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मैं उसके धोखे के साथ जी सकती हूं लेकिन उसके बिना नहीं – दीपा की लव स्टोरी

मैं उससे कहती हूं कि तुम मुझको या अपनी वाइफ में से किसी एक को धोखा दे रहे हो लेकिन वो कहता है कि मैं तुम दोनों को बराबर प्यार करता हूं। वो झूठ बोलता है लेकिन मैं उसके धोखे के साथ भी जी सकती हूं, उसके बिना नहीं रह सकती हूं।

मैं दीपा 21 साल की हूं। दिल्ली के द्वारका से हूं। छह साल पहले 2011 में मेरे पापा की डेथ हो गई थी। उस समय में मैं 12वीं में थी। उसके बाद मेरी पढ़ाई छूट गई और मैं जॉब करने निकल गई। मुझे एक कंपनी के एडमिन में जॉब मिल गया। वहां मैं चुप चुप सी रहती थी। सिर्फ काम करती थी, किसी से बात नहीं करती थी और ना ही हंसती थी।
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मैं बहुत सैड रहती थी तो एक लड़का मेरे ऑफिस में मुझसे बात करने की कोशिश करता था। वह मुस्लिम है। वह दूसरों से मेरे दुखी होने की वजह पूछता रहता था कि ये ऐसे क्यों रहती है। उसने एक दिन मुझे प्रपोज किया तो मैंने मना कर दिया। उसने कहा कि मैं तुमको सारी खुशियां दूंगा, तुमको बहुत खुश रखूंगा। बहुत से वादे किए फिर भी मैंने मना कर दिया।
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उस टाइम मैं किसी से प्यार करने के कंडीशन में नहीं थी। मैं बहुत दुखी रहती थी। इसके बाद उसने सुसाइड करने की कोशिश की तो मुझसे रहा नहीं गया और मैं उसके प्रपोजल को एक्सेप्ट कर लिया। मेरे अंदर उस वक्त उसके लिए कोई फीलिंग नहीं थी। मैंने उसको अपना फ्रेंड बनाया।

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हम दोनों साथ घूमने-फिरने लगे। फिर मुझे प्यार हो गया उससे। बहुत ज्यादा। जितना प्यार वो मुझसे करता है, उससे भी कहीं ज्यादा। पिछले छह सालों में हम दोनों ने एक ही कंपनी में जॉब की। हम दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाते थे।
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उसने मेरी मां से शादी के लिए बोला लेकिन मां ने मना कर दिया। धीरे-धीरे वक्त गुजरा और एक दिन मुझे छह महीने पहले पता चला कि उसकी शादी हो रही है। पापा की डेथ के बाद यह मेरी लाइफ में दूसरा बड़ा झटका था। मेरे ही सामने मार्च 2017 में उसकी शादी की तैयारी हुई और शादी हो भी गई। मैं कुछ नहीं कर पाई।
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शादी उसके लिए एक मजबूरी थी या जानबूझकर की, यह मुझे पता नहीं पर हम जैसे थे वैसे ही बात करते रहे, मिलते-जुलते रहे। शुरू के दो महीने सब ठीक रहा लेकिन अब वो पिछले चार महीने से काफी बदल गया है। उसका बिहेव बहुत चेंज हो चुका है।
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हम दोनों की बात अब भी होती है लेकिन अब लड़ाई ज्यादा होती है। मैं रोती हूं लेकिन उस पर मेरे जीने-मरने से कोई फर्क नहीं पड़ता। मैंने 15 दिन पहले हाथ काट ली थी लेकिन इलाज के बाद अब मैं ठीक हूं। मेरी मां मुझे बहुत समझाती है कि मैं उसे भूल जाऊं लेकिन मैं उसे भुला नहीं पाऊंगी, उसके बिना जी नहीं पाऊंगी। रोज रातभर रोती रहती हूं।
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मुझे रातों को नींद नहीं आती। मेरी मां मुझे देखकर दुखी होती है तो मैं उनके सामने अपना दुख छिपाने की कोशिश करती हूं। मैं अपने बीएफ से बहुत प्यार करती हूं, मुझे हमेशा इस बात की फिक्र सताती रहती है कि वो ठीक है कि नहीं। उसके दिल में अब उसकी वाइफ के लिए प्यार है, मेरे लिए नहीं।
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मैं उससे कहती हूं कि तुम मुझको या अपनी वाइफ में से किसी एक को धोखा दे रहे हो लेकिन वो कहता है कि मैं तुम दोनों को बराबर प्यार करता हूं। वो झूठ बोलता है लेकिन मैं उसके धोखे के साथ भी जी सकती हूं, उसके बिना नहीं रह सकती हूं। बहुत प्यार करती हूं मैं उससे। मैं बिल्कुल पागल हो रही हूं, क्या करूं कुछ समझ नहीं आता। रातभर जागकर रोती रहती हूं।

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