है अपने सफर की यही दास्तां ईमेज शायरी

सफर की दास्तां शायरी ईमेज

है अपने सफर की यही दास्तां बस
जुबां खो चुका हूं सुनाने से पहले

Advertisements

दर ब दर ये जिंदगी मोहब्बत के लिए, तन्हा हैं ये रातें तेरी सोहबत के लिए, तुझे इश्क की दावत दे भी दूं मगर, क्या तू तैयार होगी इस कुरबत के लिए।

Advertisements

Leave a Reply