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स्वामी राम शंकर उर्फ डिजिटल बाबा की स्टोरी, ईश्वर उस लड़की को खुश रखे

मैं स्वामी रामशंकर हूं। लोग मुझे डिजिटल बाबा के नाम से जानते हैं। मैं जज्बात के खुले मंच से अपनी बात बताना चाहता हूं कि उस दिन मैने जो किया उससे बेहतर विकल्प मुझे कुछ नहीं सूझा। यदि मैं गलत हूं तो मुझे बताइए। आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि मेरी पूरी बात पढ़ने के बाद ही अपनी प्रतिक्रिया देने की कृपा करें।

2013 में करीब 5 वर्ष बाद अपने गांव गया था। सबलोग मुझसे बड़े प्रेम के साथ मिल रहे थे। खासकर बाल मंडली के लोग जो समझदार थे वो मुझसे मोबाइल नंबर भी मांग रहे थे। मैंने सबको अपना नंबर दिया। उनके बीच एक लड़की करीब 15 -16 वर्ष की थी जिसने मुझे कुछ-कुछ दिनों पर एक ही महीने में 5 से 7 बार कॉल किया। धीरे-धीरे मैं अच्छी तरह से समझ गया कि वो क्या चाहती है। एक दिन तो उसने ही कह दिया कि आप से बात करना मुझे अच्छा लगता है पर बात इतनी ही नहीं थी सच तो ये था कि वो मेरे प्रति आकर्षित थी।

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मैंने उसे समझाया कि ये सही नहीं है, जो असम्भव है उसके विषय मे सोचना स्वयं को भ्रम में रखने जैसा है। पर वो समझने को तैयार ही नहीं थी। उसका कहना था कि आप नहीं तय कर सकते कि मुझे क्या करना है, ये मेरा अपना फैसला हैं मुझे जो सही लगेगा मैं वो करूंगी, आपको जो सही लगे आप वो कीजिये……….

एक दिन कि बात है। मैं झारखंड के देवघर में किसी के यहां ठहरा था। रात के करीब 11 बजे मना करने के बाद भी उस लड़की का करीब 10 मिसकॉल आया। अन्तिम बार हमने उठाते ही उसे ये धमकी दी कि मैं आपकी माँ को सब बता दूंगा, उसने कहा तो बता दीजिये। मैंने कॉल काटकर तुरन्त उनकी माता जी को कॉल किया। केवल इतना ही कहा कि आपकी बेटी मुझे बार-बार मिसकॉल करती है, उसे समझाइये कि ये मेरे लिये ठीक बात नहीं होगी। मैंने संकेत में ही सब बात कह दी और उसकी मां समझ भी गयी।

करीब 15 मिनट बाद फिर उस लड़की का फोन आया कि आप ने जो किया उसके विषय में हम कभी सोच भी नहीं सकते कि सच में आप मेरी मां से मेरी शिकायत कर देंगे। और इस तरह प्रतिशोध या गुस्से से या फिर मेरा व्यवहार देख कर उसका कभी दुबारा फोन नहीं आया। इस प्रकार पहली कहानी यहीं समाप्त हो गयी।

5 साल बाद 2018 में इसी महीने इसी तरह की घटना फिर मेरे साथ हो गई। पिछले दिनों करीब 17 साल की एक लड़की ने कहा कि मुझे समझ मे नहीं आ रहा कि मैं आपके विषय में इतना क्यों सोच रही हूं, पर मैं आपसे अंदर से जुड़ी हुई फील कर रही हूं। मैं जानती हूं कि आपके जीवन मे मेरा शामिल हो पाना असम्भव है पर फिर भी मैं आपसे खुलकर कहना चाहती हूं कि आपके साथ जुड़कर हम आपके सपनों को, आपके लक्ष्य को पूरा करने में आपका साथ देना चाहते हैं।

उस लड़की की इन बातों को सुनकर मुझे अच्छा लगा पर सच कह रहा हूं, मैं भीतर से डर गया। मेरे डरने का सबसे बड़ा कारण था उसका छुप-छुप कर मैसेज और कॉल करना। कुल 3 बार मैसेज और 4 बार कुछ-कुछ मिनट की बातों के बाद, उससे हमने कहा कि आपका इस तरह अपने माता-पिता से छुपकर बात करना सही नहीं है। और फिर एक दिन उनके माता को हमने पूरी बात विस्तार से बता दी।

उनकी मां ने कहा कि अच्छा लगा कि आपने स्पष्ट रूप से सारी बात बतायी, मेरी बेटी में बचपना है, मैं उसे समझा दूंगी। उस दिन मुझे लगा कि चलो ये बात भी खत्म हो गयी लेकिन कुछ दिन बाद शाम को उनके पिताजी का मुझे व्हाट्सएप कॉल आया और वो धमकी देकर मुझे मेरी औकात बता रहें थे। बोल रहे थे कि मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगा, तुम्हारे घर-परिवार को तबाह कर दूंगा, मैं तुम्हारे ऊपर केस कर तुम्हें जेल में डलवा दूंगा।

मैं उनकी सारी बातें करीब 15 मिनट लगातार सुनता रहा। जबाब दे सकता था लेकिन मैंने उनसे केवल इतना कहा कि आपको जो करना है कीजिये, मैंने जो किया यदि कानून के दायरे में, व्यवहार के दायरे में अपराध है तो सजा मंजूर हैं। बाकी मेरे ईश्वर ने जो तय किया होगा वही होगा, आपके कहने और मेरे सोचने से कुछ भी नही बदलेगा।

मैं पिछले कुछ दिनों से उस लड़की के बारे में सोच रहा हूं कि मैंने उसके साथ ठीक किया या नहीं, या मुझे क्या करना चाहिए था? वो लड़की पढ़ने में काफी तेज है। मेरी प्रार्थना उसके साथ है कि ईश्वर उसे हर लक्ष्य में सफलता दे और जीवन की सारी खुशी दे।

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जिसने मुझे जीना सिखाया वो शादीशुदा है, जिससे मेरी शादी हो रही वो धोखेबाज – आकांक्षा की लव स्टोरी

मैं आकांक्षा हूं। अकाउंट डिपार्टमेंट में जॉब करती हूं। बहुत गरीब परिवार से हूं। स्कूल में जब पढ़ती थी तब मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड बना जो अब तक सिर्फ पांचवीं तक पढ़ा है और कुछ काम भी नहीं करता है। उसने मुझे कई बार दूसरी लड़कियों के लिए छोड़ा पर हमेशा गिड़गिड़ा कर, रोकर मुझे मना लेता था। एक बार मैंने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया तो उससे ब्रेकअप कर लिया।

कहते हैं कि सबकी लाइफ में एक ऐसा इंसान आता है जो उसकी दुनिया बदल जाता है। मैं ऑफिस में समीर से मिली। वो शादीशुदा है। एक बेटी भी है उसकी। बहुत अच्छा इंसान है। वो अपनी बीवी से बहुत परेशान है। तलाक की बात करता है तो बीवी उसे सुसाइड और बेटी की हत्या कर फंसाने की धमकी देती है। इस वजह से उसकी लाइफ बर्बाद है। यह सब जानकर भी हम दोनों एक दूसरे क्लोज आ गए और प्यार हो गया।

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मेरे पापा ने मुझे कभी सपोर्ट नहीं किया। मैंने अपनी पढ़ाई भी खुद कमाकर की। मैंने काफी संघर्ष के बाद नौकरी पाई। ऑफिस में समीर का प्यार पाकर मेरी लाइफ खुशियों से भर गई। उसने मेरे लिए इतना किया जो एक पिता या पति भी नहीं कर सकता। हर चीज में मेरी मदद की। कभी झूठ नहीं बोला और न ही किसी चीज का लालच किया।

अब पिछले एक साल से मेरी फैमिली मुझपर शादी का दबाव डाल रही थी। मैंने समीर से बात की। उसने कहा कि हमारी शादी नहीं हो पाएगी। खैर, उसकी भी कोई गलती नहीं, हम दोनों को सबकुछ पहले से पता है। इस बीच मेरा पांचवीं पास एक्स ब्वॉयफ्रेंड अपनी फैमिली को लेकर मेरे घर शादी की बात करने आ गया और मेरी फैमिली ने भी हां कर दी।

उस पांचवीं पास से मेरी शादी होनेवाली है। मैं घर में मना नहीं कर पाई। फैमिली का फैसला मानने के लिए मजबूर हूं और मुझे ये शादी करनी पड़ेगी। अब मैं यह सोच नहीं पा रही है कि समीर का साथ मैं कैसे छोड़ूं जिसने मुझे जीना सिखाया, मेरा इतना साथ दिया, मेरे लिए इतना कुछ किया। मैं उसकी लाइफ से गई तो वो टूट जाएगा क्योंकि पहले से वो बहुत टेंशन में रहता है और उसको हार्ट की भी बीमारी है। अगर मैं समीर का साथ नहीं छोड़ती तो जिससे शादी होगी, उसके साथ धोखा होगा जो मैं नहीं चाहती। मैं बहुत परेशानी में फंस गई हूं। बताइए इस सिचुएशन में क्या करूं?

जिससे प्यार किया उसने शादी नहीं की, जिससे शादी की वो लड़ाई करती है

मैं बैंगलौर से विशाल हूं। मैं इस पेज से जुड़ा हूं। मैं एक लड़की से बहुत प्यार करता था। उसका नाम अनु था। अनु के साथ मेरा रिश्ता सात आठ सालों तक चला। उससे शादी करने के लिए कहा तो उसने बहाना बनाना शुरू कर दिया कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी होगी तब शादी करूंगी। पढ़ाई पूरी हुई तो उसने नया बहाना बना दिया। इधर मेरी मां की तबियत बहुत ज्यादा खराब होती जा रही थी।

मां को घर का काम करने में दिक्कत होती थी तो उन्होंने मुझसे पूछा कि बेटा हम तुम्हारी शादी कर दे रहे हैं, कोई लड़की पसंद हो तो बता दो। मैंने मां को उस लड़की के बारे में बताया तो इसके बाद मेरे पापा ने उससे शादी करने से मना कर दिया। वो बोले कि बेटा तुम गलत कर रहे हो, तुम्हारी शादी वहीं होगी जहां हम करेंगे।

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पापा ने मेरी शादी किसी और से तय कर दी। जब शादी तय हो रही थी तो अनु ने मना किया कि शादी मत करो लेकिन वो खुद भी उस वक्त शादी के लिए तैयार नहीं थी और इंतजार करने के लिए कह रही थी। मैं कुछ नहीं कर सका। मेरी शादी हो गई तो अनु ने मुझसे बात करनी बंद कर दी। शादी को एक साल हो चुके हैं और अनु भी मुझसे बात नहीं करती, उधर बीवी मुझसे बहुत झगड़ा करती है। समझ नहीं आता कि जीऊं कि मरूं?

छोटी छोटी बातों को लेकर बीवी झगड़ा करती रहती है। ऐसा कोई दिन नहीं जिस दिन लड़ाई न होती हो। मुझे बहुत गुस्सा आता है मगर मैं कुछ नहीं कर सकता। मैं बीवी को बहुत समझाने की कोशिश करता हूं मगर वो नहीं मानती। मैंने मम्मी पापा की देखरेख के लिए उससे शादी की थी लेकिन वो उनलोगों के पास भी नहीं रही। वहां भी झगड़ा करती रही। मैं जहां रहता हूं वहीं जाने की जिद करती थी तो मैं बहुत परेशान हो गया।

जिनलोगों की खुशी के लिए इससे शादी की थी, उनके साथ रहने को तैयार नहीं। मां पापा ने कहा कि बेटा तू इसे अपने साथ ले जा, ये साथ रहेगी तो खुश रहेगी। मां पापा की बात मानकर उसे साथ ले आया मगर यहां भी वो नहीं बदली। मेरी जिंदगी तबाह हो चुकी है और बहुत उलझ गई है। अगर मैं अनु से शादी कर लेता तो मेरी लाइफ बहुत अच्छी होती, मैं उससे बहुत प्यार करता था। पता नहीं क्या हुआ, उसने मुझसे शादी ही नहीं की और मेरी जिंदगी किसी और से शादी करके बर्बाद हो गई। मैं क्या करूं?

मेरी सहेली से उसने फ्लर्ट किया तो क्या मैंने ब्रेकअप करके ठीक किया? दिव्या की लव स्टोरी

मैं दिव्या हूं। अपनी लाइफ को लेकर बहुत ज्यादा कंफ्यूज्ड हो गई हूं। मेरे घर में पापा और बाकी सभी लोग काफी स्ट्रिक्ट हैं। बचपन से मां पापा दूसरों से मेरी तुलना करते रहे और मैंने इस वजह से काफी परेशानी झेली। दो साल पहले की बात है। कॉलेज का एक लड़का लाइफ में आया। मैं खुश थी लेकिन मुझे पता नहीं था कि वो सीरियस था या टाइमपास कर रहा था इसलिए मैंने पहले उसकी बातों पर कम ध्यान दिया। दो महीने तक वो रिलेशनशिप के लिए हां कहने के लिए मुझे मनाता रहा।

जब भी उससे बात करती थी तो डर लगता था कि कहीं पैरेंट्स को पता न लग जाए। मैंने उससे कहा भी कि मुझे रिलेशनशिप नहीं चाहिए क्योंकि इसका कोई फ्यूचर नहीं है। मैं भी उससे प्यार करती थी। वो मेरे पीछे पड़ा रहा तो मैंने बाद में उसे रिलेशनशिप के लिए हां कर दिया और उससे बात करती थी।

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मैंने उसके बारे में एक फ्रेंड को बताया। मेरी फ्रेंड ने उस लड़के को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा तो उसने एक्सेप्ट किया और उसके बाद वो लड़का मेरी फ्रेंड के पीछे पड़ गया। उसे मिलने के लिए बुलाने लगा। मेरी फ्रेंड ने मुझे बताया कि तेरा बीएफ मुझसे फ्लर्ट करता है। यह सुनकर मुझे काफी दुख हुआ।

मैंने उस लड़के से ब्रेकअप कर लिया। मैंने तो कभी किसी और लड़के से बात भी नहीं की उसके अलावा, उसको ऐसा नहीं करना चाहिए था। उस लड़के ने मुझे बहुत सॉरी कहा। उसने कहा कि बस फ्लर्ट ही तो किया था, कोई आई लव यू तो नहीं बोला था। उसने मुझे बहुत मनाया लेकिन मुझे उसकी हरकत ठीक नहीं लगी और मैंने ब्रेकअप कर लिया।

इस बात को छह महीने बीत चुके हैं। मेरे और उसके बीच बात बंद है लेकिन 24 घंटे मेरा दिमाग उसी के बारे में सोचता रहता है। उसके बारे में सबकुछ याद करती रहती हूं। मुझे पता चला है कि उसकी कोई और गर्लफ्रेंड भी है। यह जानकर मैं और भी टूट चुकी हूं।

समझ में नहीं आ रहा कि क्या करूं? किसी और लड़के से बात करने का भी दिल नहीं करता। फ्रेंड्स, क्या मैंने उससे ब्रेकअप करके ठीक किया? वो अब सेटल्ड है और मैं प्रफेशनल कोर्स कर रही हूं लेकिन वो मेरे दिमाग से निकलता ही नहीं। मैंने उससे ब्रेकअप करके ठीक किया है न? प्लीज बताइए, मैंने ठीक किया या नहीं?

पेज एडमिन की राय
दिव्या अपनी जिंदगी में ब्वॉयफ्रेंड चाहती है। जिंदगी में कोई लड़का चाहती है जिससे वो बात करे, अपनी बातें शेयर करे। प्यार करे। यह एक नेचुरल इंस्टिंक्ट है लेकिन उसका परिवार सख्त है। फिर भी डरकर ही सही, वह किसी से रिश्ता रखना चाहती है।

आज लड़के-लड़कियों के मन में द्वंद, संघर्ष और अवसाद (कॉन्फ्लिक्ट, डिप्रेशन) बहुत ज्यादा बढ़े हैं क्योंकि घर की इच्छा और अपनी इच्छा के बीच वो तालमेल नहीं बिठा पा रहे। दिव्या जानती है कि किसी ब्वॉयफ्रेंड से रिश्ते का कोई फ्यूचर नहीं है फिर भी वो लाइफ में ब्वॉयफ्रेंड चाहती है। घरवालों की इच्छा और अपने अंदर की चाहत के बीच वो संघर्ष झेल रही है। इस वजह से मानसिक परेशानियां बहुत ज्यादा हैं।

दिव्या ने उस लड़के से ब्रेकअप करके सही फैसला लिया क्योंकि वो दूसरों से फ्लर्ट करता है, वफादार भी नहीं है लेकिन फिर भी वो उसे मिस कर रही है। इसके पीछे प्रॉब्लम ये होती है कि हम किसी के बारे में इतना कुछ सोच चुके होते हैं कि फिर कदम पीछे हटाने पर मन अपने ही फैसले का विरोध करता है। ऐसे सिचुएशन में अगर इंसान का सेल्फ मजबूत न हो तो उसे अपने सही फैसले भी गलत लगते हैं।