All posts by Rajeev Singh

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lover’s lifetime wait for her shayari

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तुम मुझे छोड़के चली जाओ कहीं
मेरा इ्श्क दिल से मिटेगा नहीं
मुंतजिर रहूंगा मैं मौत तलक
यह इंतजार मुझसे छूटेगा नहीं

Tum Mujhe Chhodke Chali Jao Kahin
Mera Ishq Dil Se Mitega Nahi
Muntazir Rahunga Mein Maut Talak
Yahh Intezar Mujhse Chhutega Nahi

©rajeev singh shayari
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शायरी – दर्दे जुदाई हम सह न सके

 

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दर्दे-जुदाई हम सह न सके
तेरे बिना हम रह न सके

किस्मत में था इस जनम में
जीकर भी जिंदा रह न सके

कोशिश की तुझे भूलने की
याद किए बिना रह न सके

अपनी खबर न जमाने की
पर तुमसे बेखबर रह न सके

©RajeevSingh

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feelings of lover in shayari who fights unto death

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hindi text

दुनिया वाले गली-गली में दीवार बनाते हैं
मुहब्बत का सर काट दे वो तलवार बनाते हैं

ये अदा है दुश्मनी की जो हर आशिक को
अपनी ही मौत का तलबगार बनाते हैं


english text

duniya wale gali gali me deewar banate hain
mohabbat ka sar kat de wo talwar banate hain

ye adaa hai dushmnai ki jo har aashiq ko
apni hi maut ka talabgaar banate hain


image

aashiq love death tasweer
दुनिया वाले प्रेमियों के बीच दीवार बनाते हैं

©RajeevSingh

sentimental attitude of lover in shayari with image

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hindi text

दिलजले जला देते हैं अपना ही आशियां
तोड़ देते हैं आशिकी में अपना ही मकां

अमर होने की उनमें हसरत नहीं होती
मिटा देते हैं वो खुद अपना नामो-निशां


english text

diljale jala dete hain apna hi aashiyan
tod dete hain aashiqi me apna hi makan

amar hone ki unme hasrat nahi hoti
mita dete hain wo khud apna namo nishan


 image

deep love sentiments
aashiq khud mita dete hain apna namo nishan

©RajeevSingh

इश्क की ये अधूरी दास्तान तुमको सुनाने कहां जाऊं

आशिक की आहों को कौन सुनता है, उन फसानों को सुननेवाला कोई नहीं। जिसे सुनाना था वो तो कहीं और नई दुनिया बसाने के लिए चली गई। वो अब किस नए शहर में है, ये भी मुझे मालूम नहीं।

तुम कौन से शहर में चली गई मुझे छोड़कर। इश्क की बस अधूरी दास्तान रह गई है मेरे साथ तन्हा। तुम्हारा साथ जैसे यादों का सफर बनकर रह गया है जिसकी राहों में बस दर्द देनेवाले लफ्ज बिछे हैं।

उन यादों को रखा है सीने में संभालकर ताकि तुम कभी मिलो तो फिर उसे दुहरा सकूं। लेकिन शायद ये मुमकिन न हो। तुम एक बार जाती हो तो फिर कहां लौटकर आती है, मुड़कर भी तो नहीं देखती।

Love poem by rajeev

नया घर, नया शहर, नए लोग, नए रिश्ते। ऐसे में पुराने रिश्ते पुराने होते चले जाते हैं और तुम भी बहुत दूर निकल जाती हो। जिंदगी से दूर, खुद से दूर,अपनी मंंजिल से दूर। नई जिंदगी, नया सफर, जहां तुम्हारे सिर पर लाख जिम्मेदारियों का बोझ होता है। वो बोझ क्या कभी पुराने दिनों को याद करने देगी तुम्हें…

दिन गुजरते जाएंगे, साल गुजरते जाएंगे और उम्र भी गुजर जाएगी। मेरे हाथों में इश्क की ये अधूरी किताब कभी पूरी हो न  पाएगी, न ही मैं इसे लिखकर पूरी कर पाऊंगा। अधूरा प्यार भी शायद अपने आप में मुकम्मल होता है। दो दुनिया के बीच में फंसे प्यार की मंजिल शायद जुदाई ही है…लेकिन दिल है कि तुमसे मिलने की जिद करता है। उसे कहां मालूम कि तुम कहां हो और मालूम हो भी तो शायद तुमसे मिल न सकूं..यही इश्क कहता है…

ये आहें सुनाते हैं कितने फसाने
कैसे जाएंगे हम तुमको सुनाने
तेरा शहर अब जाने कहां है
किधर तू गयी नई दुनिया बसाने

ye aahen sunate hain kitne fasane
kaise jaenge ham tumko sunane
tera shahar ab jane kahan hai
kidhar gayi tu nayi duniya basane

feelings for her in pic

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©RajeevSingh