लखनऊ से अक्षत की लव स्टोरी – love story of akshat from lucknow

मेरा नाम अक्षत है और मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ। बात है एक लड़की की जिसे मैंने अपनी जान से ज्यादा चाहा। अपने बच्चे की तरह प्यार और ध्यान दिया।

बहुत ही अच्छा लगता था जब हम मिलते थे, प्यार भरी बातें करते थे। वो गुस्सा हो जाती थी, मैं रोता था, उसको मनाता था और वो मान जाती थी।

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हमेशा सुबह उसको उसके उठने से पहले गुड मॉर्निंग के प्यारे मैसेज भेज देता था कि वो अपना मोबाइल उठा कर देखे तो उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाये।
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ऐसे ही हम मिलते रहे प्यार बढ़ता रहा मेरे घर शादी के रिश्ते आते थे, मैं मना करदेता था क्योंकि मैंने उसको वचन दिया था कि शादी तुमसे करेंगे। उसने भी ऐसी ही कसमें खायी थीं।

वो जरा सा गुस्सा होती थी तो मैं 50 किलोमीटर दूर उसके ऑफिस सॉरी वाला केक लेकर पहुंच जाता था। 5-6 घंटे उसका इंतज़ार करता था, उसको घर वालो का डर था क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं और वो ठाकुर पर वो कहती थी मेरे पापा मान जायेंगे।

मैं उसके लिए सर्दियों में सुबह शाम 2-3 किलोमीटर नंगे पैर मंदिर जाता था कि भगवान उसको खुश रखे, अच्छा रखे।
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मैं हमेशा ही माफ़ी मांग लेता था, गलती किसी की भी हो क्योंकि मैं उसको खोना नही चाहता था। पर अब वो बदलने लगी थी।

पहले जो मेरी बात वो मान लेती थी, अब वो वही काम करती थी जिसके लिए मैं उसको मना करता था। अब वो लड़ाई करने का, रिश्ता ख़तम करने का बहाना देखने लगी और एक दिन उसने सब कुछ ख़तम कर दिया क्योंकि वो अपने एक दोस्त के साथ वाटर पार्क गयी थी और वो दोस्त एक लड़का था।

मैंने बहुत मनाया पर उसने कहा हां, मैंने सारी कसम झूठ खायी थी। मैंने अपने मम्मी पापा की कसम झूठ खायी थी अब मेरा पीछा छोड़ दो। मैं तुमसे शादी नही करुँगी।

मैंने उसके पैर तक छुए पर उस पत्थर का दिल नहीं पसीजा।
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आज मैं अकेला हूँ और हमेशा अकेला ही रहूँगा क्योंकि मैंने उसको वादा किया था की अगर तुम नहीं तो कभी कोई नहीं आएगा।…बस यही थी मेरी कहानी।

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