Category Archives: रूबाई

शायरी – ये तनहाइयाँ जो तेरी गुलाम हैं

ये तनहाइयाँ जो तेरी गुलाम हैं

रहती हैं हर पल तेरी खिदमत में

दिल ही दिल में पूजता हूँ तुमको

लेकिन तेरी तस्वीर भी नहीं किस्मत में

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शायरी – जी रहे हैं तेरे गम में यूँ डूब कर

जी रहे हैं तेरे गम में यूँ डूब कर

ये सागर है जिसमें आँसू भी नहीं

जो बहते नहीं हैं उसे क्या कहूँ मैं

अब मेरे लिए ये भी कुछ भी नहीं

शायरी – गज़ल बन उठे हैं मेरे दर्द औ गम

गूँजे है दिल में मुहब्बत के सरगम

गज़ल बन उठे हैं मेरे दर्द औ गम

मेरा जिस्म तुमसे जुदा है तो क्या

होता है दिल में तेरा-मेरा संगम

शायरी – बरस कर गया है अभी सर्द सावन

बरस कर गया है अभी सर्द सावन

ओलों से भर गया है मेरा दामन

गलेंगे नहीं ये बर्फ के टुकड़े

रहेंगे निगाहों में रखे सभी गम

शायरी – तेरी आरजू ही जब दुआ बन गई

तेरी याद ही जब जिंदगी बन गई

तो भूलने को बाकी क्या रह गया

तेरी आरजू ही जब दुआ बन गई

तो माँगने को बाकी क्या रह गया

शायरी – तनहा सफर में दर्द की आग जो भड़की

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चिरागों को जलाने से रात रंगीन होती है
दिल को जलाने से ये गमगीन होती है

मेरी आंखों की उदासी बढ़ती है जितनी
एक हुस्न की सूरत और भी हसीन होती है

टूटकर भी बार बार वो ज़हन पे छा गई
रातभर ख्वाबों में एक नाजनीन होती है

तनहा सफर में दर्द की आग जो भड़की
वो चुभने वाली शोलों की संगीन होती है

©राजीव सिंह शायरी

i will love you forever shayari

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तन्हाई से निकलने की आदत नहीं रही
अब तेरी भी कोई जरूरत नहीं रही
लेकिन अगर तू कल करीब आ जाए
तो ये न कहूंगा कि मुहब्बत नहीं रही

Tanhayi Se Nikalne Ki Aadat Nahi Rahi
Ab Teri Bhi Koyi Jarurat Nahi Rahi
Lekin Agar Tu Kal Kareeb Aa Jaye
To Ye Na Kahunga Ki Mohabbat Nahi Rahi

©rajeev singh shayari

shayari on sad lover neglected by girlfriend

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है इज्जत की खातिर तू बंदिशों में
बनती है तू बेदिन इन साजिशों में
आंखों में तेरे है हंसने की ख्वाहिश
फिर क्या मिले तुझे उदास आशिकों में

Hai Izzat Ki Khatir Tu Bandishon Me
Banti Hai Tu Bedil In Sazishon Me
Aankho Me Tere Hai Hansne Ki Khwahish
Phir Kya Mile tujhe Udas Aashiqon Me

©rajeev singh shayari

lover’s lifetime wait for her shayari

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तुम मुझे छोड़के चली जाओ कहीं
मेरा इ्श्क दिल से मिटेगा नहीं
मुंतजिर रहूंगा मैं मौत तलक
यह इंतजार मुझसे छूटेगा नहीं

Tum Mujhe Chhodke Chali Jao Kahin
Mera Ishq Dil Se Mitega Nahi
Muntazir Rahunga Mein Maut Talak
Yahh Intezar Mujhse Chhutega Nahi

©rajeev singh shayari

feelings of lover in shayari who fights unto death

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hindi text

दुनिया वाले गली-गली में दीवार बनाते हैं
मुहब्बत का सर काट दे वो तलवार बनाते हैं

ये अदा है दुश्मनी की जो हर आशिक को
अपनी ही मौत का तलबगार बनाते हैं


english text

duniya wale gali gali me deewar banate hain
mohabbat ka sar kat de wo talwar banate hain

ye adaa hai dushmnai ki jo har aashiq ko
apni hi maut ka talabgaar banate hain


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aashiq love death tasweer
दुनिया वाले प्रेमियों के बीच दीवार बनाते हैं

©RajeevSingh

aashiq remembers her lost love in this shayari

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hindi text

ये आहें सुनाते हैं कितने फसाने
कैसे जाएंगे हम तुमको सुनाने
तेरा शहर अब जाने कहां है
किधर तू गयी नई दुनिया बसाने


english text

ye aahen sunate hain kitne fasane
kaise jaenge ham tumko sunane
tera shahar ab jane kahan hai
kidhar gayi tu nayi duniya basane


feelings for her in pic

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©RajeevSingh

इश्क की ये अधूरी दास्तान तुमको सुनाने कहां जाऊं

आशिक की आहों को कौन सुनता है, उन फसानों को सुननेवाला कोई नहीं। जिसे सुनाना था वो तो कहीं और नई दुनिया बसाने के लिए चली गई। वो अब किस नए शहर में है, ये भी मुझे मालूम नहीं।

तुम कौन से शहर में चली गई मुझे छोड़कर। इश्क की बस अधूरी दास्तान रह गई है मेरे साथ तन्हा। तुम्हारा साथ जैसे यादों का सफर बनकर रह गया है जिसकी राहों में बस दर्द देनेवाले लफ्ज बिछे हैं।

उन यादों को रखा है सीने में संभालकर ताकि तुम कभी मिलो तो फिर उसे दुहरा सकूं। लेकिन शायद ये मुमकिन न हो। तुम एक बार जाती हो तो फिर कहां लौटकर आती है, मुड़कर भी तो नहीं देखती।

Love poem by rajeev

नया घर, नया शहर, नए लोग, नए रिश्ते। ऐसे में पुराने रिश्ते पुराने होते चले जाते हैं और तुम भी बहुत दूर निकल जाती हो। जिंदगी से दूर, खुद से दूर,अपनी मंंजिल से दूर। नई जिंदगी, नया सफर, जहां तुम्हारे सिर पर लाख जिम्मेदारियों का बोझ होता है। वो बोझ क्या कभी पुराने दिनों को याद करने देगी तुम्हें…

दिन गुजरते जाएंगे, साल गुजरते जाएंगे और उम्र भी गुजर जाएगी। मेरे हाथों में इश्क की ये अधूरी किताब कभी पूरी हो न  पाएगी, न ही मैं इसे लिखकर पूरी कर पाऊंगा। अधूरा प्यार भी शायद अपने आप में मुकम्मल होता है। दो दुनिया के बीच में फंसे प्यार की मंजिल शायद जुदाई ही है…लेकिन दिल है कि तुमसे मिलने की जिद करता है। उसे कहां मालूम कि तुम कहां हो और मालूम हो भी तो शायद तुमसे मिल न सकूं..यही इश्क कहता है…

ये आहें सुनाते हैं कितने फसाने
कैसे जाएंगे हम तुमको सुनाने
तेरा शहर अब जाने कहां है
किधर तू गयी नई दुनिया बसाने

ye aahen sunate hain kitne fasane
kaise jaenge ham tumko sunane
tera shahar ab jane kahan hai
kidhar gayi tu nayi duniya basane

feelings for her in pic

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©RajeevSingh