कोई बदनाम तन्हाइयों में ईमेज शायरी

इश्क बदनाम शायरी ईमेज

कोई बदनाम तन्हाइयों में मर जाता है
कोई गुमनाम सलीब पे चढ़ जाती है

तेरी खामोशी को समझना चाहता हूं, तेरे दर्द से उलझना चाहता हूं, मैं तेरे इश्क में डूबना चाहता हूं।

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