जुदाई के सदमे से टूट गए शायरी फोटो

जुदाई के सदमे शायरी फोटो

हम जुदाई के सदमे से इस तरह से टूट गए
ठहरे पानी में अब हरसू, दर्द की सैलाबें हैं

इश्क तो गुनाह है और इस गुनाह में डूबा मुजरिम एक दिन फरिश्ता बन जाता है। जालिमों की बस्ती में वह तनहा रह जाता है।

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