मेरी आहें छलकती हैं शायरी ईमेज

आहों की शायरी ईमेज

मेरी आहें छलकती हैं या खामोशी के हैं शबनम
निगाहों की सदा क्या है, खुदा जाने या तू जाने

मेरी आहों की दास्तान तुम्हारे लिए है, मेरे इश्क का हर मुकाम तुम्हारे लिए है, तुम मेरी दास्तान सुनोगी ये उम्मीद ही मेरी जिंदगी है।

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