रोमांटिक शायरी

शायरी – मौत यूं भी तेरे हाथों लिखी है जालिम

हिंदी शायरी जानेजां हूं मैं अब तेरा गुनहगार सही ले तू खंजर और कर दे आर-पार सही मौत यूं भी तेरे हाथों लिखी है जालिम जो लिखी है उसे तू पढ़ ले एक बार सही

love shayari hindi shayari

जानेजां हूं मैं अब तेरा गुनहगार सही
ले तू खंजर और कर दे आर-पार सही

मौत यूं भी तेरे हाथों लिखी है जालिम
जो लिखी है उसे तू पढ़ ले एक बार सही

सामने तुम जो रहोगी तो मर न पाऊंगा
चाहे खंजर ये चुभाओगी कई बार सही

जानता हूं कि ये सजा भी न दे पाओगी
आ भी जाऊं तेरे दर पे मैं बार-बार सही

©RajeevSingh #love shayari

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2 comments

  1. जानते है हम भी मोहब्बत के उसूल …
    सजाए उम्रभर की मिले,हो गुनाह एकबार सही।

    सजाए दे के ही दम लेती,ये अदालत ऐसी…
    दलीले कोई दे बेगुनाही की,हजार सही।

    ये वो औजार है,जो न बुझता है युगा….
    जलने सेही आता है,इसे निखार सही।

    खेल है ऐसा, हर खिलाड़ी हँसकर हारे…
    कभी हारे है शिकारी,कभी शिकार सही।

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