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मैंने उसके लिए दुनिया छोड़ दी और वो फिर भी मुझे भूल गया – प्रीत की लव स्टोरी

मैं यहां उसकी यादों में रोती रहती हूं। जो मेरे लिए आंसू बहाता था वो आज मुझे भूल गया। इधर मेरे ससुरालवाले भी नहीं चाहते कि अब मैं वहां रहूं और मेरा बीएफ भी मुझे भूल गया। जिसके लिए मैंने दुनिया छोड़ दी, क्या वो मेरा सच्चा दोस्त बनकर नहीं रह सकता था। आप ही बताइए, अब मेरे लिए क्या रास्ता है?

मेरा नाम प्रीत है और मैं एक मिड्ल क्लास की हैंडिकैप लड़की हूं। उससे मेरी मुलाकात कोचिंग इंस्टीट्यूट में हुई थी। वो मुझे पहली नजर में ही बहुत अच्छा लगने लगा और मैं उसके पास वाली सीट पर ही बैठने लगी। धीरे-धीरे उसको भी मुझसे प्यार हो गया और वो मुझे देखने मेरी गली में आने लगा।

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कुछ समय के बाद मेरी शादी की बात घर में होने लगी। जब मैं उससे ये कहती तो वो बहुत रोता और कहता कि मैं तेरे बिना नहीं रह सकता। मुझे भी उस पर पूरा भरोसा था पर हमारा धर्म अलग-अलग था और मेरे पैरेंट्स की समाज में एक पहचान थी जिस वजह से मैं ब्वॉयफ्रेंड के साथ शादी के बारे में कभी सोच नहीं पाई।
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वो भी ये जानता था कि शादी नहीं हो सकती तो हमने कभी शादी का सपना भी नहीं देखा पर एक वादा किया था कि हम एक दूसरे को कभी भी नहीं भूलेंगे। एक दिन मेरी शादी हो गई और जब मेरे फेरे हो रहे थे तो वो मेरे सामने बैठा बहुत रो रहा था। मुझे बहुत दुख हुआ कि मैं उसे छोड़कर जा रही हूं। कहीं वो कोई गलत कदम न उठा ले।
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मैंने उसके दोस्तों से उसका ख्याल रखने को बोला और मैं ससुराल आ गई। ससुराल में सब मुझे अपाहिज समझ रहे थे क्योंकि उन लोगों ने शादी सिर्फ दहेज के लिए ही की थी। मुझे वहां किसी का भी नेचर समझ नहीं आया। मेरे हसबैंड ने तो पहली रात में ही अपना असली रूप दिखा दिया। मैंने सब बर्दाश्त किया। सब लोग सिर्फ पैसों की ही बात करते रहते थे।
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मेरा दिमाग खराब होने लगा और हसबैंड से मेरी लड़ाई होने लगी। मुझे मेरे प्यार की याद आने लगी और मैं कुछ दिनों के लिए मायके आ गई। मैं जैसे ही स्टेशन पर उतरी, मेरा ब्वॉयफ्रेंड मेरे सामने था। बहुत बेबस सा, मायूस सा, मुझे उसको देखकर बहुत दुख हुआ। मैंने उससे बात की तो उसने मुझे अपने दोस्त के घर मिलने बुलाया।
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दोस्त के यहां वो मेरे गले लगकर बहुत रोया। बोलोा कि मैं नहीं जी पाऊंगा तेरे बिना। कहने लगा कि मैं आज तेरे सामने ही जान दे दूंगा। मैंने बहुत समझाया पर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था। मैंने पूछा कि क्या चाहते हो तुम, अब तो मेरी शादी हो चुकी है और अब तुम्हारा ये पागलपन सही नहीं है, तुम भी जल्दी शादी कर लो।

मेरी बात सुनकर उसने कहा कि ये नामुमकिन है, मैं तेरे जैसा नहीं हूं जो मुझे अकेला छोड़कर चली गई, मैं तेरी कसम खाता हूं कि तब तक शादी नहीं करूंगा जब तक तू मुझे अपना नहीं लेती, तू ससुराल छोड़ दे, वहां तुझे कोई नहीं चाहता, तू यहीं रह।
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ब्वॉयफ्रेंड ने कहा कि छोड़ दो अपने पति को जिसको तेरी परवाह नहीं। मेरे मन ने उसकी बात मान ली और मैं ज्यादातर मायके में ही रहने लगी। वो मुझे मेरी गली में रोज आकर देखता था। फोन पर उससे घंटों बातें होती थी। कई महीने बीत गए और मैंने उसके लिए अपने हसबैंड को अहमियत नहीं दी।
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एक दिन उसको किसी दूसरे शहर से जॉब का ऑफर आया और वो मुझे यहां छोड़कर चला गया। वहां उसकी एक दूसरी लड़की से दोस्ती हो गई और वे दोनों बहुत करीब आ गए। उसने मेरा फोन उठाना भी कम कर दिया। एक दिन मैंने फोन किया तो उसी लड़की ने उठाया। मैंने उसको अपने बारे में सारी बातें बता दी तो उसने कहा कि अगर आप उससे शादी कर सकती हो तो मैं उसे छोड़ दूंगी।
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मैं यहां उसकी यादों में रोती रहती हूं। जो मेरे लिए आंसू बहाता था वो आज मुझे भूल गया। इधर मेरे ससुरालवाले भी नहीं चाहते कि अब मैं वहां रहूं और मेरा बीएफ भी मुझे भूल गया। जिसके लिए मैंने दुनिया छोड़ दी, क्या वो मेरा सच्चा दोस्त बनकर नहीं रह सकता था। आप ही बताइए, अब मेरे लिए क्या रास्ता है?

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