तलाश शायरी

शायरी – जिस गम ने जीना सिखाया, बस उसका तकाजा है

शायरी जिस गम ने जीना सिखाया, बस उसका तकाजा है कि दिल अब तक ढो रहा मुहब्बत का जनाजा है उम्मीदों के फूल गुलशन में कबके मुरझा चुके जो बचा है खिजां में वो कांटों का तमाशा है

love shayari hindi shayari

जिस गम ने जीना सिखाया, बस उसका तकाजा है
कि दिल अब तक ढो रहा मुहब्बत का जनाजा है

उम्मीदों के फूल गुलशन में कबके मुरझा चुके
जो बचा है खिजां में वो कांटों का तमाशा है

सावन से कह दो कि मेरे आंगन में ना बरसे
यहां पहले से आंखों को बरसने में मजा सा है

मुंतजिर है तेरी राह देखता कबसे एक मुसाफिर
उसको तेरे हुस्न में सुकूं पाने का दिलासा है

©RajeevSingh #love shayari

Advertisements

2 comments

Leave a Reply