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I love writing shayari. My shayaris are inspired mostly by day to day bad experiences of my own life. My first love experience changed my life. I dedicate my feelings to all lovers. Thank you for visiting my website and come again. Share with me your feelings, send email to rajeev@jazbat.com

शादी करने से पहले जीवनसाथी से यह सवाल जरूर पूछें – राजीव की रियल मैरिज स्टोरी

शादी भी एक प्रेम का रिश्ता होता है। जिससे शादी करने की हम सोचते हैं उसके बारे में हम पॉजिटीव सोचते हैं तभी रिश्ते में आगे बढ़ते हैं। लेकिन फिलहाल जो हमारे यहां शादियां हो रही हैं उसमें नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के बीच बहुत टकराव है। मां-बाप बेटियों को इज्जत मानकर किसी से प्रेम संबंध बढ़ाने नहीं देते या ऐसे किसी अफेयर का पता चलने पर तुरंत उसको इमोशनल ब्लैकमेल कर या दबाव डालकर किसी लड़के से शादी कराने की सोचते हैं। लेकिन ये नहीं सोचते कि जिस लड़के से उनकी बेटी की शादी दबाव के तहत होगी, उसका क्या बुरा हाल होगा? ठीक इसी तरह लड़के की शादी जबरन करानेवाले मां-बाप यह नहीं सोचते कि लड़की का क्या होगा?

rajeev marriage story
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मैं इस पेज का एडमिन राजीव हूं। एरेंज मैरिज में कितना फरेब है, कल इसके बुरे अनुभव से गुजरा। मेरी शादी के लिए झारखंड से एक रिश्ता आया था। मैं दिल्ली में रहता हूं। मेरी फैमिली के जरिए लड़की का बायोडाटा आया था। लड़की की फैमिली और मेरी फैमिली पहले से एक-दूसरे से परिचित हैं, दूर की रिश्तेदारी भी है। लड़की काफी पढ़ी लिखी प्राइवेट जॉब करती है। मैंने बायोडाटा ओके किया और इधर से अपना मोबाइल से खींचा गया फोटो, बायोडाटा भेज दिया। बस कुछ दिन बाद ही लड़की के पापा दिल्ली में मुझसे मिलने आए।
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इसके बाद सीधे वे बिहार में मेरे घर पर गए और शादी की डेट तय करने लगे। जबकि मैं लड़की से बातचीत कर ये जानना चाहता था कि मैं उसे पसंद हू कि नहीं। मेरी फैमिली भी पुराने ख्यालों की है तो उन्होंने भी मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। वो शुक्र है कि लड़की के पापा से किसी बात पर (शायद दहेज को लेकर) मेरे घरवालों की सहमति नहीं बनी जिस वजह से शादी की डेट फाइनल नहीं हो पाई वरना तभी सबकुछ तय हो जाता। मैं चाहता था कि मुझे और लड़की को बात करने का स्पेस मिले ताकि हम तय कर सकें कि हमें साथ रहना है कि नहीं?
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फिर मैंने लड़की से बात कराने पर जोर दिया। साथ ही मैं यह भी सोच रहा था कि कैसी लड़की है जो पढ़ी लिखी है लेकिन इसके अंदर यह जानने की जिज्ञासा नहीं है कि जिसके साथ उसकी शादी होनेवाली है, वह लड़का कैसा है? मुझे ये बात पच नहीं रही थी। मैं किसी भी हालत में बातचीत करना चाहता था। इसके बाद लड़की का बाप एक महीने तक उससे बातचीत कराने के मामले को टालता रहा।
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लड़की का बाप किसी भी हालत में यह शादी कराना चाहता था। आखिरकार उसने मोबाइल नंबर दिया भी तो उसने कोशिश की कि लड़की से मेरी बात उनके सामने हो। मैंने फिर उस वक्त बात करने से मना कर दिया। मोबाइल नंबर के एक्सचेंज होने के बावजूद लड़की का कोई रिस्पॉन्स नहीं था। मैंने आखिरकार उसे कॉल लगाया तो उसने उठाया। मेरा उससे बस एक सवाल था कि तुम मम्मी-पापा के दबाव को दिमाग से निकालकर जवाब दो कि क्या तुम यह शादी करना चाहती हो? पहले दिन तो उसने गोलमटोल जवाब दिया। उसने कहा कि मम्मी-पापा की पसंद ही मेरी पसंद है। मुझे घर में बोलने की इजाजत नहीं है। वगैरह-वगैरह।
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फिर दूसरे दिन उसने बात ही नहीं की। मैं उसके जवाब का इंतजार करता है। उसने कहा कि ऑफिस से कॉल करूंगी। लेकिन तीसरे दिन भी उसने कॉल नहीं किया और मैं इंतजार में सिर धुनता रहा। आखिरकार मैंने उसको ह्वाट्सऐप पर कहा कि जो कहना चाहती हो, चैट पर कह दो, मैं किसी से नहीं कहूंगा। तो वो बोली कि मैं यह शादी नहीं करना चाहती, आप मुझे पसंद नहीं हो, मैं झारखंड की प्राइवेट जॉब छोड़कर दिल्ली नहीं आ सकती। मैंने इस रिश्ते से मना किया तो घर में बहुत ड्रामा हो गया तो मजबूरी में हां कहना पड़ा। मैं मम्मी-पापा को मना नहीं कर पा रही। मैं मना करूंगी तो पापा मेरा जीना मुश्किल कर देंगे। इसलिए आप अपनी तरफ से मना कर दो लेकिन मेरा नाम मत लेना। मेरा नाम लोगे इससे बेहतर है कि मुझसे शादी कर लो लेकिन मैं आपके साथ खुश नहीं रह पाऊंगी। आप मेरी खातिर बस इस रिश्ते से मना कर दो, मैं जीवनभर अहसानमंद रहूंगी।
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पिछले दो महीनों से उसके साथ मेरे रिश्ते की बात चल रही थी इसलिए मैं उससे थोड़ा इमोशनली अटैच्ड हो गया था। उसकी बात सुनकर मुझे धक्का लगा। मैंने अपने घर पर इस रिश्ते को करने से मना कर दिया और लड़की को आखिरी मैसेज लिखा कि अच्छा हुआ जो तुमसे मैंने बात की वरना तुम दबाव के तहत मुझसे शादी करती तो मैं तो बर्बाद हो जाता।
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