kavita love story

मैं लवर के साथ शादी कर सकती हूं लेकिन भाई का सहारा कौन बनेगा – कविता की लव स्टोरी

मेरा नाम कविता है। मैं रायपुर में रहती हूं। मैं एक लड़के से प्यार करती हूं और वो मुझसे बहुत प्यार करता है। हमारे रिश्ते को सात साल हो गए हैं। वो बहुत अच्छा लड़का है लेकिन वो दूसरे कास्ट का है इसलिए हमारी फैमिली वाले इस रिश्ते के लिए राजी नहीं हैं और हम भागकर शादी नहीं कर सकते क्योंकि इससे हमारी फैमिली की बदनामी होगी।

हम बार बार मिलते हैं फिर घर में पता चलता है तो हम कुछ दिन के लिए अलग हो जाते हैं। ये सिलसिला सात सालों से चलता आ रहा है लेकिन इतना होने के बाद भी हमारे मम्मी पापा हमसे बहुत प्यार करते हैं। वे बिल्कुल भी नाराज नहीं होते। थोड़ी देर के लिए होते हैं फिर नॉर्मल हो जाते हैं।

kavita love story

मेरा एक भाई है जो हैंडिकैप है। वो चल नहीं सकता। मम्मी पापा के बाद मैं ही उसका सहारा हूं। हमारी फैमिली के लोग मेरे लिए रिश्ता खोज रहे हैं। अब मैं समझ नहीं पा रही हूं कि क्या करूं क्योंकि मैं राजपूत हूं और वो मेरा लवर साहू कास्ट का है। मेरे मम्मी पापा पुराने ख्यालों वाले हैं। दूसरे कास्ट के लड़के से शादी करना पाप समझते हैं।

मैं अगर उस लड़के से शादी करती हूं जिससे मैं प्यार करती हूं तो मेरी फैमिली वाले हमसे रिश्ता तोड़ देंगे और फिर मेरा भाई का सहारा कौन बनेगा? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूं..मम्मी पापा के पसंद से शादी करूं या जिससे मैं प्यार करती हूं, उससे शादी करूं…कोई सही रास्ता दिखाइए…

Advertisements

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.