बेटी अगर प्यार करे तो मां-बाप की इज्जत क्यों खराब होती है- उत्तराखंड से अंजिल की लव स्टोरी

मैं उत्तराखंड से अंजलि हूं। मेरे घर में मेरे लिए रिश्ते आ रहे थे तो मैंने उनको मना किया और अपने ब्वॉयफ्रेंड से लव के बारे बताया। यह सुनकर मेरी फैमिली ने मुझे बहुत सुनाया, हंगामा खड़ा किया पर मैं जिद पर अड़ी रही। खाना तक नहीं खाया इसलिए वो लोग झुक गए और ब्वॉयफ्रेंड के मां-बाप से बात करने को राजी हो गए।

love story of anjali
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मेरा ब्वॉयफ्रेंड मुझसे दो साल छोटा है। उसकी मम्मी ने मेरे घरवालों से कहा कि शादी के लिए तैयार हैं लेकिन तीन साल बाद करेंगे। मेरी फैमिली ने कहा कि सगाई के बाद हम एक साल से ज्यादा इंतजार नहीं करेंगे। इसके बाद मम्मी-पापा ने फिर मुझे बहुत सुनाया, गालियां दी। कहा कि मर जाती तो अच्छा था।
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उधर मेरे ब्वॉयफ्रेंड ने अपनी फैमिली को मनाने की कोई कोशिश नहीं की। सिर्फ एक बार पापा से कहा था जिसके बाद इतनी सारी बातें हम दोनों की फैमिली के बीच हुई। इसके बाद मेरे ब्वॉयफ्रेंड ने न कोई जिद की और न ही कोई बात की। बस मुझसे ये कहता रहा कि भाग चलो मेरे साथ। मैंने उससे कहा कि फैमिली को मनाने की तुममें हिम्मत नहीं लेकिन भागने की हिम्मत है।
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इन सबके बाद मेरे मन में बहुत से सवाल आए। किसी को हम पसंद करते हैं तो परिवार, समाज हमें गलत कहता है। हम लाइफ में हजारों से मिलते हैं लेकिन पसंद किसी एक को करते हैं। क्यूं मां-बाप, फैमिली हमारी पसंद को जानकर हमें बुरा कहती है, गालियां देती है, मारने की धमकी देती है। बेटी अगर किसी को पसंद कर उससे शादी कर खुश रहे तो उसमें घर की इज्जत और लोग क्या कहेंगे का सवाल मां-बाप उठाते हैं।
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मेरे केस में एक और सवाल मुझे परेशान करता है। जब मैंने गालियां खाने और जिद करने के बाद फैमिली को मना लिया और मां-बाप एक साल में शादी के लिए तैयार हो गए तो मेरा ब्वॉयफ्रेंड क्यों नहीं अपनी फैमिली को मना पाया? जब मैंने लड़की होकर इतना कुछ किया तो वो लड़का होकर अपनी फैमिली को मना नहीं पाया? उसकी फैमिली 3 साल बाद शादी करना चाहती थी तो वो उनको 1 साल में करने के लिए मना सकता था, कोशिश तो कर सकता था, वो भी नहीं किया। मेरे घरवालों ने तो मुझे बोल तिया कि ऐसा कर तू मर जा या घर से निकल जा, चली जा, लड़कियों को अपनी औकात में रहना चाहिए, लड़की है तो लड़की बनकर रह।
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मेरे इन सवालों के जवाब शायद कभी नहीं मिलेंगे पर मैं अब टूटूंगी नहीं, ना ही कमजोर पड़ूंगी। बस यही सवाल मुझे सबक दे गया है कि मैंने बहुत कुछ सीख लिया है इन चीजों से।

इन दिनों मेरी क्या हालत है इस बारे में मेरा ब्वॉयफ्रेंड सब जानता है लेकिन साथ देने के बदले मेरा कॉल नहीं उठाता, मैसेज का रिप्लाई नहीं देता। हमारा रिश्ता चार साल से चल रहा है और आज जिन हालातों में आकर टूट गया, मेरे घरवालों ने मुझे कितनी गंदी-गंदी बातें कहीं, जो मैं कह भी नहीं सकती। एक तरफ मां-बाप कहते हैं कि हम उनके बच्चे हैं और दूसरी तरफ हमारी जिंदगी को घर की इज्जत और लोग क्या कहेंगे पर टिका देते हैं।

इंडिया में कब लोग घर की इज्जत, लोग क्या कहेंगे, कास्ट, जैसी चीजों के बारे में सोचना छोड़ेंगे। हीरो हीरोइन तो धर्म तक नहीं देखते फिर भी लोग कितनी आसानी से कहते हैं कि उसने उससे शादी कर ली। उनको छूट कि जितनी मर्जी चाहे उतनी शादी करो।
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इंडिया में तभी ये बात सच है कि समाज की ये बातें कि लोग क्या कहेंगे, हम जैसे छोटे लोगों के लिए होती हैं, जो जितना बड़ा होता है उसके लिए ना हमारा समाज इन बातों को कहता है, न कोई और कुछ कहता है। इंडिया के लोगों को बहुत बदलने की जरूरत है ताकि वो अपने बच्चों को समझ सके, जो लोग सुसाइड कर लेते हैं, उन बच्चों को हौसला देना चाहिए कि वो नई जिंदगी की शुरुआत कर सकें।

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