दीवाना शायरी

शायरी – मिला अब तक किसी के पास इस दर्द का इलाज नहीं

शायरी सांस और धड़कनों में रही अब तेरी भी याद नहीं नसों में दौड़ती जिंदगी किसी की मोहताज नहीं वो कौन सा मौसम था कि तेरा शोर था जीवन में ये कौन सा मौसम है कि दूर तक कोई आवाज नहीं

love shayari hindi shayari

सांस और धड़कनों में रही अब तेरी भी याद नहीं
नसों में दौड़ती जिंदगी किसी की मोहताज नहीं

वो कौन सा मौसम था कि तेरा शोर था जीवन में
ये कौन सा मौसम है कि दूर तक कोई आवाज नहीं

बड़ी मशक्कत से मैंने ये तनहा दुनिया बसाई है
महफिल में बुलावे पर कहता हूं फिर कभी, आज नहीं

अपने जख्मों के लिए तलाशते रहे हसीं चारागर
मिला अब तक किसी के पास इस दर्द का इलाज नहीं

चारागर- डॉक्टर, इलाज करने वाला

©RajeevSingh # love shayari

Advertisements

Leave a Reply