मेरा वजूद बह गया फोटो शायरी

मेरा वजूद फोटो शायरी

एक जज्बाती नदी सागर से बिछड़ चुकी
मेरा वजूद बह गया और बच गई तन्हाइयां

तुमसे जुदा होकर इतना तन्हा हो गया हूं कि अपना वजूद ही खुद से दूर लगता है। तेरे करीब जाने की ये कैसी सजा है।

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