बह रही दर्द की दरिया शायरी ईमेज

दर्द की दरिया शायरी ईमेज

नस-नस में मेरे बह रही है दर्द की दरिया
अब खून किसी का भी पीने से मैं डरता हूं

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उनको यही कहते सुनता हूं कि मेरी दीवानगी का कोई मतलब नहीं उनके लिए और इधर मेरा दिल कहता है कि एक दिन वह जरूर सुनेगी अपने दिल की।

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