aashtha jazbat

पहाड़ में जी रही बेटियों की दर्दनाक है हकीकत – आस्था के जज्बात

मैं उत्तराखंड से आस्था हूं। मुझे भी कुछ पूछना है लोगों से कि क्या उनकी जिंदगी में मां-बाप हमेशा रहेंगे, जब तक रहेंगे उनकी शादी मां बाप की मर्जी से होगी। वो ऐसे इनसान से अगर होगी जो मारे पीटे, शराबी हो, गालियां दें तो मां बाप को आकर कहना चाहिए कि बेटी चल यहां से हमारे साथ…नहीं ऐसा नहीं करते मां-बाप हमारे यहां पहाड़ों में। यहां जॉब देखकर शादियां की जाती है, लड़के के पापा सरकारी जॉब में है, भाई भी सरकारी जॉब में है, लड़का कुछ नहीं करता तो फिर भी बेस्ट है, क्यों…क्योंकि बाकी परिवार के लोग तो सरकारी नौकरी करते हैं। ये हकीकत है पहाड़ का।

फिर चाहे लड़की जिससे प्यार करती है, वो कितना भी कमाए, उसकी मां बाप की नजर में कोई अहमियत नहीं होती। जब प्यार होता है तब क्या लिखवा लें ब्वॉयफ्रेंड से कि सरकारी नौकरी करो तभी हमारे मां-बाप तुम्हारे पीछे भागेंगे कि शादी कर लो मेरी बेटी से, सब तारीफ करेंगे कि बेटी ने अच्छा लड़का खोजा है… तो फिर प्राइवेट जॉब वालों के लिए ऐसी सोच क्यों नहीं है?
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मां बाप सबको चाहिए होते हैं, उनके बिना कोई लाइफ नहीं है लेकिन मां बाप की पसंद है सरकारी जॉब, फिर वो दारू पीकर बेटी को मारे भी तो बेटी का कैसा भविष्य…जहां चारदीवारी में कैद वो मार खाए, लातें खाए, जिंदगी वो नहीं है जिसकी तारीफ इस पेज पर मां बाप का पक्ष लेने वाले करते हैं। मां बाप ये क्यों नहीं समझते कि बच्चों को अगर गलत करना होता तो हम उनको अपने प्यार के में क्यों बताते, क्यों कहते उनसे कि चलो बात कर लो, देख लो, हो सकता है कि सब ठीक हो जाए तो बच्चे खुश रहेंगे…पर नहीं…प्यार का नाम सुनते ही मां बाप तो कहते हैं कि मुंह काला करने जाती होगी..कैसा लगता होगा ये शब्द अपने मां बाप के मुंह से सुनते हुए…ये कोई सोच नहीं सकता…

दो मिनट के लिए  इन बातों, जिंदगी के इन हालातों में जीकर देखो तो खुद रो पड़ोगे कि वो प्यार ही क्या जो अपनी कोख से पैदा हुए अंश को ऐसा कहना पर मजबूर दे कि मुंह काला करने जाती होगी। जब मां बाप बच्चों को वक्त नहीं देंगे तो वो तो प्यार कहीं खोजेंगे ही ना…जब आप बच्चों के दोस्त नहीं हो, पीकर घर आते हो, गंदा सा माहौल देते हो तो बच्चे क्या वही सीखें जो आप करते हैं। आप मजाक बनाकर रख देते हैं खुद अपने बच्चों का, जब आप पूरे रिश्तेदारों को बताते हैं कि ये ऐसी है और वो आकर आपके सामने कह जाते हैं कि रोज कॉलेज मुंह काला करने जाती है, इससे ज्यादा क्या सुनेगी एक लड़की अपने लिए।

मां बाप से हम भी प्यार करते हैं। वो गालियां देते हैं तो हम रोते हैं लेकिन फिर भी मां पापा ही कहते हैं पर एक दिन हालत ऐसी होती है कि रोज रोज उस माहौल में अपनी मानसिक शांति खोने लगते हैं, हमें गुस्सा आता है और हाथ में  जहर की पुड़िया रखकर सोचते हैं कि बस अब नहीं, कोई सपने नहीं…ऐसे हालात में वो प्यार एक उम्मीद देता है, जीने का हौसला देता है जिससे हम प्यार करते हैं। वो कहता है कि मैं तुम्हारे सपने को पूरे करने के लिए सबकुछ करूंगा। तब हिम्मत मिलती है।

मां बाप मारपीट कर कहते हैं कि शादी कर दो, उसके बाद किस्मत में मरना है तो मर जाएगी। जब इतनी ही नफरत है तो कर दो हमारी शादी मंदिर में ही सही, तोड़ दो रिश्ते..कितनी घुटन होती है ऐसे माहौल में…नहीं समझते हो आप। जो उम्मीद हमें वो चार साल या दो साल का प्यार देता है, वो आप देते कि बेटा पहले पढ़ो, शादी होती रहेगी…पर नहीं आप तो हमारी पढ़ाई ही बंद करा देते हो। घर में रहने को मजबूर कर देते हो तो हमें तो कोई हक है ही नहीं।

हम तो ऐसे खोखले समाज में रहते हैं जहां हीरो हीरोइन भागकर शादी करे या हजारों से शादी करे, उसके बारे में यही समाज अच्छा अच्छा बोलता है और एक आम लड़की करे तो अरे ये घटिया है, कलंकिनी है, कह देते हैं, आखिर क्यों? कोई नहीं समझ सकता, ये दर्द ये तकलीफ…बस जिस पर बीते वही जाने। चलो हम अपने प्यार से शादी नहीं करेंगे लेकिन लाइफ में और ऑप्शन तो दो। जॉब के लिए बाहर जाना पड़ता है लेकिन नहीं..जब पढ़ाई के लिए बाहर नहीं भेज रहे तो जॉब के लिए क्या भेज देंगे। इनको तो हमें गुलाम बनाना है तो अपने पैरों पर खड़े होने नहीं देना है।
हंसी आती है मुझे आज समाज पर जहां पैसा चलता है, किसी की फीलिंग्स, सपने कोई मायने नहीं रखते।

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