मैं ब्वॉयफ्रेंड के बारे में घर में बताया तो बवाल हो गया – उत्तराखंड से आशिता की लव स्टोरी

हेलो, मै आशिता, उत्तराखण्ड के चम्पावत जिले से। जज्बात पेज पर बहुत सी कहानियां पढ़ीं तो लगा कि बस आज मैं जिन सब चीजों से गुजरी हूं, उन सब से बहुत से लोग गुजर रहे हैं। किसी को पसन्द करना कोई गुनाह है क्या? हम लाइफ में हजारों से मिलते हैं पर हम साथ रहने की बातें किसी एक से ही करते हैं। लड़कों को परिवार में कहा जाता है कि कोई है तो बता दे लेकिन लड़की बताये तो गिरी हुयी और चरित्रहीन हो जाती है।

aashita love story
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भले बेटी परिवार की इज्जत के लिए मर्यादा में रहे, क्यों बार बार उसे अपनी पसन्द से कुछ मांगने पर सुनाया जाता है? क्यों उसे कहा जाता है कि अपने आगे-पीछे सबकी सोच? क्या उसकी कोई ज़िन्दगी नही होती? क्यों उसे कहा जाता है कि जा अपनी पसन्द से कर ले शादी मन्दिर में, उसके बाद कभी मुह मत दिखाना, फिर तेरा कोई मां बाप नहीं, भाई नहीं, बहन नहीं या फिर वो कर जो हम कहें? वो लड़का कास्ट का हो भी तब भी मां बाप बस एक ही बात कहते हैं कि हमने तो इस कास्ट का नाम सुना नहीं है। लोग क्या कहेंगे और घर की इज्जत पर बात आ जाती है।
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क्या लड़कियों को बस हर बार मर-मर कर जीना होगा? हमने जब किसी को पसन्द किया तो कुछ तो सोचा होगा, रास्ते तो बहुत होते हैं पर सही रास्ते पर चल कर सबकी मर्जी से कुछ करना चाहें तो बस एक ही सवाल कि लोग क्या कहेंगे? दूसरे रास्ते अपना लो तो भी वही घर की इज्जत और लोग क्या कहेंगे।
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आज मैं भी वहीं खड़ी हूं। मेरा 4 साल का प्यार इन्हीं बातों में घूम रहा है। मैंने भी अपने ब्वॉयफ्रेंड के बारे में घर में बताया तो उसके बाद से मुझे सुना सुना कर मेरी हिम्मत तोड़ दी गयी है। बस मुझे परसों सुबह तक का वक़्त दिया गया है कि या मैं उनकी बात मान लूं और अपना प्यार भूल जाऊं या फिर मन्दिर में शादी कर सब से रिश्ता तोड़ जाऊं। क्यों कोई ये नहीं समझ रहा है कि और भी तो रास्ते थे जो हमने नहीं चुने। कहते हैं कि उसकी कास्ट हम ने कभी सुनी ही नहीं और हम पता भी क्यों करे?
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मेरे मां बाप कहते हैं कि अपनी मर्जी से शादी कर कोई खुश नहीं रहता है पर मैं किसी और से शादी कर कैसे खुश रह पाऊँगी? मै उस रिश्ते में जहाँ मजबूरी हो, खुश नहीं रह पाऊंगी। लड़के की मम्मी ने घर बात भी। उन्होंने मेरे मां पापा को कहा किआपस में मिलकर बच्चों की पसन्द को रिश्ते का नाम दे देते हैं। मुझे लगा कि मेरे आंसू देख पिघल जायेंगे पर नहीं। पूरा दिन मुझे फटकारते रहे, ताने देते रहे और परसों तक का वक़्त दे गए। ये धमकी भी दी कि समझ जा वरना बदनामी तो होनी है एक बार फिर हमें चुप करना भी आता है अच्छे से।
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मेरी छोटी बहन अभी दसवीं में पढ़ती है। मेरे मां बाप ने मुझे धमकी दी है कि अगर मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड से शादी करूंगी तो उसके बाद वो मेरी छोटी बहन की शादी इसी एज में कर देंगे और उसकी जिम्मेदार भी मैं होऊंगी। मुझे मेरे परिवार ने मजबूर कर दिया है। मैं मरना चाहती हूं लेकिन मर भी नहीं सकती।
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हम किसी को पसन्द कर गुनाह करते हैं क्या? गलत रास्ते ना अपनाकर घर में बात करते है तो गलत करते हैं क्या? हमें हक़ नहीं है कि हम मजबूरी में किसी तीसरे से शादी कर उसकी ज़िन्दगी और परिवार बर्बाद कर दें। फिर क्यों ये सब बातें हमारे परिवारवाले नहीं समझते हैं?

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