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‘बेटी, कॉल सेंटर की नौकरी छोड़, बनारस आ जा वरना तेरी शादी में दिक्कत होगी’

2018 का जुलाई। यानी 21वीं सदी का दूसरा दशक बीतने को है, जहां लड़का हो या लड़की, खुद के पैरों पर खड़े होकर जिंदगी में उड़ान भरने के सपने बुन रहे हैं वहीं आज भी घर और समाज उनके पंखों को कतरने में लगा है। बनारस की एक बेटी दिल्ली आई। यहां उसने कुछ पैसा कमाना चाहा तो उसे कॉल सेंटर में जॉब मिली।

उसके घरवालों को किसी ने जाकर कह दिया कि कॉल सेंटर में तो सिगरेट, शराब लोग पीते हैं और व्यभिचार करते हैं। बनारस में रह रहे मां-बाप को लगा कि अगर समाज में यह बात फैल गई तो बेटी की शादी होने में परेशानी होगी।

बेटी अपने लिए खुद कमा रही थी, वो खुद अपनी जिंदगी के लिए सोच सकती थी लेकिन मां-बाप को ये मंजूर नहीं। तुरंत बेटी के पास घर से मां-बाप का कॉल आया। उन्होंने उसे कॉल सेंटर की नौकरी छोड़कर बनारस लौटने को कहा। उसे कहा गया कि बनारस आकर यहीं जॉब करो।

बेटी जानती है कि अगर वह बनारस लौटेगी तो उसको घर में बिठा दिया जाएगा और उसकी शदी कर दी जाएगी। मां-बाप ने उस पर इतना दबाव डाला कि उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। अब वो दिल्ली में किसी और सेक्टर में नौकरी खोज रही है, लेकिन बनारस नहीं लौटना चाहती।

आर्थिक ताकत पाने के बाद भी समाज में बेटे और बेटियों का बुरा हाल है। कोई अपनी जिंदगी का फैसला खुद लेना चाहता है तो मां-बाप को अखरता है। खासकर बेटियों की नौकरी छुड़वाकर वो उसे कमजोर कर आज भी किसी पर डिपेंड करने की साजिश करते हैं।

आज लड़का हो या लड़की, हर किसी को अपनी जिंदगी में यह फैसला करना होगा कि उसे अपने बनाए रास्ते पर चलना है या पुरानी पीढ़ी के दबाव के आगे झुककर कमजोर होना है। कई मां-बाप समाज से डरकर आज भी उसी पुरानी सोच को ढो रहे हैं और बेटे-बेटियों पर उसे थोप रहे हैं।

आइए हम बच्चे ऐसे मां-बाप के खिलाफ स्टैंड लें। उनसे प्यार करना न छोड़ें लेकिन प्यार का मतलब ये नहीं कोई हमें इमोशनल ब्लैकमेल करे। प्यार भी करें लेकिन वैचारिक तौर पर लड़ाई भी लड़ने के लिए तैयार रहें। जब तक हम मां-बाप के दबाव के आगे झुकते रहेंगे, तब तक यह समाज हमारे सपनों को कुचलता रहेगा।

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शादीशुदा महिलाओं का इंटरनेट पर टाइमपास वाला प्यार – भाग 1

इंटरनेट आने के बाद फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसे लोगों की बाढ़ आ गई जिनको सिर्फ टाइमपास के लिए किसी को पकड़ना था। ऐसे में प्रेम जाल से बेहतर और चैट पर कई तरह की बातें करने से अच्छा रास्ता और क्या हो सकता था। कई लोग फेक प्रोफाइल बनाकर बस इसी काम में लग गए। हाल में ऐसी कई कहानियां आईं जिसमें पति से परेशान शादीशुदा औरतें इंटरनेट पर लड़कों से बातचीत करते-करते तब गायब हो गईं जब लड़का मिलने के लिए या शादी करने के लिए फोर्स करने लगा।

ऐसी ही एक कहानी अभी-अभी आई। इसमें दो बच्चों की मां से लड़के की पहले दोस्ती हुई और फिर प्यार हो गया। दोनों बातचीत करते थे। लड़के का कहना था कि महिला को पति से परेशानी थी। लड़का उस महिला के साथ शादी के सपने देखने लगा और उसके बारे में सबकुछ जानकर भी उसके साथ जिंदगी बिताने की कोशिश में लग गया।

उसने घर में मां को ये बात बता दी। फिर उसने महिला को भी कहा कि वो बच्चों को संभाल लेगा। महिला ने उससे कहा कि अभी इंतजार करो तो लड़का बोला कि ठीक है, जितना कहोगी उतना इंतजार कर लूंगा। इसके बाद लड़का उस महिला को मिलने के लिए फोर्स करने लगा।

जिस दिन मिलने की बात तय हुई उस सुबह से महिला ने उस लड़के का कॉल उठाना या मैसेज का रिप्लाई देना बंद कर दिया। अब लड़का मानसिक रूप से परेशान होकर जिए जा रहा है। अब वो समझ चुका है कि महिला उसे छोड़ देगी।

हमारे समाज में आजकल शादीशुदा महिलाएं ये खूब कर रही हैं। पहले लड़कों से काफी बात करके टाइमपास करती है और जब लड़का आगे बढ़ना शुरू करता है तो ब्लॉक करके या नंबर बदलकर गायब हो जाती है। इंटरनेट पर अंजाने लोग चाहे महिला हो या पुरुष , उनसे दोस्ती या प्यार जैसे संबंध बढ़ाने से पहले इसके खतरों को जानिए। टेक्नॉलॉजी का इस्तेमाल जागरूकता के साथ कीजिए वरना रोने के सिवाय और कुछ हाथ न आएगा।

धारा 497- किसी मर्द से शादीशुदा औरत जब संबंध बनाती है तो सजा सिर्फ मर्द को ही क्यों?

आजकल धारा 497 काफी चर्चा में है। जब शादीशुदा औरत यानी किसी और की पत्नी से गैर मर्द के शारीरिक संबंध बनते हैं तो ऐसे मामले में मर्द के खिलाफ धारा 497 के तहत व्यभिचार का केस दर्ज किया जा सकता है। मर्द को पांच साल तक की कैद की सजा हो सकती है और उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। धारा 497 के तहत उस शादीशुदा औरत पर कोई मुकदमा नहीं चलाया जा सकता जो स्वेच्छा से गैर मर्द के साथ संबंध बनाती है। केंद्र सरकार ने कहा है कि इस कानून को नहीं बदला जाना चाहिए क्योंकि शादी की संस्था को सुरक्षित रखने के लिए ऐसा किया गया है।

what is article 497

धारा 497- मर्दों के खिलाफ कानून

इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई जिसमें कहा गया है कि धारा 497 में मर्दों के खिलाफ भेदभाव किया गया है। जब शादीशुदा औरत भी स्वेच्छा से शारीरिक संबंध बनाती है तो ऐसे में मर्द ही दोषी क्यों? औरतों को क्यों इस मामले में छूट दी जा रही है?

धारा 497- औरत मर्द की प्रॉपर्टी

याचिकाकर्ता का कहना है कि धारा 497 औरतों को मर्द की प्रॉपर्टी बनाता है। महिला का पति उस मर्द के खिलाफ केस दर्ज करा सकता है जिससे वो संबंध बनाती है। यह ठीक वैसा ही है जैसे कोई किसी की प्रॉपर्टी पर कब्जा कर ले तो प्रॉपर्टी मालिक कब्जा करने वाले के खिलाफ केस कर सकता है।

धारा 497- समानता और जीवन के अधिकार का उल्लंघन

याचिका में यह कहा गया है कि धारा 497 के तहत जो कहा गया है उससे संविधान की धारा 14 (समानता का नियम) और धारा 15 व 21 का उल्लंघन होता है जिसमें किसी को भी जीवन के अधिकार दिए गए हैं। इस याचिका में एक्सट्रा मैरिटल अफेयर संबंधों के लिए औरत और मर्द दोनों को समान रूप से जिम्मेदार बनाने की मांग की गई है।

धारा 497 पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। केंद्र सरकार ने कहा है कि धारा 497 भारतीय समाज को देखकर बनाया गया है और इसमें महिलाओं को सुरक्षा दी गई है क्योंकि इससे शादी सुरक्षित रहेगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इसे संविधान पीठ के पास विचार के लिए भेजा है।

स्टॉकर्स अगर आपका रोज पीछा करे तो इग्नोर न करें, हिमांशी को स्टोरी

कभी-कभी कोई लड़की किसी के कॉन्टेक्ट में आती है, कुछ दिनों की बात और मुलाकात के बाद लड़की को लगता है कि ये लड़का ठीक नहीं तो वो जैसे ही रिश्ता तोड़ने की कोशिश करती है तो उसे लड़का परेशान करने लगता है, धमकियां देने लगता है, रोज पीछा करने लगता है। लड़की यह बात अपने परिवार को बता नहीं पाती क्योंकि उसे लगता है कि घरवाले उसे गलत समझेंगे या जल्दी शादी कर देंगे।

stalking woman in hindi

ऐसे में लड़की एक घुटन का शिकार होती है और कई बार सुसाइड करने की सोचती है। कई घटनाएं ऐसी हो चुकी हैं जिसमें घरवालों को बताने के बाद उल्टे लड़की को ही सुनना पड़ा और मामला दबाने की कोशिश की गई, फिर उसका अंजाम बुरा हुआ। कुछ ऐसा ही हिमांशी के साथ भी हो रहा है जिसने कुछ दिन पहले चैट पर अचानक लिखा था कि उसके पास सुसाइड करने के सिवा कोई ऑप्शन नहीं है।

हिमांशी से बात करने पर पता चला कि उसकी उम्र अभी महज 19 साल है। 17 साल की उम्र से ही वो अपने शहर के एक मार्केट में जॉब करती है क्योंकि घर आर्थिक रूप से कमजोर है। उसी मार्केट में एक लड़के का शॉप है जिससे उसकी जान-पहचान बढ़ी। लेकिन कुछ दिन बाद हिमांशी ने पाया कि वो ड्रिंक करता है और गुंडागर्दी भी करता है, किसी के साथ भी मारपीट कर लेता है तो उसने रिश्ता तोड़ लिया। इससे पहले दोनों फेसबुक पर काफी चैट करते थे। जाहिर कि लड़के के पास उसका चैट अभी भी है।

stalking woman in hindi

हिमांशी लड़के को सिर्फ लाइक करने लगी थी जिस वजह से चैट पर बात शुरू हुई थी लेकिन बाद में उसकी बुराई देखकर वो पीछे हटी तो लड़का उसके पीछे पड़ गया। उसके मां-बाप को जान से मारने की धमकी दे रहा है और वो रास्ते में भी हिमांशी का रास्ता रोककर उसे परेशान करता है। अब इस बात को हिमांशी घर में बताना नहीं चाहती क्योंकि उसे लगता है कि उसके मां-बाप उसकी शादी कर देंगे।

हिमांशी पुलिस की मदद भी नहीं लेना चाहती क्योंकि वो खुद ही ये मामला दबाना चाहती है। मैंने उससे कहा कि पुलिस की मदद लो या घर में बताओ, यही दो ऑप्शन हैं लेकिन वो ऐसा नहीं करना चाहती। अब वो लड़का रोज उसे धमकाता है, उसका पीछा करता है। ऐसे मामलों में लड़कियों को साहस दिखानी चाहिए क्योंकि इग्नोर करने पर वो लड़का किसी दिन कोई वारदात कर सकता है, इसलिए अच्छा है कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए कम से कम पुलिस को बताएं, या किसी सामाजिक संस्था की मदद लें, घर परिवार के लोगों से बात करें।