Category Archives: जुदाई शायरी

shayari – तन्हाई के आलम में जब तेरी याद होती है

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मुंतजिर जिंदगी शायरी

तन्हाई के आलम में जब तेरी याद होती है
आंखों में ठहरे अश्कों की बरसात होती है

वजूद मेरा है मगर तुम इस कदर समाए हो
जिस्मो जान में, ख्यालों में तेरी बात होती है

काश हमें तुमसे कभी मोहब्बत ही न होती
यही सोचने में दिन से अब मेरी रात होती है

तेरे बिन मेरे दिल की दुनिया बेजान सी हुई
रोज तेरे लिए मुंतजिर जिंदगी हताश होती है

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शायरी – अब तुम ही खफा हो तो बताओ क्या करूं

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इंतजारों के कांटों को मैं चुनता चला गया
पल पल गिरे आंसू को गिनता चला गया

रिश्तों ने हर कदम पर मुझको बहुत टोका
मगर मैं तेरी बात को बस सुनता चला गया

अब तुम ही खफा हो तो बताओ क्या करूं
तेरा जवाब न मिला तो सिर धुनता चला गया

कुछ दिन में शायद सबकुछ ठीक हो जाए
इसी उम्मीद में ये गजल मैं बुनता चला गया

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – तू नहीं आई एक बार जो गई

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जागते-जागते सहर हो गई
इस सफर में ही बसर हो गई

रातभर रोज ही तमाशा किए
देखनेवाले की नजर सो गई

खोजता कौन है मुसाफिर को
तू नहीं आई एक बार जो गई

तेरे सिवा आखिर कौन है मेरा
ये सोचते हुए जिंदगी खो गई

सहर – सुबह

©राजीव सिंह शायरी

जुदाई शायरी- तेरे बिन जिएं हम किस तरह

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तेरे बिन जिएं हम किस तरह
और तू जिएगी किस तरह

उल्फत में जो हम खो चुके
वो फिर मिलेगी किस तरह

शम्मे जो लौ से घिर गए
कब तक जलेगी किस तरह

मैं तो शुरू से ही नादान हूं
पर तू समझेगी किस तरह

©RajeevSingh

शायरी – इश्क और बंदगी के आंसू हैं

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ये मेरी जंदगी के आंसू हैं
इश्क और बंदगी के आंसू हैं

लाल रंगत का भरम है वरना
मेरे खूं भी तो मेरे आंसू हैं

कोई आंचल पोछेगी एक दिन
इसी ख्वाहिश में बहते आंसू हैं

कोई मीठी सी खुशी क्या देगा
जो इतने सारे खारे आंसू हैं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – तू गुलाब सी महकी जिस्मो जां में

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तुम्हारी यादों में ये कैसा जादू है
दिल के शहर में हालात बेकाबू है

तू गुलाब सी महकी जिस्मो जां में
करवटों से भरी ये रात बेकाबू है

मेरी तन्हाई है गवाह इस मंजर का
कि इन आंखों में बरसात बेकाबू है

कट रही है उम्र मेरी दोजख में
जिंदगी में ये भड़की आग बेकाबू है

(दोजख- नर्क)

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – तेरे खातिर हम अपना ये दिल जला बैठे

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जिंदगी को हम खाक में ऐसे मिला बैठे
तेरे खातिर हम अपना ये दिल जला बैठे

मुहब्बत के नाम का सौदा करने वाले
अपनों को भी देखो, जहर पिला बैठे

रास्ते भी जिसे खुद हासिल न कर सके
कदमों को उस मंजिल का वहम दिला बैठे

हंसने के तो मौके बहुत आते हैं लेकिन
तुझे याद कर अक्सर खुद को रूला बैठे

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – सीने में जो आग जली है, जलके कोई राख न छूटे

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दर्दे दिल से आह न रूठे
साज का एक तार न टूटे

सीने में जो आग जली है
जलके कोई राख न छूटे

जख्मों पे बस तेरे निशाँ हैं
दाग ये पड़ जाए न फीके

अश्कों ने आवाज तो दी थी
बेकस के गम तूने न देखे

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – कसम देकर मेरी राह भूल जाओगी तुम

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तुझे हम बेवफाई का ये सिला दे जाएंगे
उम्रभर तेरे गम में खामोश रह जाएंगे

कसम देकर मेरी राह भूल जाओगी तुम
हम किसी मोड़ पे मुंतजिर दिख जाएंगे

जिन चिरागों को जलना नसीब न हुआ
जुदा होके तेरी यादों से वो जल जाएंगे

कितना बेबस हुआ जिंदगी में तेरे बिना
अब चाहकर भी तुमसे न मिल पाएंगे

मुंतजिर- इंतजार में

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – मेरे इस दर्द को कभी भी वो समझ न सकी

जो दास्तां न शुरू हो वो खतम क्या होगी

जो अजनबी थी उसे मेरी तलाश क्या होगी

 

मुझे मुहब्बत हुई तो लबों को खोला नहीं

नजर छुपाती रही वो तो बात क्या होगी

 

मेरे इस दर्द को कभी भी वो समझ न सकी

फिर मेरे गम से कभी वो उदास क्या होगी

 

जुदा हुई वो मगर जख्म दे गई इतना

सोचता हूं इससे अच्छी सौगात क्या होगी

शायरी – हंसते हुए मेले में, रोता ही रहा आशिक

अब दिल की वादी में रहना है मरते दम तक

अपना दर्द ही हमको लिखना है मरते दम तक

 

ये इश्क हुआ जिनको, दुनिया में न जी सका वो

उनसे ही अपना रिश्ता रखना है मरते दम तक

 

हंसते हुए मेले में, रोता ही रहा आशिक

उनके ही संग हमको रोना है मरते दम तक

 

मेरे दिल की तन्हाई में आते हो मेरे महबूब

तेरे अहसास में अब बसना है मरते दम तक

शायरी – दिल से निकलेगा कभी तो बरसते बादल

ढ़ूंढ़ते हैं तेरे साहिल पे मुहब्बत के निशां

दर्दे दरिया ये बता कि समंदर है कहां

 

बन चुके हैं मुसाफिर पर किधर जाएंगे

कदमों तले मंजिल का रहगुजर है कहां

 

दिल से निकलेगा कभी तो बरसते बादल

इन आंखों में अभी वो पतझड़ है कहां

 

रोनेवाले तो तलाशेंगे कहीं अपनी तन्हाई

मगर इस शहर में ऐसा मंजर है कहां

शायरी – तुमसे हर एक मुलाकात मुझे याद आई

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तुमसे हर एक मुलाकात मुझे याद आई
जब भी तन्हाई में जी लेने की बात आई

दर्द को देखना चाहा था अपने जीवन में
सांवली सी कोई लड़की बड़ी उदास आई

मैं बहुत रोया था उस रात जब तेरे दर पे
तुझे लेने को किसी गैर की बारात आई

तेरे जीने की खबर, न अपने मरने की खबर
बेखुदी भी तो जुदाई के ही साथ आई

©RajeevSingh #love shayari