निशा की दर्दभरी प्रेम कहानी – painful love story of nisha from UP

मेरा नाम निशा है। मेरे घर में अब मैं और मेरी मम्मी हैं बस। दो साल पहले दीदी की डेथ हो गई। उससे पहले मेरी मां डोमेस्टिक वॉयलेंस का शिकार हुई। उनके साथ बहुत मार पिटाई हुई। पापा मेरे पीते थे। मां को पहली बेटी हुई तो उन पर और भी जुल्म हुए। दादा दादी सब उनकी पिटाई करते थे। मां को दूसरा बच्चा लड़का हुआ लेकिन वह ज्यादा दिन जिंदा नहीं रहा क्योंकि मां के पेट पर दादा ने लात मारी थी। उसके बाद मेरी एक और बहन हुई जो 4 महीने में चल बसी। उसके बाद मैं पैदा हुई।

nisha love story
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उस परिवार में मां और हम दोनों पर जुल्म होने लगे। जब मैं दो साल की थी तब मुझे मारने की कोशिश हुई लेकिन मेरी बहन पुलिस के पास शिकायत लेकर चली गई। जिसके बाद मां और हम दोनों बहनें उस परिवार से अलग हो गए। मेरी मां अलग रहने लगी। मेरे पापा अच्छे नहीं थे, उन्होंने शराब के चक्कर में सब बेच दिया था। उनकी भी डेथ हो गई। मेरी मां ने किसी तरह मुझे और मेरी बहन को बड़ा किया।
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मेरी बहन डॉक्टर बन चुकी थी लेकिन वो गुस्सेवाली थी। एक दिन मां ने उसको बहुत डांट दिया और उसने सुसाइड कर लिया। 12 अक्टूबर 2014 को उसकी डेथ हुई। उसके बाद मैं और मेरी मां अकेले पड़ गए। मैं अकेला फील करने लगी।

मैं टूट गई थी। मुझे कोई ऐसा चाहिए था जो मुझे संभाले। मेरी फ्रेंड के बीएफ ने एक लड़के से मुझे मिलवाया था। हम दोनों की पहले बात नहीं होती थी लेकिन दीदी के डेथ के बाद हम ज्यादा बात करने लगे। फिर हम दोनों की मुलाकातें होने लगी और मैं उससे प्यार करने लगी।
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उस समय वो बी कॉम सेकेंड ईयर में था और उसकी मेरी कास्ट सेम थी इसलिए मैं उसको बोलती थी कि हम शादी करेंगे और वो भी यही बोलता था। वो मेरे करीब आता रहा। हम दोनों के बीच जिस्मानी संबंध बन गए।

वो जो जो कहता था मैं इस डर से करती थी कि कहीं वो मुझसे दूर न चला जाए। मुझे उस पर बहुत भरोसा था। उसके बाद उसके घरवालों से बात करने लगी और उसके घर में भी सब मुझसे प्यार करते थे।
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कुछ टाइम बाद उसकी जॉब लग गई तो वो अचानक बदल गया और चिड़चिड़ा सा हो गया। हर बात पर मुझे डांटने और बातें सुनाने की उसकी आदत हो गई। उसके घरवालों ने हम दोनों की कुंडली मिलवाई तो मैं मंगली निकली।

उसके बाद उसके घरवाले भी बदल गए। फिर भी हम दोनों मिलते रहे और हम दोनों के बीच सबकुछ होता रहा। आखिरकार वो मुझे इग्नोर करने लगा। कहता था कि उसको पढ़ी लिखी और सक्सेसफुल लड़की चाहिए, जबकि मैं सिंपल लड़की थी।
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मैं इसके बाद भी उसके पैर पड़ी और कहा कि मैं उसके बिना नहीं जी सकती, पहले मेरी दीदी चली गई और अब मैं तुमसे अलग नहीं हो सकती। पर उसने ये बोल दिया कि मेरे लिए बहुत लड़कियां मरने को तैयार है, तुम भी अपनी नस काटकर मर जाओ। इसके बाद मैं घर आई और मैंने नस काट ली।

घाव ज्यादा गहरा हो गया था तो मां तुरंत मुझे हॉस्पिटल ले गई। मेरे हाथ में 7 टांके पड़े। मैं बच गई। पुलिस को मैंने कुछ नहीं बताया क्योंकि मैं उसकी लाइफ खराब नहीं करना चाहती थी।

उसने मुझसे यह सोचकर रिश्ता तोड़ लिया कि मैं पागल हूं और उसको मैं केस में फंसा दूंगी। आज वो बात कर लेता है लेकिन कहता है कि फ्रेंड बनकर रहेगा। मेरे साथ इतना सब करने के बाद अब वो मेरा दोस्त बनना चाहता है। वह बात भी ऐसे करता है जैसे मुझ पर अहसान करता है इसलिए मैंने उससे अब बात करना छोड़ दिया है।
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उसने मेरे साथ जो किया, वह अच्छा नहीं किया। आज मैं अकेली हूं। मैं तो मर गई हूं। बस अपनी मां के लिए जिंदा हूं। जिंदा लाश हूं। प्लीज गर्ल्स, किसी से प्यार करो तो यूज नहीं होना। क्योंकि यूज करने के बाद उसने मुझसे यही कहा कि मैंने तुमको यूज नहीं किया, तुम खुद यूज हुई हो। उसने मुझे इतना दर्द दिया। अब तो बस यही आस है कि उसको कभी अपनी गलती पर पछतावा हो।
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मैं आप सबसे यही बोलता चाहती हूं कि किसी के लिए सुसाइड ना करना। हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है दुनिया में। मैं एक ऐसे आदमी के लिए मर रही थी जिसे मेरी जान की परवाह नहीं थी। सुसाइड न करना। जियो उनके लिए जो आपके लिए जीते हैं। कभी जीने की उम्मीद खत्म नहीं होती।
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मां के लिए जी रही हूं जिसने मुझे बचा लिया। वो मेरे लिए दुनिया से लड़ जाती है तो मैं क्यों मरूं? मैं अब कायर नहीं हूं, मैं नहीं मरूंगी। कायर वो है जिसने मुझे मरने के लिए कहा, मेरे हाथ में 7 टांके लगने के बाद पता चला कि उसने इंसान ने मुझे पल पल दर्द दिया। मैं अब इस हाथ से कोई काम नहीं कर पाती। ज्यादा लाचार महसूस करती हूं। कभी आप ऐसा गलत कदम ना उठाना। मेरी दुआ है उस रब से कि किसी से उसका प्यार ना रूठे।

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