nitin love story

मैं भी दोराहे पर खड़ा हूं, प्यार को चुनूं या परिवार को – नितिन की रियल लव स्टोरी

मैं इस उम्मीद में अपनी लव स्टोरी लिख रहा हूं कि शायद मुझे भी मेरे सवालों का जवाब मिल जाएगा। मेरा नाम नितिन है और मैं गुजरात से हूं। सात महीने पहले की बात है। मेरे एक बेस्ट फ्रेंड की शादी में गया था तो जाहिर सी बात है कि शादी में काफी लोग होते हैं। वहां सबसे अलग सी दिखी एक लड़की, वो मेरे दोस्त की दूर की बहन थी। उसका नाम नेहा था।

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वह बहुत खूबसूरत थी, बस ये कह दो कि किसी परी से कम नहीं थी। मैंने उसे सुबह में देखा था और वो भी बस दो मिनट के लिए लेकिन दो मिनट की नजर ने मानो मेरा सबकुछ लूट लिया। मुझे पता नहीं क्या हो गया। अचानक मेरे अंदर उसके लिए प्यार की फीलिंग जाग गई थी। बस उसके बाद तो उसको देखता ही रहा – वो क्या कर रही है, किससे बात कर रही है, कहां जा रही है। उसको देखना मेरा काम हो गया। शादी में मेरा पूरा ध्यान बस उस पर था।
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जब शाम को हम गरबा खेल रहे थे तब भी मेरी नजर  उसी पर थी। फिर मैं किसी काम में बिजी हो गया तो कुछ देर बाद वो नजर नहीं आई। मैंने अपने दोस्त तो पूछा तो उसने बताया कि वो तो चली गई। मुझे बहुत  गुस्सा आया। मैं खुद पर ही चिल्लाने लगा कि ऐसे कैसे चली गई। शादी खत्म हो गई और हम अपने घर लौट गए। उसको भूल नहीं पा रहा था। मैं टेंशन में रहने लगा। काम करने में भी मन नहीं लगता था।
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उसे याद करते-करते एक महीने बीत गए। फिर किसी भी तरह से उसका नंबर पता किया और कॉल कर दिया। उसने नाम पूछा तो पहले तो बहुत गुस्सा हुई। फिर मैंने दूसरे दिन कॉल किया। वो कुछ बोले उससे पहले ही मैंने उसे अपना परिचय दिया और बोला कि हम शादी में मिले थे। फिर उसका गुस्सा कम हो गया और मैंने सबकुछ बता दिया।
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मैंने उसे अपने दिल का हाल बताया और लव प्रपोजल रख दिया। बोला कि अगर हां बोलोगी तो कभी छोड़कर नहीं जाऊंगा और अगर ना कहोगी तो कभी तुमको कॉल करके परेशान नहीं करुंगा। मुझे पता है कि प्यार जबर्दस्ती नहीं किया जा सकता है। उसने सोचने के लिए टाइम मांगा तो मैंने ओके बोला। उसने कहा कि जब तक मैं कॉल न करुं, मुझे कॉल मत करना।
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दूसरे दिन खुद ही उसने कॉल किया तो उसने बताया कि वो मुझे पसंद करती है। फिर उसने भी आई लव यू बोल दिया और ये बात उसके मुंह से कबसे सुनना चाहता था। वो दिन मेरी लाइफ का सबसे बड़ी खुशी का दिन था। फिर धीरे-धीरे हम रोज बात करने लगे। हमें जितना टाइम मिलता था उतना बात करते थे। मुझे ख्याल आया कि एक दिन मेरे दोस्त को हमारे रिश्ते के बारे में पता चलेगा तो कितना बुरा लगेगा।
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हम दोनों प्यार में आगे निकल चुके थे और एक दिन वही हुआ जो होना था। उसके घरवालों को हमारे रिश्ते के बारे में पता चल गया और साथ में मेरे दोस्त को भी। वो बहुत गुस्सा हुआ लेकिन मैं क्या करता. अब प्यार किया है तो भुगतना तो पड़ेगा। गर्लफ्रेंड से पापा ने फोन ले लिया और अब वो मुझे कॉल भी नहीं कर पा रही थी।
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मैं पूरी तरह से टूट चुका था। मैं डिप्रेशन में चला गया था। पूरे दिन बस उसकी याद आ रही थी। कुछ खाता नहीं था, सोता नहीं था, बस उसकी याद आ रही थी। मुझे तो ये भी नहीं पता था कि वो कैसी है। फिर एक दिन सुबह में उसका कॉल आया। वो फोन पर बहुत रो रही थी। उस टाइम मुझे सबसे ज्यादा दुख हुआ था। मैं भी उस दिन खूब रोया। उसके बाद हम कभी-कभी बात कर लेते हैं।
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उसके पापा हमारी शादी के लिए मान नहीं रहे हैं। हम दोनों भागकर शादी नहीं करना चाहते हैं। हम दोनों अपनी फैमिली को छोड़कर शादी नहीं करना चाहते लेकिन हम एक दूसरे को छोड़ भी नहीं सकते। अब आप ही बताइए कि हम क्या करें? अपनी फैमिली को छोड़े या फिर अपने प्यार को? मुझे तो दोनों में से एक को चुनना होगा क्योंकि हमारी फैमिली शादी के लिए मानेगी नहीं, इतना मुझे पता है। इस दोराहे पर आकर मुझे समझ नहीं आ रहा कि किधर जाऊं?

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