रूह का रिश्ता शायरी फोटो

रूह का रिश्ता शायरी ईमेज

जिस अजनबी ने तलबगार किया है
उनसे मेरी रूह का रिश्ता तो नहीं

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रातों में कहीं से तेरी आह आती है। तुम्हारी आहों में डूबी मेरी गजलों में तुम्हारा ही दर्द है। दिल को दिलासा है कि तुम मेरे पास हो।

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