वो मेरी जिंदगी में आया और बरबाद करके चला गया – रोशनी की लव स्टोरी

मेरा नाम रोशनी है। मैं गुवाहाटी में रहती हूं। कहते हैं कि प्यार सबके नसीब में नहीं होता, मेरे हिस्से में भी एक शख्स प्यार बनकर आया। मैं असम की हूं और वो जम्मू का है। हम दोनों फेसबुक पर मिले, दोस्ती हुई और फिर ये दोस्ती और गहरी होती गई। मेरी फैमिली ने वैष्णोदेवी जाने का प्रोग्राम बनाया तो मुझे बहुत खुशी हुई। मुझे लगा कि भगवान हमारे प्यार के साथ है।

roshni love story
—–
जम्मूतवी स्टेशन पर वो मिलने आया था। वो स्टेशन पर हमारे पीछे-पीछे चला। वैष्णोदेवी की यात्रा के दौरान हम मिले और सफर में बहुत सी बातें की। दर्शन भी साथ में किया। बहुत खूबसूरत सफर था वो जिंदगी का। जब हम वापिस लौट रहे थे तो मैं चुपके से उससे मिलने गई। उसने कहा कि जल्दी तुमको लेने आऊंगा, यकीन तो है न मुझपर। मैंने कहा, नहीं है यकीन।
—–
फिर उसने मेरे सर पर हाथ रख कहा कि अपने मां-बाप की कसम खाकर कहता हूं कि जिंदगी में कोई भी मोड़ आए, तुमको कभी नहीं छोड़ूंगा, दुनिया की सबसे खूबसूरत मेरी दुल्हन होगी, पूरी दुनिया जलेगी मेरी किस्मत पर। उसने कहा कि मैं पहली बार पैरेंट्स की कसम खा रहा हूं जिसे मैं पूजता हूं। अब तो यकीन है न। मैं खुश होकर वापस लौटी।
—–
प्यार का कारवां चलता रहा। 2 साल गुजर गए। इस बीच हम दोनों एक बार दिल्ली में मिले और मंदिर में चुपके से शादी कर ली थी। मेरी फैमिली में मेरी मां और भाई हैं। पापा नहीं हैं। मैंने उनको अपने ब्वॉयफ्रेंड के बारे में बताया था लेकिन मंदिर में शादी की बात छुपाई थी। मेरी शादी के लिए रिश्ते आ रहे थे जिनको मैंने ठुकराया था तो मां और भाई मुझसे खफा हो गए।
—–
वो मुझसे 2 साल तक ये कहता रहा कि नौकरी मिल जाएगी तब लेने आऊंगा। पिछले पांच महीने से उसने अपना रंग बदल लिया है। अब कहता है कि उसके मां-बाप उसकी शादी कहीं और करना चाहते हैं। कहता है कि जिस मां-बाप ने पाल पोसकर बड़ा किया उसको तेरे लिए कैसे छोड़ दूं। अगर मैंने उनकी मर्जी से शादी नहीं की तो मेरी फैमिली तबाह हो जाएगी। तू मेरी बात समझकर अपनी जिंदगी में आगे बढ़। या फिर उस लड़की को अपनी सौतन बना ले। तुझे मैं अलग से सबसे छुपाकर रखूंगा और प्यार भी दूंगा। पर तुझे उम्रभर सबसे छुपकर रहना होगा।
—–
मेरे मां और भाई ने बहुत समझाया था मुझे कि वो सही लड़का नहीं है, धोखा देगा तुझे लेकिन हमने अपने सारे रिश्तों से बगावत की थी जिसने भी मेरे प्यार को गलत कहा था। पूरी तरह अंधा कर दिया था उसने हमें कि मैं कुछ सोच-समझ ही नहीं पाई।
—–
अभी वो ऐसे-ऐसे वर्ड बोलता है कि सहन नहीं होता। चाहकर भी उसे दिल से निकाल नहीं पा रही हूं। दिल से उसे पति मान चुकी हूं। सबसे छुपकर रोज सिंदूर लगाती हूं उसके नाम का। पर वो कहता है कि अब वो हमें कभी नहीं मिल सकता। वो हमसे बात करे, इस काबिल भी हम नहीं रहे।
——
दिन-ब-दिन मेरी हेल्थ खराब होती जा रही है। उसके कड़वे शब्दों से टूट चुकी हूं। बहुत मिन्नतें कीं। बहुत रिक्वेस्ट की उससे। मंदिर, चर्च, गुरुद्वारे, हर जगह गई, मन्नत मांगी। लेकिन न हालात बदली न वो बदला। मुझे ब्लड इंफेक्शन हो गया है और हार्ट में दर्द की वजह से उल्टी में खून भी निकलता है। डॉक्टर ने तनाव से मुक्त रहने और खुश रहने की सलाह दी है। ट्रीटमेंट चल रहा है। आज इस हॉस्पिटल के एक कमरे में बैठकर अकेले तन्हा सोच रही हूं कि कहां गलती हुई हमसे। कुछ समझ नहीं पाई। हॉस्पिटल में पड़े-पड़े पापा की बहुत याद आती है जिनको बचपन में ही खो दिया था।
—-
वो खुशी से अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा है। नई जिंदगी के सपने किसी और लड़की के साथ सजा रहा है। मेरी जिंदगी के सारे रंग छीनकर वो अपनी दुनिया उसी रंग से सजा रहा है। इस हाल में पहुंचाकर भी उसे सुकून नहीं मिला। अब वो मेरे दर्द पर नमक छिड़कने आता है। कहता है कि जितनी बद्दुआ देनी हो दे लेकिन मैं फैमिली के खिलाफ नहीं जा पाऊंगा। जिस वक्त तुझसे मिला, वो वक्त ही मनहूस था।
——
वो हंसते हुए दोस्तों के साथ शादी का प्रोग्राम बना रहा। बहुत खुश है वो हमें डिस्ट्रॉय करके। इस कदर वो अपना किरदार बदलेगा, कभी सपने में भी नहीं सोचा था। अच्छा सबक तो दिया उसने लेकिन किस्मत ने भी साथ न दिया कि हम भी कुछ अच्छा कर उसे दिखा सकें। हर वक्त एक खौफ सा रहता है। मौत की आहट कानों में हर वक्त गूंजती है। अफसोस कि अपना दर्द किसी से बांट सकूं, ऐसा कोई नहीं है अब पास।
——
जीवन के कई पड़ाव होते हैं। हर पड़ाव के अपने रंग, खासियत और तकाजे होते हैं। बचपन जहां मासूम शरारतों, किलकारियों का झूला होता है, वहीं जवानी सपनों, ईच्छाओं और चाहतों का अंतहीन सिलसिला। मेरे हिस्से में जो बचपन आया था उसमें बहुत दिनों तक मासूम रह पाने की गुंजाइश नहीं थी। आसपास का वातावरण ऐसा था कि जिसमें हंसना मुश्किल था। छोटे कदमों से जब मैं बचपन से जवानी की दहलीज तक पहुंची तो वहां भी खुशियों का अकाल था।
—–
उसने आकर मासूम दिल में सोया हुआ प्यार जगाया। झूठे रस्मों कसमों से ऐसे बांध दिया कि उसके सिवा कुछ नजर ही नहीं आया। मेरी मासूमियत को लूटकर वो अपनी दुनिया संवारने दबे पांव चला गया, अपने कदमों के निशान दिल की गीली रेत पर छोड़ कर। अब जिंदगी हर पल की लड़ाई है। जीना, मरने से ज्यादा कठिन है। जीवन के इस रात-दिन के कुरुक्षेत्र में यौवन के रेशमी फूल अनखिले ही रह गए। ना मुरादें रंग लाई, ना दुआएं कुबूल हुईं।

Advertisements

One thought on “वो मेरी जिंदगी में आया और बरबाद करके चला गया – रोशनी की लव स्टोरी”

  1. Mera Naam amlesh hai mai Bihar ka hu mai sapna see pyar Karta hu hum Dono ki bahut hi dukh Bhari kahani hai mai cah Kar bhi use pa na saka Abhi bhi mai use cahta hu ab hum Dono bichher gay hai ab o mujhe chahti hai ya mahi pata nahi I love you Meri jaan sapna I miss you
    I am waiting for you my sweet heart

Leave a Reply