Category Archives: रूबाई

शायरी – ये तनहाइयाँ जो तेरी गुलाम हैं

ये तनहाइयाँ जो तेरी गुलाम हैं

रहती हैं हर पल तेरी खिदमत में

दिल ही दिल में पूजता हूँ तुमको

लेकिन तेरी तस्वीर भी नहीं किस्मत में

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शायरी – जी रहे हैं तेरे गम में यूँ डूब कर

जी रहे हैं तेरे गम में यूँ डूब कर

ये सागर है जिसमें आँसू भी नहीं

जो बहते नहीं हैं उसे क्या कहूँ मैं

अब मेरे लिए ये भी कुछ भी नहीं