love story

उत्तराखंड से लवली की लव स्टोरी – lovely ki love story uttarakhand se

उसका दिल मैंने दुखाया है और आज मैंने ये सब बातें उससे माफी मांगने के लिए लिखी है। रियली वेरी सॉरी यार..भगवान जी प्लीज इस स्टोरी को वो भी पढ़े जिसके लिए मैंने लिखी है...मुझे भी माफ कर दो यार।

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम लवली है। मैं उत्तराखंड की हूं। जो भी मैं लिख रही हूं वो सब भगवान का नाम लेकर लिख रही हूं। काश मेरी अधूरी कहानी वो भी पढ़े जिसके लिए लिखी है। ये बात 2010 की है।

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मेरे कजिन ब्रदर की शादी में मेरा एक लड़के की तरफ अट्रैक्शन हुआ। उसका नाम सन्नी है। उस टाइम खास ध्यान नहीं दिया क्योंकि डर लगता था कि मम्मी पापा को पता चलेगा तो बहुत डांट पड़ेगी।

घरवालों की थिंकिंग ऐसी ही थी उस टाइम कि इस तरह की बात पता चले तो सीधे फोन लेकर रख लेते थे। मैंने 12वीं पास की फिर मैं ग्रेजुएशन के लिए हरियाणा शिफ्ट हुई। मैंने अपने कजिन भाई से सन्नी के बारे में बात की। भाई ने सन्नी को बताया।

पहले उसने मुझे इग्नोर किया लेकिन धीरे धीरे उसने इंट्रेस्ट दिखाना स्टार्ट किया। वो भी हरियाणा का ही थी। उस टाइम मेरे पास सेलफोन भी नहीं था। एसटीडी बूथ से बात होती थी कभी कभी।
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मैं वहां हॉस्टल में थी। मेरी उससे पहली बार बात 3 अगस्त 2011 को हुई। मैंने उसको डरते डरते कॉल किया। पीसीओ से हमारी बहुत अच्छे से बात हुई और उसके साथ मेरी लाइफ का फर्स्ट एक्सपीरियंस था।

मेरी एक फ्रेंड के पास फोन था जिससे मैं उससे कभी कभी बात करती थी। मेरी स्टोरी पूरे हॉस्टल में और उसके घरवालों को पता थी। उसने नवंबर 2011 में प्रपोज किया और उसका रिप्लाई मैंने 2012 के जनवरी में दिया यस बोलकर।
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जब भी बात होती तो वो मुझे बोलता कि मैं फोन देने आ रहा हूं लेकिन मैं मना कर देती थी पढ़ाई की वजह से। हमारी बातें होती रहीं और वो मुझे इतना प्यार करने लगा कि एक झलक देखने के लिए मेरे हॉस्टल के बाहर आ जाता लेकिन मुझे उस टाइम पर प्यार का मतलब ही नहीं पता था।

मैं उससे बात तो बिल्कुल ईमानदारी से करती थी और उसी से करती थी लेकिन मैं उसके ईगो को बहुत हर्ट भी करती थी। अंजाने में अपने दोस्तों के सामने उसकी बहुत बार बेइज्जती की लेकिन उसने कभी पलटकर कुछ नहीं बोला।
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उस लड़के ने मेरी सारी ख्वाहिशें पूरी की। मेरी हर तरीके से हेल्प की। यहां तक कि अपने मां पापा, भाई को भी बताया और शादी की बात की। ग्रेजुएशन फिनिश होने तक वो दिल्ली शिफ्ट हो गया और वहां से अगर उसको थोड़ा भी लगता कि मैं प्रॉब्लम में हूं तो वो एक दम से आ जाता। मैंने हमेशा उसकी डिसरिस्पेक्ट की। मैंने उससे 28 नवंबर 2014 तक बात की और उस दिन हमारा ब्रेकअप हुआ।
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हमेशा की तरह बेवकूफी मेरी थी- ईगो और एटीट्यूड के साथ ऐसी बहुत सी बातें है जो मैं यहां नहीं लिख सकती। लेकिन जितने भी टाइम हमारी बात हुई उतने टाइम मैंने उसकी जरा भी रिस्पेक्ट नहीं की।

उसके जाने के बाद मुझे बहुत रियलाइज हुआ कि मेरी गलती, मेरी कमी थी..मैंने उससे बात करने की कोशिश की लेकिन किसी भी कारण से बात हो नहीं पाई। उसका दिल मैंने दुखाया है और आज मैंने ये सब बातें उससे माफी मांगने के लिए लिखी है।

रियली वेरी सॉरी यार..भगवान जी प्लीज इस स्टोरी को वो भी पढ़े जिसके लिए मैंने लिखी है…मुझे भी माफ कर दो यार।

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