मुहब्बत शायरी

shayari – इश्क की सारी रस्में निभाकर बैठा हूं

शायरी देखिए यहां सब जी रहे हैं अपनी धुन में और मैं खामोश तूफानों के अंदर बैठा हूं सब तारीफ कर रहे हैं मेरी महफिल में शायद शरीफ होने का गुनाह कर बैठा हूं

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बेवफा से वफा शायरी इमेज

देखिए यहां सब जी रहे हैं अपनी धुन में
और मैं खामोश तूफानों के अंदर बैठा हूं

सब तारीफ कर रहे हैं मेरी महफिल में
शायद शरीफ होने का गुनाह कर बैठा हूं

मतलब की दुनिया से दूर रहता हूं इतना
कि मैं सबको खुद से खफा कर बैठा हूं

दूसरों को नसीहत दिया करता था कभी
मगर खुद बेवफा से वफा कर बैठा हूं

दिल को तोड़ने वाली शायरी

मैंने मोहब्बत सिर्फ एक से की अब तक
इश्क की सारी रस्में निभाकर बैठा हूं

वो शायद कभी मिल नहीं पाएगी मुझे
मैं मुकद्दर में ये बात लिखवाकर बैठा हूं

मेरी बातों में बहुत मोहब्बत झलकती है
क्या कहूं, अपना दिल तुड़वाकर बैठा हूं

मुझे चैनो सुकून हासिल कहां जिंदगी में
मैं रातों में बड़ी देर तक जागकर बैठा हूं

दिल जलाकर शायरी इमेज

हो जाए शायद रोशनी मुझसे दुनिया में
इसलिए मैं अपना दिल जलाकर बैठा हूं

मुझे गिला किसी से नहीं, मेरे अपनों से है
वैसे तो दुश्मनों का भी भला कर बैठा हूं

इस दुनिया में ज्यादा शरीफ लोग रहते हैं
मैं यहां से निकलने का इरादा कर बैठा हूं

इस जहां में वो ना मिल सकी तो क्या हुआ
मैं सितारों में मिलने की वादा कर बैठा हूं

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