Category Archives: राजीव सिंह

शायरी – खरीदते हैं वो जो मिल न सका प्यार में

new prev new shayari pic

खरीदते हैं वो जो मिल न सका प्यार में
खड़े हैं आज सब हसरतों के बाजार में

रिश्तों के कलह में हुआ ऐसा बुरा हाल
जीना दूभर किया घर के दरो दीवार ने

हर बार जाने क्यों आखिर में दुख मिला
चाहा तो था खुशी दिल के कारोबार में

उम्र गुजरी तो एक दिन ये मालूम हुआ
कि हर चीज बुलबुला है इस संसार में

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – मेरी आंखों के आंसू पे इतने सवाल करती हो तुम

new prev new shayari pic

खो गया हूं किधर मुझको भी अब, ये मालूम नहीं
रिश्तों के भंवर में डूब गया मैं कब, ये मालूम नहीं

मैं ऐसी जगह पहुंचा जहां सुकूं नहीं मिलता कभी
मेरे हालात पर हंसते हैं क्यों सब, ये मालूम नहीं

सब कुछ यहां मिलता है मगर ये गम रह जाता है
किस किसको प्यार मिलता है रब, ये मालूम नहीं

मेरी आंखों के आंसू पे इतने सवाल करती हो तुम
कैसे बताऊं क्या है रोने का सबब, ये मालूम नहीं

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – साथ में तुम हो फिर भी उलझन

new prev new shayari pic

साथ में तुम हो फिर भी उलझन
न रहो तुम तो फिर भी उलझन

जीवन का रस्ता कितना अंजाना
जितना चला, बढ़ती गई उलझन

मन में सवालों का अंत नहीं कोई
जितने जवाब उतनी नई उलझन

फर्श पे देखा था अर्श का सपना
अर्श पे पहुंचा तो और भी उलझन

अर्श – आकाश

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – कोई मोहब्बत करे तो बदनाम करते हैं

new prev new next

खुद प्यार करके दूसरों को रोकने वाले
दोगली जिंदगी जीते हैं ये दुनिया वाले

सरेराह दिल छलकाते फिरते रहते हैं
अपने घर में दिल पे पहरे बिठाने वाले

कोई मोहब्बत करे तो बदनाम करते हैं
दिल की नाकामी का बदला निकालने वाले

सदियों से लोग जज्बात खरीदते आए हैं
और बाजार में बैठे हैं दिल बेचने वाले

©rajeev singh shayari

एक शख्स जिसको सब कहते थे कलाम

अब्दुल कलाम
अब्दुल कलाम को अलविदा

अलविदा कलाम – शायरी में अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि

new prev new next

करेगा हिंदुस्तान हमेशा उसको सलाम
एक शख्स जिसको सब कहते थे कलाम

हर आंख नम है, हर दिल में गम है आज
छिन गया अचानक सबका प्यारा कलाम

साइंसदां ही नहीं, इतना बड़ा इंसां था वो
कि सब कह रहे कब आएगा दूसरा कलाम

उम्र बढ़ती गई, वह और भी जवां होता गया
कितना जिंदादिल था वो मुस्कुराता कलाम

भले ही बुझ गया सरजमीं का हसीन सितारा
मगर रौशन रहेगा दिलों में हमेशा कलाम

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – तब जमाने में वो आपकी हंसी उड़ाएगा

red prenew next

जब कोई आपसे मुकाबला न कर पाएगा
तब जमाने में वो आपकी हंसी उड़ाएगा

वो जानता है, मैं अपने फन का सिकंदर हूं
मगर सबके सामने वो जोकर मुझे बनाएगा

इस दुनिया में मुझे बदनाम करने के लिए
मेरे बारे में क्या क्या झूठी बातें फैलाएगा

जब भी मिलता है मैं उससे यही कहता हूं
ऐ मेरे यार तू मेरा कुछ न बिगाड़ पाएगा

©rajeev singh shayari

शायरी – जवानी ये कैसी खता करा बैठा

new prev new next

जाने क्या सूझा, जवानी ये कैसी खता करा बैठा
कमजर्फ बेवफा की दिल्लगी से दिल लगा बैठा

बरसों में बनाई थी उसने दुनिया में जो इज्जत
उसे एक पल में कमसिन के हाथों लुटा बैठा

हसीना ने हंस हंस के जमाने में बदनामी की
वह शख्स किसी कोने में खुद को छिपा बैठा

अब रोता है वो अपनी करतूत और किस्मत पर
कि क्यों मासूम चेहरे पर कदम डगमगा बैठा

कमजर्फ – ओछा

(एक उम्रदराज इज्जतदार आशिक से प्रेरित शायरी, जिसकी कमउम्र बीवी ने उसे दुनिया में बदनाम किया। )

©RajeevSingh

शायरी – रास्तों में मिलते ही कतराते हैं लोग

love shyari next

मुझे देखकर ही डर जाते हैं लोग
रास्तों में मिलते ही कतराते हैं लोग

मेरी यारी जब किसी से बढ़ती है
पीठ पीछे उसे खूब समझाते हैं लोग

अगर भूल से कोई तारीफ करे मेरी
उस बात को वहीं दफनाते हैं लोग

मेरा दुश्मन जो कहीं पे मिल जाए
उसे तहे दिल से गले लगाते हैं लोग

सच कह देता हूं किसी के मुंह पर
मेरी इसी फितरत से घबड़ाते हैं लोग

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – हम रोये तो ये जमाना समझ में आया

love shyari next

कभी अपनों ने, कभी दूसरों ने रुलाया
हम रोये तो ये जमाना समझ में आया

अपने मतलब के लिए इस्तेमाल करते हैं
कई इंसानों में हमने इस हुनर को पाया

प्यार में डूबी हुई अच्छी अच्छी बातें करके
वो न जाने कितनों का कत्ल कर आया

मगर कुछ लोग यहां ऐसे भी मिल जाते हैं
जिनको दूसरों पर अपनी जान लुटाते पाया

©RajeevSingh # muhabbat shayari

शायरी – शायद दोनों जुदा हो जाएं

love shayari hindi shayari


एक शहर में कितने घर हैं
तेरे घर हैं, मेरे घर हैं

तेरे अपने और मेरे अपने
सारे पत्थर, हम दो सर हैं

चार दीवारें, छत की दुनिया
बंदिश रस्मों के बिस्तर हैं

शायद दोनों जुदा हो जाएं
तुझमें-मुझमें बस ये डर है


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – मौत से इश्क को मुहब्बत है

love shayari hindi shayari


दर्द ही इश्क की हकीकत है
मौत से इश्क को मुहब्बत है

बादल आवारा चांद क्यूं पाए
रोनेवालों की यही किस्मत है

ये जमाना तो मेरा दुश्मन है
और जमाने से मुझे नफरत है

कैसे भुलूं मैं जिंदगी में तुझे
मेरी तन्हाई की तू जरूरत है


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – जब से आंखों पे छाए हो

love shayari hindi shayari


दर्द है आता जिस रस्ते से
तुम भी आए उसी रस्ते से

जब से आंखों पे छाए हो
सुबह न आई किसी रस्ते से

दुख पाने से डरते हो तुम
जाओ भीड़ भरे रस्ते से

रोते नज्मों को संग लिए
तन्हा चले अपने रस्ते से


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari