शायरी – गज़ल बन उठे हैं मेरे दर्द औ गम

गूँजे है दिल में मुहब्बत के सरगम

गज़ल बन उठे हैं मेरे दर्द औ गम

मेरा जिस्म तुमसे जुदा है तो क्या

होता है दिल में तेरा-मेरा संगम

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