आशिक का जनाजा ढोने शायरी फोटो

आशिक का जनाजा ईमेज शायरी

आप आ ही गए आशिक का जनाजा ढोने
आप अपने हैं, क्या देंगे हमें कांधे के सिवा

बहुत दूर तक मुसाफिर चला था मगर, नजर नहीं आया उस मंजिल की डगर, जहां रुककर जरा देर वह दिल को सहलाता, मोहब्बत की छांव में जरा देर सुस्ताता।

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