love lock

मैं किसी से प्यार करती हूं लेकिन पापा मेरे लिए लड़का खोज रहे हैं, माही की स्टोरी

मैं बिहार से माही हूं। तीन साल पहले मेरी फ्रेंडशिप फेसबुक पर एक लड़के से हुई। वो यूपी का है और जॉब करता है। हमदोनों रोज बातें करने लगे। वो मुझसे हर बात शेयर करने लगा। धीरे-धीरे हमारी फ्रेंडशिप प्यार में बदल गई। मैं उसे तीन साल से जानती हूं लेकिन हमारी कभी मुलाकात नहीं हुई है।

वो मुझसे मिलना चाहता है। मेरी नजर में बहुत अच्छा लड़का है। मैं उससे बहुत प्यार करती हूं। वो भी मुझे बहुत प्यार करता है। मेरे बिना वो एक पल नहीं रह सकता। वो मुझसे शादी करना चाहता है। मैं भी उसे बहुत चाहती हूं लेकिन मैं बहुत डरती हूं कि कहीं हमलोग अलग न हो जाएं।

love story pic1

मैं एक मिड्ल क्लास फैमिली से हूं। मेरे पापा बहुत स्ट्रिक्ट हैं। मैं जानती हूं कि मेरे पापा हमारी शादी के लिए कभी रेडी नहीं होंगे क्योंकि वो बहुत दूर रहता है और फेसबुक का प्यार है। मैं पापा की एक ही बेटी हूं तो उन्होंने कभी खुद से मुझको दूर नहीं किया। अब वो कहीं दूर मेरी शादी भी नहीं करेंगे। मैंने इस बारे में मां से बात की तो उन्होंने भी कहा कि पापा नहीं मानेंगे।

मैं उसके बिना नहीं रह सकती। एक दिन भी बात नहीं होती तो मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगता। मैं उससे बात करने के लिए पागल होने लगती हूं। मैं खुद को उससे एक पल भी अलग नहीं कर सकती। मेरे प्यार के बारे में मेरी मम्मी को पता है लेकिन वो भी बार-बार कहती है कि यह शादी नहीं हो सकती।

पापा अब मेरे लिए रिश्ता खोज रहे हैं। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा कि मैं क्या करूं? मैं उसके बिना जीने की कल्पना भी नहीं कर सकती हूंं। वो कहता है कि चलो, कोर्ट मैरिज कर लेते हैं लेकिन मैं फैमिली के खिलाफ शादी नहीं कर सकती। मेरी फैमिली मुझसे बहुत प्यार करती है।

मैं क्या करूं, कुछ समझ में नहीं आ रहा। मैं उसके बिना नहीं जी सकती। मैंने इस पेज की कुछ स्टोरी पढ़ी तो वहां सबको हेल्प मिली हैं। मुझे भी आप सबकी हेल्प की जरूरत है, मैं बहुत परेशान हूं, प्लीज मेरी हेल्प कीजिए…

पेज एडमिन राजीव की बात

माही, और भी गम हैं जमाने में मोहब्बत के सिवा…शायद लड़कियों को भी ये समझने की जरूरत है। खैर, आपकी सिचुएशन में दो ही विकल्प बचते हैं- या तो फैमिली को अपनाइए या फिर प्यार को अपनाइए। प्यार को अपनाएंगी तो फैमिली को छोड़ना होगा या फैमिली को चुनेंगी तो प्यार को छोड़ना होगा।

तीसरा विकल्प होता है घरवालों को मनाने का। अगर इस कोशिश में असफल हों तो फिर वही पहले वाले दो विकल्प बचते हैं। दिमाग के जाले साफ कीजिए। विकल्पों पर विचार कीजिए। उलझन नहीं रहेगी। किसी भी परिस्थिति में इंसान ऑप्शन देखता है।

अगर दो ऑप्शन हैं और दोनों ही ऑप्शन में से किसी एक को चुनना हो तो स्पष्ट फैसला जीवन को उलझनों से बचाता है वरना वक्त के सिवा दुनिया की कोई ताकत ऐसी उलझनों को नहीं सुलझा सकती।

पेज रीडर्स की बात

Advertisements

कमेंट्स यहां लिखें-

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s