stalking woman in hindi

स्टॉकर्स अगर आपका रोज पीछा करे तो इग्नोर न करें, हिमांशी को स्टोरी

कभी-कभी कोई लड़की किसी के कॉन्टेक्ट में आती है, कुछ दिनों की बात और मुलाकात के बाद लड़की को लगता है कि ये लड़का ठीक नहीं तो वो जैसे ही रिश्ता तोड़ने की कोशिश करती है तो उसे लड़का परेशान करने लगता है, धमकियां देने लगता है, रोज पीछा करने लगता है। लड़की यह बात अपने परिवार को बता नहीं पाती क्योंकि उसे लगता है कि घरवाले उसे गलत समझेंगे या जल्दी शादी कर देंगे।

stalker

ऐसे में लड़की एक घुटन का शिकार होती है और कई बार सुसाइड करने की सोचती है। कई घटनाएं ऐसी हो चुकी हैं जिसमें घरवालों को बताने के बाद उल्टे लड़की को ही सुनना पड़ा और मामला दबाने की कोशिश की गई, फिर उसका अंजाम बुरा हुआ। कुछ ऐसा ही हिमांशी के साथ भी हो रहा है जिसने कुछ दिन पहले चैट पर अचानक लिखा था कि उसके पास सुसाइड करने के सिवा कोई ऑप्शन नहीं है।

हिमांशी से बात करने पर पता चला कि उसकी उम्र अभी महज 19 साल है। 17 साल की उम्र से ही वो अपने शहर के एक मार्केट में जॉब करती है क्योंकि घर आर्थिक रूप से कमजोर है। उसी मार्केट में एक लड़के का शॉप है जिससे उसकी जान-पहचान बढ़ी। लेकिन कुछ दिन बाद हिमांशी ने पाया कि वो ड्रिंक करता है और गुंडागर्दी भी करता है, किसी के साथ भी मारपीट कर लेता है तो उसने रिश्ता तोड़ लिया। इससे पहले दोनों फेसबुक पर काफी चैट करते थे। जाहिर कि लड़के के पास उसका चैट अभी भी है।

stalking woman in hindi

हिमांशी लड़के को सिर्फ लाइक करने लगी थी जिस वजह से चैट पर बात शुरू हुई थी लेकिन बाद में उसकी बुराई देखकर वो पीछे हटी तो लड़का उसके पीछे पड़ गया। उसके मां-बाप को जान से मारने की धमकी दे रहा है और वो रास्ते में भी हिमांशी का रास्ता रोककर उसे परेशान करता है। अब इस बात को हिमांशी घर में बताना नहीं चाहती क्योंकि उसे लगता है कि उसके मां-बाप उसकी शादी कर देंगे।

हिमांशी पुलिस की मदद भी नहीं लेना चाहती क्योंकि वो खुद ही ये मामला दबाना चाहती है। मैंने उससे कहा कि पुलिस की मदद लो या घर में बताओ, यही दो ऑप्शन हैं लेकिन वो ऐसा नहीं करना चाहती। अब वो लड़का रोज उसे धमकाता है, उसका पीछा करता है। ऐसे मामलों में लड़कियों को साहस दिखानी चाहिए क्योंकि इग्नोर करने पर वो लड़का किसी दिन कोई वारदात कर सकता है, इसलिए अच्छा है कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए कम से कम पुलिस को बताएं, या किसी सामाजिक संस्था की मदद लें, घर परिवार के लोगों से बात करें।

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