बिना रोजगार के प्यार कौन करे आखिर – हितेश की रियल लव स्टोरी

मेरा नाम हितेश है। मैं हमीरपुर से हूं। बात 2016 की है जब मैं उन दिनों इलाहाबाद में रहता था और शाम को I.A.S.की कोचिंग करने जाता था। एक हफ्ते बाद एक नई लड़की क्लास में आयी। काली लंबी चोटी और आँखों में काजल उसको और भी खूबसूरत बनाते थे।

hitesh love story
—–
कोचिंग में उसने एक सप्ताह बाद बैच ज्वाइन किया था इसलिए उसका कुछ चैप्टर छूट गया था। उसने कुछ लड़कियों से नोट्स मांगे मगर किसी ने उसे नहीं दिए फिर जब उसने मुझसे नोट्स माँगा तो मैंने दे दिया।
—–
कुछ दिनों बाद उसने मेरा नोट्स वापस कर दिया। एक दिन मैं कोचिंग से वापस लौट रहा था। मेरे मोबाइल पर एक फोन आया। उसने अपना नाम बताया और बोली कि आज मैं कोचिंग नहीं आ पाऊँगी। मैंने पूछा कि मेरा नंबर कहां से मिला तो उसने कहा कि तुम्हारे नोट्स में लिखा था।
—–
वहीं से धीरे-धीरे हमारी दोस्ती गहरी होने लगी। वो हमेशा कोचिंग में मेरे साथ बैठती थी। घर में पढ़ते समय अगर कुछ समस्या होती तो मुझे ही फ़ोन करती थी। हमारी दोस्ती अब प्यार में बदल चुकी थी। उसने अपनी बहन और भाभी को मेरे बारे में बता दिया था। उसने कई बार मुझसे कहा कि मेरे घरवालों से बात करो लेकिन मैं बोला कि इस समय बेरोजगार हूं, तुम्हारे पापा तुरंत रिजेक्ट कर देंगे।
—–
मैंने कहा कि बस इंटरव्यू बचा है, जॉब लगने के बाद तुम्हारे घरवालों से बात करूंगा। लेकिन शायद किस्मत को हमारा साथ मंजूर नहीं था। मैं फाइनल इंटरव्यू से बाहर हो गया। इसके बावजूद उसने कहा कि मैं उसके पापा से बात करूं। मैंने कहा कि अगर तुम्हारे पापा शादी के लिए मान भी गये तो मैं अपने प्यार को बिना अच्छी नौकरी के अच्छी जिंदगी नहीं दे पाऊंगा और मैंने बात करने को मना कर दिया।
——-
फिर एक दिन उसके पापा का रिटायरमेंट हो गया और वो परिवार के साथ इलाहाबाद छोड़कर चली गई। वो मेरे बात करने का इन्तजार करती रही। इसे वो मेरा एटीट्यूड कहे या खुदगर्जी, मै नहीं जानता हूं। उसकी शादी मई में होनेवाली है। मैं क्या करता, बेरोजगार होने की वजह से अपने प्यार को मैं अपना न सका।
—-

Advertisements

Leave a Reply