शायरी – तेरी मोहब्बत के गम का असर न मिटे

red pre red nex

तेरी मोहब्बत के गम का असर न मिटे
अमृत न मिले सही, ये जहर न मिटे

अब मेरी तन्हाई तकलीफ नहीं देती
तुझमें खोये रहने का ये पहर न मिटे

अपने वजूद की तलाश में भटका मैं
मरते दम तक मेरा ये सफर न मिटे

चांद की चाहत में जो दीवाना हुआ हो
आंखों के समंदर में वो लहर न मिटे

©राजीव सिंह शायरी

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