love story of jeet from delhi – दिल्ली से जीत की लव स्टोरी

मेरा नाम जीत है। मैं फिलहाल दिल्ली में रहता हूं। वो यूपी के मेरे शहर की रहनेवाली है। 2009 में वो मुझसे मिली थी। मुझसे पहले वो किसी और से प्यार करती थी। वो कोई और नहीं, मेरा कजिन था। लेकिन मेरे कजिन को जब ये लगा कि लड़की शादी के लिए उस पर प्रेशर डाल रही है तो उसने उससे ब्रेकअप कर लिया।

jitu love story
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उस वक्त वो एकदम से टूट गई थी। संयोग ऐसा बना कि उन्हीं दिनों मैं घर पर थाा। मैंने उसे एक मैसेज किया तो उधर से तुरंत उसका कॉल आया। फोन पर वह बहुत रो रही थी। उसने कहा कि वो सुसाइड करने के लिए रूम लॉक करके बैठी थी कि मेरा मैसेज आया। और उसी वक्त उसने मुझमें जीने की राह देखी।

मैंने उसे समझाया, चुप कराया। वो बहुत डिप्रेशन में थी। मैं इसके बाद उसको फोन करके बात करने लगा और उसको डिप्रेशन से निकालने की कोशिश करने लगा। मैं अपने घर जाता था तो उससे मुलाकात होती थी।
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मुझे यही डर रहता था कि कहीं वह कुछ कर न ले। अपने आपसे ज्यादा उसकी केयर करता था। 25 अगस्त 2010 को उसने रात में पौने बारह बजे प्रपोज किया था। मुझे बहुत अच्छा लगा और ये सोचता था कि मेरा कजिन इतनी मासूम लड़की का दिल कैसे दुखा सकता है। मेरा कजिन इंसान नहीं हो सकता।
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और फिर उसके बाद मैंने उसे बहुत ज्यादा प्यार दिया। उसके अंदर अपनी लुक को लेकर, खुद को लेकर थोड़ी हीन भावना थी। वह खुद को सुंदर नहीं मानती थी। तो मैं हमेशा यही कोशिश करता था कि उसके मन से ये बात निकल जाए और अब ये सोचे कि भगवान ने उसे सुंदर बनाकर भेजा है।

वो कहती थी कि किसी ने उससे प्यार नहीं किया तो मैं उसे यकीन दिलाने की कोशिश करता कि उसे बहुत प्यार करनेवाला कोई मिला है।
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उसने अपने शहर से बी टेक कर लिया और इसके बाद वह भी दिल्ली आ गई। यहां उसकी जॉब लगी थी। दिल्ली आते ही वह अचानक बदल गई। मेरी जिंदगी में तूफान आ गया। दिल्ली आई तो अब उसे मुझमें बहुत सारी कमियां नजर आने लगी।

पिछले 6 साल से चल रहा प्यार वह भूल गई। उसको ये भी नहीं पता कि टूट गया होगा कोई। 28 जनवरी 2016 को उसने ब्रेक अप कर लिया। उसने कहा कि अब मेरे अंदर तुम्हारे लिए फीलिंग्स नहीं है, बोर लगते हो मुझे तुम।
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जानेवाले को तो कोई एक छोटा सा बहाना चाहिए और प्यार करनेवाले तो लाखों गलतियों को भी नजरअंदाज कर देते हैं। उसे जाना था बस चली गई। कहती थी कि मेरी जगह उसने किसी और को दे दी है।

अपने ऑफिस के लड़कों से कॉल करवाकर उसने मुझे गालियां दिलवाईं। खुद गालियां देती थी। अपनी फ्रेंड्स के सामने मुझे बुरा-भला कहती थी। मेट्रो स्टेशन पर एक बार उसने मुझे चिल्ला-चिल्लाकर सुनाया।

जब उसे टाइम पास ही करना था तो दुनिया में बहुत लड़के थे। उसे तो पता था न पहले से कि मैं जिससे प्यार करूंगा, उससे कभी दूर नहीं जाऊंगा। कभी-कभी खुद पर अफसोस होता है कि क्यूं लोगों पर भरोसा कर लेता हूं मैं इतनी जल्दी।

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