mahi love story

परिवार की वजह से मैंने प्यार का गला घोटा, अब बड़ी मजबूरी है – माही की लव स्टोरी

मेरा नाम माही है। राजस्थान से हूं। आज मैं यहां अपनी लव स्टोरी ही नहीं, लाइफ की एक बहुत अहम बात शेयर कर रही हूं। मैं अपनी स्टडी कंप्लीट कर चुकी हूं। अभी जॉब की तैयारी कर रही हूं। पांच साल पहले मैं एक लड़के से मिली थी किसी की शादी में, उसका नाम राज था। उस टाइम हमने बात नहीं की, बस एक दूसरे का नाम जानते थे। कुछ महीने बाद हमारी फेसबुक पर बात होने लगी और हम दोस्त बन गए। दो साल तक हमारी फ्रेंडशिप रही, फिर अचानक राज का एक्सीडेंट हो गया और बहुत चोट लगी।

एक्सीडेंट में राज का फेस खराब हो गया था। उस टाइम मुझे अहसास हुआ कि मैं उसको बहुत चाहने लगी थी। फिर हमारी दोस्ती लव लाइफ में बदल गई। बहुत चाहते थे हम दोनों एक दूसरे को। राज को मेरी फैमिली बिल्कुल भी पसंद नहीं करती थी। जिस समय राज मेरी लाइफ में आया तब मैं सोलह साल की थी तो सही गलत या फ्यूचर में आने वाली प्रॉब्ल्म्स की समझ नहीं थी। उस टाइम तो दोस्ती लव सबकुछ अच्छा लगता था। मैं और राज एक ही शहर में मिलने के बावजूद बहुत कम मिल पाते थे।

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मैं घर में सबसे छोटी हूं तो मेरी फैमिली जरूरत से ज्यादा मेरी फिक्र करती है। हम तीन बहनें और दो भाई हैं। मां हमेशा समझाती रही कि तेरी दोनों दीदी की आज तक कहीं से कोई शिकायत नहीं आई इसलिए तू भी कभी कुछ ऐसा मत करना जिससे हम हर्ट हों। मैं भी अपनी फैमिली को बहुत चाहती हूं। मैं जब भी राज से बात करती तो मुझको हमेशा फील होता था कि मैं अपनी फैमिली को धोखा दे रही हूं। मुझे लगता था कि हमारा बात करना गलत है। मैं जिस शहर और समाज में रहती हूं वहां तो लड़के-लड़की को दोस्ती को सब गलत ही समझते थे।

हम दोनों अपनी फैमिली को जानते थे और हमें लगता था कि हमारी शादी कभी नहीं हो सकती। वक्त के साथ अपने रिश्ते का खराब फ्यूचर भी दिखने लगा था। मैं ये तो जानती थी कि हमारे रिश्ते का कोई फ्यूचर नहीं है, लेकिन अगल होने में बहुत मुश्किल हो रही थी। बहुत बार कोशिश की अलग हो जाए लेकिन दो चार दिन से ज्यादा अलग नहीं रह पाए। फिर कुछ फैमिली प्रॉब्लम की वजह से मेरे और राज के बीच दूरियां बढ़ने लगी।

हम तीन बहनें हैं। मेरी बड़ी दीदी की शादी हो गई है। मेरे दो भाई हैं लेकिन पढ़ने लिखने के बावजूद उनकी सोच ज्यादा अच्छी नहीं है। मुझे अपने पसंद के कपड़े नहीं पहनने देते और जबसे कॉलेज जाना खत्म हुआ है तबसे मुझे घर से बाहर निकलने भी नहीं  देते। अकेले तो मुझे बिल्कुल भी नहीं जाने देते। मैं बहुत बार भाई से बोली कि कुछ काम रहता है तो मुझे बाहर जाने दो, मैं टाइम से आ जाऊंगी। मैं कहती थी कि फ्रेंड्स के साथ जाऊंगी लेकिन भाई मना कर देते थे। मैं कुछ बोलती तो कहते थे कि तुम्हारी फिक्र है, इसलिए तुमको बाहर नहीं जाने देते। मां से भी बोली लेकिन वो कुछ कर नहीं पाई।

मैं आज 22 साल की हूं फिर एक भाई बात बात पर मुझ पर हाथ उठा देता है। मैं पूरे टाइम दिनभर घर में अकेली रहती हूं। मेरे सारे दोस्तों से कॉन्टेक्ट्स टूट गए। बहुत प्यार होने के बावजूद मैंने और राज ने अलग होने का डिसीजन लिया। उसको मैं अपने प्रॉब्लम समझाती थी लेकिन वो समझ नहीं पाता था। वो बात करने या मिलने के लिए बोलता था लेकिन मैं मजबूर थी। घर में रहने के बाद भी मैंने बचपन से ही खुद को रिश्तेदारों की गलत नीयत का शिकार होने से बचाया था। लाइफ में बहुत कुछ देख लिया था।

मैं धीरे-धीरे डिप्रेसन में चली गई। घर में घुट-घुट कर रहने लगी। ना खुश रहने का मना करता और ना खाना खाने का। कभी कभी खुद को चोट पहुंचाने से भी नहीं रोक पाती थी। डिप्रेसन की वजह से मुझे हर बात पर गुस्सा आने लगा था। किसी को कुछ नहीं कहती बस खुद को इतना दर्द देती थी कि जिससे स्ट्रॉन्ग बन सकूं। मेरी लाइफ में किसी चीज की कोई कमी नहीं थी। बस कमी थी तो घरवालों के प्यार की। मेरे और राज के रिश्ते के बारे में घरवालों को कभी पता नहीं चला।

मेरे दोनों भाई तो बस यही कहते थे कि तुम्हारी फिक्र करते हैं लेकिन फिक्र का ये मतलब तो नहीं कि तुम लोग मुझे घर में कैद करके रख दो। मुझे हमेशा यही लगता है कि वो ये सब इसलिए करते हैं कि मुझ पर ट्रस्ट नहीं करते। मैंने कभी अपनी फैमिली का ट्रस्ट तोड़ने के बारे में नहीं सोचा। जब कॉलेज में थी तब भी लड़कों से भी ज्यादा बात नहीं करती थी। राज से भी टाइम रहते अलग हो गई जिससे कि कल मेरी फैमिली को कुछ पता चले तो उनको हर्ट न हो।

बड़ी दीदी बोलती थी कि घर में सबसे ज्यादा समझदार माही है, हर सिचुएशन में समझौतात कर लेती है और हमेशा खुश रहती है। दीदी ने बात कह तो दी लेकिन किसी ने मेरी मुस्कान के पीछे के दर्द को देखना नहीं चाहा। डिप्रेसन में कभी कभी सोचती थी कि खुद को ही मार डालूं लेकिन फिर सोचती थी कि एक लड़की हूं। वजह कुछ भी हो, जब एक लड़की सुसाइड करती है ति समाज में बहुत तरह की बातें होती हैं। पापा का ख्याल आता था कि अभी तो मुझे पापा की अफसर बिटिया बनना है।

मैं अपने पापा की ड्रीम पूरा करना चाहती थी उनके पसंद की जॉब करके। मैं स्टडी में अच्छी थी लेकिन डिप्रेसन का इफ्केट मेरी स्टडी पर बहुत पड़ता था। राज के लिए वक्त के साथ मेरे दिल में फीलिंग्स खत्म होने लगी है। एक साल से ज्यादा वक्त हो गया है बात किए हुए। उसकी याद तो आती है अभी भी लेकिन खुद को रोकती हूं। थोड़ी सी फीलिंग बची है, वो भी वक्त के साथ खत्म हो ही जाएंगी। अब मैं सबकुछ भूलकर खुद को स्ट्रॉन्ग बना रही थी कि मुझ पर बड़ी आफत आ गई।

तीन बहनों में बड़ी बहन की शादी के बाद दूसरी दीदी के लिए मां पापा रिश्ता देखने लगे। वो 29 साल की हो चुकी है, सुंदर भी है और जॉब भी करती है लेकिन उनकी शादी नहीं हो पा रही। हम मीणा कास्ट के हैं और इस कास्ट के साथ बहुत सारी दिक्कतें हैं। ये कहते हैं कि हमें हाई फाई बहू या बीवी नहीं चाहिए। मेरे पापा हार्ट पेशेंट हैं। मेरे मां को दीदी की शादी की जल्दी है लेकिन कहीं सेट नहीं हो पा रही। हम लोगों की आर्थिक स्थिति भी अच्छी है। बहुत रिश्ते देखे पर बात नहीं बनी। दीदी भी अपसेट रहती है, मां पापा भी।

मैं 22 साल की हूं। स्टडी कंप्लीट करने के बाद जॉब की तैयारी में लगी हूं और मैं अगर दो साल और तैयारी करूंगी तो मुझे सरकारी नौकरी मिल जाएगी, मुझे यकीन है लेकिन दीदी की शादी ने मेरे सपनों को मारने पर मजबूर कर दिया है। मेरी दीदी के लिए एक रिश्ता आया, वे दो भाई हैं और दोनों टीचर हैं। जब दीदी की शादी बड़े भाई से तय हो गई तो वे लोग छोटे भाई से मेरी शादी की बात भी चलाने लगे। मेरी मां ने सोचा कि एक साथ दोनों बेटी की शादी कर दूं। इसकी वजह ये भी है कि मेरे पापा बहुत बीमार रहते हैं।

दीदी की शादी हमारे घर में सबसे बड़ी प्रॉब्लम बन चुकी है। अब इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए मुझे भी शादी के लिए हां करनी पड़ेगी। मैं अभी शादी नहीं करना चाहती लेकिन घर की ऐसी मजबूरी आ पड़ी है कि मुझे शादी के लिए हां करनी पडे़गी।  अगर मैंने हां नहीं किया तो दीदी की शादी नहीं हो पाएगी। ऐसे हालात में क्या करना चाहिए, क्या मेरा फैसला सही है?

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