकी थी। वह रांझे के लिए चावल, चीनी, मक्खन और दूध लेकर आई।

रांझा जैसे ही दिखा, उसकी आंखों में आंसू भर आए और वह रोते हुए कहने लगी- मैं तुम्हारी तलाश में पूरे जंगल में भटकती फिरी। हीर ने रांझे को बड़े प्यार से खाना परोसा।

रांझा उससे कहने लगा- मजहब में ऐसा कहा गया है कि औरतों के वादों पर यकीन नहीं करना चाहिए। लेकिन हीर, अगर तुम अपना वादा निभाओगी तो रांझा तुम्हारे लिए नौकर होने का गम भी बर्दाश्त कर जाएगा।

हीर ने जवाब दिया- औरतों की कौम के बारे में ऐसी बातें न करो। औरतों की तरह लगातार अपनी बातों पर दृढ़ रहने वाला और कोई नहीं होता। जोसफ के इश्क में जुलैखा ने अपना साम्राज्य छोड़ दिया। महिवाल के प्यार में सोहनी नदी में डूब गई। लैला की मुहब्बत से सारा जहान वाकिफ है। पुन्नु के प्यार में जलते रेगिस्तान में भटकते हुए सस्सी का दम टूटा। शिरीं अपने आशिक फरहाद के लिए मर गई। पैगंबरों और संतों को औरतें ही तो जन्म देती हैं। क्या आदम और हव्वा एक जैसे नहीं थे?

हीर ने आगे कहा- मर्द औरतों की तरह मजबूत नहीं होते। कवियों से पूछो, वह इस बात को बखूबी जानते हैं। मैं तुमसे वादा करती हूं कि जब तक मेरी नसों में लहू बह रहा है तब तक मैं तुम्हारी गुलाम बनकर रहूंगी। तुम जो कहोगे, वही मैं करूंगी। अगर मुझे बाजार में बेचकर तुमको खुशी मिल सकती हो तो यह भी कर लेना।

इस तरह से हीर मीठी-मीठी बातों से रांझे के सवालों का सामना करती रही और अपना दिल खोलकर उसके सामने रख दिया।

हीर बोली- जब हम दुश्मनों से घिर जाएंगे, तब तुम पूरे धैर्य के साथ जंग लड़ना। प्यार के समंदर में किस्मत की ऐसी जबर्दस्त लहरें हैं जो हमें या तो साहिल तक पहुंचाएंगी या हमें डूबो देंगी। मेरे दुष्ट चाचा कैदु से सावधान रहना। वह शैतान जैसा है। दुनिया हमें अपमानित करेगी। जो हमें नहीं जानते वे भी हमारे ऊपर ताने कसेंगे। लेकिन सच्चे आशिक इन सब बातों से नहीं डरते। वो इश्क में जान तक दे दे देते हैं। प्यार करने वालों का खुदा के अलावा कोई मददगार नहीं होता।

अब हीर रोज खाना लेकर रांझा के पास जंगल में जाने लगी और उसने सच्चे प्रेमी होने की कसम खाई। हीर ने चरखा कातना छोड़ दिया और सखियों के साथ उसका उठना-बैठना भी छूट गया। वह रांझा के साथ दिनभर रहने लगी। रांझे की संगत में उसने खुद को आजाद छोड़ दिया। कहानी आगे पढ़ें

कहानी शुरू से पढ़ें

कहानी के पन्ने
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34
Advertisements

कमेंट्स यहां लिखें-

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s