लखनऊ से इम्तियाज की लव स्टोरी – love story of imtiaz from lucknow

Hi फ्रेंड्स। उस समय मैं लखनऊ में इंजीनयरिंग का स्टूडेंट था और वो इलाहाबाद में कॉलेज में पढ़ती थी। मेरा भाई इलाहाबाद में उसको ट्यूशन पढ़ाता था, उसी के मोबाइल में उसने मेरी फोटो देखी थी।

इम्तियाज लव स्टोरी

उसने ही मेरे मोबाइल पर कॉल किया था। मैं मुस्लिम हूं, वो हिंदू थी। पहले मैंने सोचा कि चलो जब तक चलता है, चलने देते हैं लेकिन उसकी बच्चों जैसी बातों से मैं बहुत प्यार करने लगा।
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मैं उसके स्कूल मिलने लखनऊ से इलाहाबाद लगभग 150 किलोमीटर जाता था। मुझे खुशी मिलती थी जब मैं उसको देखता था। वो मुझसे शादी करने की बात करती थी। वो कहती थी कि तुम वैसे ही हो, जैसा ब्वॉयफ्रेंड मैं चाहती थी। यह सुनकर मैं बहुत खुश होता था।

लेकिन उसमें इनसिक्योरिटी फीलिंग बहुत थी और हमेशा शिकायत करती थी कि अगर तुमको मुझसे अच्छी कोई मिल जाएगी तो तुम मुझे छोड़ दोगे। वो कहती थी कि मुझे दूसरी बीवी बना लेना,मैं रह लूंगी।
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फिर अचानक से एक तूफान आया। उसके घरवालों को पता चल गया कि हम दोनों एक दूसरे से बात करते हैं। लेकिन इसके बाद भी वो बात करती रही। वो कहती थी कि मुझे तुमको किसी भी हाल में पाना है।

मैं उसकी बात को सुनकर सुकूं महसूस करता था क्योंकि मुझे लगता था कि घरवालों को पता लगने के बाद शायद वो मुझे छोड़ देगी, लेकिन तब तक ऐसा नहीं हुआ था। हम दोनों के रिश्ते की बात खुलने के बाद मेरे भाई का ट्यूशन छूट गया और वो उसके बाद कोचिंग जाने लगी।
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उसके पड़ोस में एक लड़का रहता था जो उसका दोस्त था और उसकी बहुत मदद करता था। मुझे उस पर शक होता था। टीचर्स डे फंक्शन पर इलाहाबाद में हम दोनों का मिलने का प्लान था।

लेकिन उसने मुझे फोन करके मना कर दिया। उसने कहा कि टीचर्स डे पर कोई फंक्शन नहीं हो रहा, हम नहीं मिलेंगे। लेकिन जब मैंने उसके साथ पढ़नेवाली एक फ्रेंड को फोन किया तो ऐसी बात पता चली कि मैं शॉक्ड रह गया।
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उसने उधर अपनी फ्रेंड को बताया था कि वो टीचर्स डे के दिन मुझसे मिलनेवाली है और इधर मुझे मना कर दिया था। वह उस दिन अपने दूसरे ब्वॉयफ्रेंड से मिलनेवाली थी। मैंने उसकी फ्रेंड को फोन पर कहा कि अच्छा, मैं इलाहाबाद आ रहा हूं, उसे उसके ब्वॉयफ्रेंड के साथ पकड़ने के लिए।

लखनऊ से मैं इलाहाबाद, भाई को बिना बताए गया। स्टेशन पर पहुंचा तो रात हो चुकी थी और मैं रातभर वहीं सोया। सुबह मुझे पता चला कि उसको मेरे इलाहाबाद आने के बारे में पता चल गया था। उसकी जिस फ्रेंड से मेरी बात हुई थी, उसी ने उसको यह बात बता दी थी।
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उसकी फ्रेंड ने मुझसे कहा कि इस बार उसे माफ कर दो और उससे मिल लो। जब वह मिली तो उसने कहा कि थप्पड़ मारना है तो मार लो लेकिन छोड़कर जाना नहीं। मैं तीन महीने बाद उससे मिल रहा था इसलिए मैं प्यार से मिला।

मैंने सोच लिया था कि उससे ब्रेकअप कर लूंगा क्योंकि उस लड़के से उसकी दोस्ती मुझे बहुत डिस्टर्ब करती थी। इसके बाद हम दोनों की फोन पर बात होने लगी।
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वह जिस सिम से मुझसे बात करती थी, वह मेरा ही था। मैंने उससे वह सिम मांग लिया तो उसे लगा कि मैं ऐसा उसे छोड़ने के लिए कर रहा हूं। रात के 3 बजे फोन करके वह बहुत रोई और उसने अगले दिन मुझे मिलने के लिए स्कूल बुलाया। जब मैं मिलने गया तो वहां उसने मुझे सॉरी कार्ड दिया और अपना हाथ दिखाया जिसपर उसने किसी नुकीली चीज से काटकर मेरा और उसका नाम लिखा था।
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लेकिन इसके ठीक एक सप्ताह बाद उसका बर्थडे 4 अक्टूबर को था। 3 और 6 अक्टूबर को उसका एग्जाम था। उसने मुझे मिलने के लिए 3 तारीख को स्कूल में बुलाया लेकिन मैं नहीं जा पाया। 3 तारीख की रात में फोन पर बात करते हुए उसने कहा कि मैं जानती थी कि तुम नहीं आओगे और फोन कट गया।
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4 अक्टूबर को मैंने उसको बर्थडे विश करने के लिए फोन किया तो उसने ऐसा गिफ्ट मांगा कि जो शायद ही आज तक किसी ने मांगा होगा। उसने मुझसे कहा कि मुझे गिफ्ट में यही दे दो कि आज के बाद तुम मुझसे न ही बात करोगे और न ही मिलोगे। मैं बहुत रोया। उसके बाद दो दिन मैंने काफी मुश्किल से काटे। 6 तारीख को उसको मनाने के लिए उसके स्कूल पहुंच गया।
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मिलने गया तो वह रुक ही नहीं रही थी। उसने ये एक्सक्यूज दिया कि हम एक नहीं हो सकते और वो चली गई। जबकि उसी ने मुझे शादी का प्रपोजल दिया था और उसी ने कहा था कि स्टांप पेपर पर लिखकर दो कि मुझे नहीं छोड़ोगे और उसने मुझे छोड़ दिया। बहुत कोशिश करने के बावजूद मैं उसको भूल नहीं पा रहा।

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