खूने जिगर के लिए मरहम इमेज शायरी

खूने जिगर पर इमेज शायरी

अश्क तो बह रहे हैं तन्हाई में जीते हुए
तू कोई मरहम बता दे खूने-जिगर के लिए

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जबसे मेरा दिल तेरा आशिक हुआ है तबसे तुम्हारी हर पल की खबर के लिए बैचैन रहता हूं। मेरे दर्द का मरहम अब तू ही है।

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