मैं लड़कों से नफरत करती थी लेकिन मुझे भी प्यार हो गया – डिंपल की लव स्टोरी

मैं बचपन से यही सोचती थी कि मैं कभी किसी से प्यार नहीं  करूंगी। पर मुझे ये नहीं पता था कि प्यार करते नहीं हैं, प्यार हो जाता है। बात तब की है जब मैं 12वीं में थी। एक दिन कोचिंग से लौटते समय मेरी फ्रेंड ने अपने बीएफ से बात करने के लिए मेरा फोन लिया लेकिन नंबर किसी और लड़के को जाकर लग गया। अब उधर से वह लड़का बोल रहा था कि वह उसका बीएफ नहीं है लेकिन हमलोग सोच रहे थे कि वह झूठ बोल रहा है। मुझे लगा कि वह लड़का उसे धोखा दे रहा है। इसकी वजह भी थी क्योंकि मैं लड़कों से नफरत करती थी।

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उसी रात में उस लड़के ने फिर फोन किया लेकिन मोबाइल तो मेरा था। मैंने फोन उठाया तो फिर वह उधर से बोलने लगा कि वह गलत लड़का नहीं है। मैंने उससे कहा कि मैं वो लड़की नहीं हूं जिससे तुमने बात की थी। मैं उसकी फ्रेंड हूं। हम दोनों की देर तक बातें होती रहीं। वह जबलपुर का था।  उसका नाम आशु था।
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उस कॉल के बाद भी हम दोनों फोन पर बात करते रहे। आशु मेरा फोन फ्रेंड बन गया। पता ही नहीं चला कि कब आदत हो गयी और प्यार भी। हम हर टाइम बात करते रहते थे। 4 साल हो गए थे। इतने सालों में मैंने कभी उससे ये नहीं कहा था कि मुझे शादी करनी है। उसने मुझसे खुद कहा कि हम शादी करेंगे। मैंने उसके भरोसे ही अपनी लाइफ छोड़ दी। वो मुझसे बहोत प्यार करता था। मैं बिजी होने के कारण कभी कॉल नही अटेंड कर पाती तो आशु बहोत रोता था। मैंने कभी किसी को प्यार में इतना रोते हुए नहीं देखा।
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फिर अचानक पता नहीं ऐसा क्या हो गया कि उसने मुझसे बात ही बंद कर दी। मैंने कई महीनों तक उसे कॉल किया लेकिन उसने कॉल नहीं उठाया तो मैं बहोत रोयी। मुझे नींद ही नहीं आती थी। मैंने एक फ्रेन्ड से नींद की गोलियां ले ली ओर 2 महीने तक गोलियां खाई। फिर गुस्से में एक दिन पूरा पैकेट ही गोलियों का खा लिया। उसी टाइम मेरी सिस्टर भी कॉलेज से घर आ गयी। उसने ऐसा देखा तो गुस्सा  हो गयी और उसने आशु को ये बात बता दी।
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मेरी सिस्टर सब जानती थी पर उसकी बातों पे आशु ने यकीन नहीं किया। मेरी सिस्टर ने मेरी हेल्प की और डॉक्टर को दिखाया। आशु हमारी सिटी से 250 किलोमीटर दूर रहता था। हम कभी मिले नहीं। पूरा एक साल हो गया पर उससे कोई बात नहीं हुई। मैं आज भी वेट कर रही हूं और बहोत अच्छे से जानती हू कि अब वो दोबारा कभी नहीं आएगा। बहोत जिद्दी है वो। मेरा प्यार पर से यकीन ही उठ गया है। शायद प्यार होता ही नही हैं। हम सबको गलतफहमी हो जाती है। मैं आज खुश हूं पर आशु को बिलकुल भी नहीं भूल पायी। शायद कभी नही भूल पाऊँगी।
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मेरी कॉलोनी में एक लड़का रहता है जो मुझसे 2 साल छोटा है। उसने मुझसे कहा कि वो मुझसे प्यार करता है लेकिन मैंने उसे  आशु के बारे में उसे बताया और कहा कि मैं उसी से प्यार करती हूं। फिर भी उस पर कोई असर नहीं हुआ। उसने कहा कि ठीक है, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। उसने अपने घर में अपनी मम्मी को सब बता दिया और मुझसे शादी के लिए दबाव डालने लगा। मैंने उससे बात करनी बंद कर दी क्योंकि मैं उससे उम्र में बड़ी हूं और शादी भी नहीं कर सकती थी। उसे ये लग रहा है कि मैंने उसे धोखा दिया। पर मैं करती भी क्या…मुझे आज भी किसी पर यकीन नहीं होता।

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