याद का साया शायरी फोटो

यादों के साये शायरी फोटो

याद का साया कहीं मिलता नहीं
बेखुदी में मेरी शम्मा बुझ गई

तेरी यादों की रात खाक बन जाती है। जिगर के टुकड़ों से लहू बहता है और मैं खामोश दिल लिए गजल लिखती रहती हूं।

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