divya love story

हम दोनों के बीच रिश्ता अच्छा चल रहा था लेकिन अचानक वो तोड़ गया – दिव्या की लव स्टोरी

मैं भोपाल से दिव्या हूं। अभी 21 साल की हूंं। कहानी मेरे बचपन से शुरू होती है। एक लड़का था जो रोज मेरे घर आता था। वो मेरे भाई का दोस्त था। पांचवीं क्लास में था तबसे आ रहा था और मैं उस समय बहुत छोटी थी। वो बहुत अच्छा लड़का था, मेरे घरवाले भी कभी मना नहीं करते थे उससे बात करने के लिए। मेरे घरवाले उसको अच्छा मानते थे।

हम दोनों साथ खेलते-खेलते बड़े हुए। हम लोग काफी हद तक एक साथ समय बिताते थे, फिर मैं आठवीं क्लास में गई थी, तब वो ग्रेजुएशन सेकेंड ईयर में था जब हम दोनों के बीच एक रिश्ता बन गया। वो मुझे मैसेज करके बात करता था। वो तब भी मेरे घर आता था। हमारा स्कूल 5 बजे खत्म होता था तो वो वो 5.20 पर घर आ जाता था।
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फिर जब वो घर वापस जाता था तो हम रात में जागकर बातें करते थे। मुझे उस टाइम कुछ समझ में नहीं आया। बस वो मुझे हद से ज्यादा अच्छा लगता था। उससे बात करती गई, मैं आगे के बारे में कुछ भी नहीं सोचा और हम दोनों की उम्र में काफी अंतर था।

वो बहुत रिच फैमिली से थे और मैं बहुत गरीब परिवार से लेकिन वो कभी ये नहीं सोचता था इसलिए मैंने भी कुछ नहीं सोचा, बस बातें करती गई। 2009 के मार्च में एक रात को हम बात कर रहे थे। उस समय सुबह के चार बज रहे थे। मैं पूछा कि पढ़ाई खत्म होने के बाद आप जॉब के लिए बाहर चले जाओगे तो उन्होंने कहा था कि हां चला जाऊंगा।

मुझे बहुत रोना आया और रोते-रोते मैंने कहा कि मुझे छोड़कर चले जाओगे और वहां से कुछ समय के लिए रिप्लाई नहीं आाया लेकिन कुछ देर बाद वहां से आई लव यू लिखा आया। मैं चाहने तो लगी थी लेकिन फिर भी अपनी फैमिली के बारे में सोचने लगी और मैंने रिप्लाई नहीं दिया।

मैंने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। उसी सुबह वो कॉलेज नहीं गई। मेरे पास आ गए और मुझे देखने लगे। मुझे बहुत अजीब लग रहा था पर खुशी भी थी। ऐसे ही चलता रहा हमारा कुछ दिन, मैंने इससे आगे इस बारे में बात नहीं की थी। घर आ जाते थे तो नॉर्मल बात करती थी।

उन्होंने फिर बोला कि मैं नहीं रह सकता तेरे बिना और मैंने भी बोल दिया। कुछ महीने यूं ही चलता रहा और एक दिन हम बात कर रहे थे और मेरी मम्मी ने सुन लिया। मम्मी ने मुझे डांटा और वो सामने ही थे, सब सुनते रहे। मेरी मम्मी ने बस वही समझाया जो सही था।

इसके बाद भी हम लोग एक दूसरे को चाहते थे। मेरा मोबाइल घरवालों ने ले लिया था इसलिए दूसरे के मोबाइल से उससे बात करती थी। 2009 से 2016 तक हम एक दूसरे को बहुत प्यार करते रहे पर ज्यादा मिल नहीं पाए। मेरे घरवाले बाहर नहीं जाने देते थे। मैंने पढ़ाई भी की थी बहुत मुश्किल से।

धीरे-धीरे घरवालों को लगा कि बात खत्म हो गई है तो मुझे मोबाइल दिया। इसके बाद मैं बाहर भी जाने लगी। हम दोनों छुप-छुप कर मिल लेते थे लेकिन एक दिन अचानक ही वो सबकुछ बर्बाद करके चला गया। सबकुछ अच्छा था फिर पता नहीं अचानक क्या हुआ।

उसने कुछ महीने पहले एक दिन अचानक सबकुछ खत्म कर लिया। मैसेज करना और बात करना बंद कर दिया। मैंने बहुत पूछा तो उधर से बस एक रिप्लाई आया कि मेरी जिंदगी से तुम दूर चली जाओ। मैं तुम्हारे साथ खुश नहीं हूं। मैंने और कुछ नहीं पूछा….बस ओके कहा।

मैं कुछ दिनों तक उसके मैसेज का वेट करती रही लेकिन नहीं आया। मैं बार-बार मोबाइल चेक करती रही। एक दिन मैंने ही किया मैसेज तो उधर से बहुत गंदे रिप्लाई आए। रोते-रोते मेरी कई रातें गुजर गई। मुझे अपनी लाइफ बहुत खराब लगने लगी। जिंदगी में एक अंधेरा है बस। पर जी रही हूं, मां पापा के लिए। कुछ दिन बाद पता चला कि उसने शादी कर ली। ये बहुत पुरानी बात नहीं अभी हाल की कहानी है…मैं भी बस एक कहानी बनकर रह गई।

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