शायरी – दुनिया की भीड़ में तुझे याद कर सकूं कुछ पल

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दिल की चंद धड़कनों को रोज बटोरता हूं मैं
उम्र की कुछ कतरनों को रोज जोड़ता हूं मैं

तेरे दर्द की गर्मी भी जिसे पिघला नहीं पाती
उन बर्फीले जख्मों को अब रोज तोड़ता हूं मैं

अपनी हर सांस को जिंदा रखने के लिए
तेरे आसरे पर ये तन्हा जिंदगी छोड़ता हूं मैं

दुनिया की भीड़ में तुझे याद कर सकूं कुछ पल
अजनबी राहों की तरफ कदमों को मोड़ता हूं मैं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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