हम दोनों घर से भागे थे लेकिन घरवालों ने हमारे प्यार को खत्म कर दिया – जगत की लव स्टोरी

मेरा नाम जगत चौधरी, भरतपुर, राजस्थान से हूं। मै नर्सिंग पूरी कर चुका हूं, जॉब करता हूं, दिल्ली के एक हॉस्पिटल में अच्छा पैकेज है। मैं पिछले साल अपने एक दोस्त के साथ ग्वालियर जा रहा था तो मेरे उस दोस्त से मिलने उसकी गर्लफ्रेंड आयी और उसके साथ उसकी सहेली भी आई थी।

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वो स्टेशन पर करीब 30 मिनट रुकी। हम लोगों में दोस्त ने जान-पहचान करवा दी। उस लड़की से दोस्त बात करता था तो मैंने एक दिन उससे नंबर मांगा तो उसने दे दिया। हम लोगों में बात स्टार्ट हो गयी। बस दोस्तों की तरह ही बात करते थे। एक दूसरे के बारे में सब जानते थे। जब हम दोनों भरतपुर आये तो उसको कॉल किया तो वो कॉलेज में थी। वो आ गयी तो हम लोगों ने काफी टाइम साथ में निकाला।
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वो स्पोर्ट्स से थी हॉकी को स्टेट लेवल पर खेल चुकी थी। बहुत ओपन माइंडेड थी लेकिन फेमिली मिडिल क्लास थी और सोच उनकी लोअर क्लास थी। उसके पापा राजस्थान पुलिस में हैं। हमें काफी टाइम हो गया बात करते-करते। एक दिन उसके घर वालों को पता चल गया कि वो किसी लड़के से बात करती है तो उसके फ़ोन, स्कूटी सब घर वालों ने रख लिए। उसको ना तो खेलने दिया जाता, ना घर से बाहर निकलने दिया जाता।
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मुझे बहुत टेंशन हो रही थी तो मैंने जो लड़की उसके साथ स्टेशन आयी थी, उसको कॉल किया कि स्वीटी से बात नहीं हो पा रही है। वो लड़की उसके घर गयी उसने बात करवाई 5 मिनिट तब उसने बताया कि ऐसा हुआ है। बोली कि कुछ टाइम लगेगा ठीक होने में, उसके बाद हमारी बात फिर से चालू हो गयी। तब उसने बताया कि उसके घर वाले उसको कितना टॉर्चर करते हैं, कोई ढंग से बात नहीं करता, कॉलेज में जाती है तो कोई ना कोई साथ जाता है, ट्यूशन भी कोई न कोई साथ जाता है।
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एक दिन उसका फ़ोन आया कि कहा कि मैं थक गयी हूं सहते-सहते, कैदियों सा बर्ताव होता है मेरे साथ, बताओ मैं क्या करूँ। हम एक दूसरे को खूब पसंद करते थे लेकिन कभी कहा नहीं। आपस में हम जब भी मिलते खूब मस्ती करते, हर बात शेयर करते लेकिन जब उसका फ़ोन आया तो उसने कहा कि मैं नहीं जी सकती ऐसे माहौल में, मर रही हूं मैं तो मैंने उसको समझाया पर वो नहीं मानी। बोली कि या तो मैं मरूँगी या मुझे ले चलो।
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मैं उसे भगाकर दिल्ली ले आया। इसके बाद उसके पापा मेरे एक दोस्त की मदद से दिल्ली पहुंच गए। उन्होंने हम दोनों से वादा किया कि शादी करा देंगे। लड़की के पापा मेरे घर गए और शादी का प्रस्ताव रखा। मेरे घरवालों को कुछ पता नहीं तो उन्होंने टाइम मांगा। लेकिन इसके बाद घरवाले मुझे टॉर्चर करने लगे। वो कहने लगे कि लड़की दूसरे कास्ट की है, अपनी बहन के बारे में सोचो, उससे कौन शादी करेगा, इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी। मेरे घरवाले इधर मुझे समझा रहे हैं और उधर मेरी गर्लफ्रेंड के घरवालों ने उसकी बुरी हालत कर रखी है। उसके साथ मारपीट करते हैं।
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पुलिस की मदद लेने गया तो वहां भी बात नहीं बनी। उसके घर वाले उधर मेरे खिलाफ एप्लीकेशन दे आये थाने में और इधर मेरे घर वालों ने पुलिस स्टेशन जाकर उनके खिलाफ रिपोर्ट कर दी।
अब अगर डायरेक्ट कोर्ट जाता हूं तो लड़की उनके कब्जे में है, डर है कि दबाव में कहीं वो स्टेटमेंट ना बदल दे क्योंकि उसके साथ जानवरों जैसा सलूक हो रहा है। अब ऐसे में मेरा बुरा हाल है…हमारे समाज में प्यार का ऐसा अंजाम घरवाले कब तक करते रहेंगे।

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