Category Archives: महबूब शायरी

शायरी – मेरा इश्क भी तेरा हुस्न भी

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जिस मोड़ पे तू मिल गई
वहां एक नई राह खुल गई

तू नए किरण की बहार है
अब रात भी मेरी ढल गई

मेरा इश्क भी, तेरा हुस्न भी
गजलों में आके घुल गई

मेरी शायरी की किताब तू
कभी खो गई, कभी मिल गई


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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शायरी – कैसे हो गई तेरी वफा कम

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चांद ने मुझसे मुहब्बत की तो
सब तारे हो गए मेरे दुश्मन

मुझको कोई भी क्या देगा
देख चुके हैं सबका दामन

तुम अपनी नजरों से बताना
फूल पे आंसू हैं या शबनम

दिल में तेरे दर्द है फिर भी
कैसे हो गई तेरी वफा कम

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शायरी – पास आके वो यूं गुजर गए

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मैंने देखा तो डर गए सनम
उनका देखना देख लें न हम

जुबां से भला कैसे काम लें
जब दिल में है दर्द और शरम

उनके लब जरा थरथरा गए
अपनी आंखों से चूम लें न हम

पास आके वो यूं गुजर गए
जैसे गैर वो, जैसे गैर हम

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – क्यूं परेशां हो ऐ आवारा दिल

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मौत भी मुझको मयस्सर नहीं है
दर्द के जहर में असर नहीं है

इस धरती पे कोई भी जगह
मां की कोख से बेहतर नहीं है

क्यूं परेशां हो ऐ आवारा दिल
तेरे खातिर तो कोई घर नहीं है

तू भी उदास और मैं भी उदास
मुझपे क्यूं तुम्हारी नजर नहीं है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – अगर दिल में कुछ गिला रखना

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अगर दिल में कुछ गिला रखना
मुझसे मिलने का हौसला रखना

तुमको पाने की तमन्ना न पले
सबसे इतना ही फासला रखना

इश्क की प्यास जब तुझमें जगे
तुम मेरे सामने मसला रखना

मुहब्बत जवां रहे तेरे दिल में
अपने सीने में कुछ खला रखना

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – टूट जाते हैं यहां पे सदियों के रिश्ते

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वफा की राह पे चलती है मेरी तन्हाई
दूर तक साथ ही रहती है मेरी परछाई

कोई आवाज कहीं से आई ही नहीं
सुन रहे थे बड़ी देर तक एक पुरवाई

जान बाकी ही रही तेरे दरस के खातिर
मुंतजिर मौत भी निकली बड़ी हरजाई

टूट जाते हैं यहां पे सदियों के रिश्ते
ये दौलत-दीवारों भरी दुनिया जबसे आई

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – सभी बेगाने हैं, दुनिया में तेरा कोई नहीं

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हिज्र के चांद आस्मा में तेरा कोई नहीं
ऐ मेरे रूह, आशियां में तेरा कोई नहीं

किस शहर में जाओगे तुम अकेले पंछी
सभी बेगाने हैं, दुनिया में तेरा कोई नहीं

कौन खाता है तरस इस चिरागे-दिल पे
बेवफा हैं सब, रोशनी में तेरा कोई नहीं

आज भी कोई सन्नाटा यहां पसरा है
ऐ मेरे रात, रास्तों में तेरा कोई नहीं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – ऐसे ही दरिया में बहते हम तो कितने रात जगे

अश्क बहे जब-जब मेरे तन्हा दिल में प्यास जगे

ऐसे ही दरिया में बहते हम तो कितने रात जगे

 

क्या करें हम जब ये सावन की घटाएं मुंह मोड़े

कितनी भी आवाज लगा लो, बारिश की न आस जगे

 

भला-बुरा क्या होगा है, सुख-दुख में क्या रखा है

इश्क ने इतना दर्द दिया, सब कुछ अब बेकार लगे

 

अपनी ही फूटी किस्मत पर हम ऐसे मुसकाते रहे

लुट गए जिनके लिए हम, वो हमसे बेजार लगे

 

रस्ता देख-देखके अब तो वही हताशा घिर आयी

कांटे सब अहसास हुए, जज्बे भी अब खार लगे

शायरी – खुद में ही तुम उलझी हो, मुझको क्या सुलझाओगी

भूल नहीं पाते हैं तुमको, कितने भी मैं कर लूं जतन

तेरी ख्वाहिश मिट नहीं पाती, यादों में तुम हो सनम

 

आज अगर तुम मिल जाओगे, कैसे अपनाएंगे तुमको

कोई खुशी न दे पाएंगे, दूर तलक है गम ही गम

 

जीना भी था तेरे खातिर, जीते हैं हम आज भी यूं ही

जैसे-तैसे दिन कटते हैं, रातभर सहते हैं सितम

 

खुद में ही तुम उलझी हो, मुझको क्या सुलझाओगी

और भी उलझे हैं देखो, तेरे संग चल दो कदम

 

तेरे करम और तेरे सितम, पाएंगे हम जनम-जनम

अपनी तन्हाई तो सजेगी जब तक है यादों का भरम

शायरी – तेरा दर्द आंसू में गिर पड़ा, पर मैं कभी रो न सका

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ले चला तूफान ए इश्क, जाने कहां, किस देस में
भटका तेरी तलाश में आवारा दिल किस देस में

तेरा दर्द आंसू में गिर पड़ा पर मैं कभी रो न सका
तू नदी में जाके बुझ गई, मैं जलता ही रहा रेत में

जो मिला करे जुदा न हो, जो जुदा हो याद न आए
मुमकिन नहीं ये जहान में, समझा था बड़ी देर में

मैं फूल से जुड़ने को उसकी डाल का कांटा बना
वो फूल मुझे चुभती रही, रोया बहुत इस फेर में

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – वफा की दरिया न बह सकी इस दुनिया में

वफा की दरिया न बह सकी इस दुनिया में

किसी सागर से न मिल सकी इस दुनिया में

 

कितने तरकीब हैं लोगों में जीने के लिए

हमें तो एक भी न मिल पायी थी इस दुनिया में

 

मैं किनारे पे ही मुंतजिर रह जाता हूं

कोई कश्ती ही न मिल सकी इस दुनिया में

 

अपनी तन्हाई में जिसको मैं लिखा करता हूं

वो गजल भी न मिल सकी इस दुनिया में

शायरी – मेरे पास है बचा क्या दिल के सिवा ऐ हमदम

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आवारगी में अपना ठिकाना कहां से लाऊं
तेरे संग रह सके वो तमन्ना कहां से लाऊं

तुझे देखने की किस्मत मिल तो गई है लेकिन
आंखों में जल सके वो शम्मा कहां से लाऊं

मेरे पास है बचा क्या दिल के सिवा ऐ हमदम
तेरे लिए खुशी का मैं गहना कहां से लाऊं

सांसों में रह गए हैं आहों के चंद कतरे
दम मेरा निकल जाए वो सदमा कहां से लाऊं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – सुन ले जरा क्या कह रही तुमसे मेरी निगाह

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दो आईने को देखकर देखा किया तुझे
तेरी आंखों में डूबकर देखा किया तुझे

सुन ले जरा क्या कह रही तुमसे मेरी निगाह
खामोशियों से बोलकर देखा किया तुझे

लहरें तो आके रूक गईं साहिल को चूमकर
आंसू पलक में रोककर देखा किया तुझे

तेरी उदासियों में तस्वीर है मेरी
ये सोचके बस एकटक देखा किया तुझे

©RajeevSingh