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मैंने अपनी ही जाति में प्रेम किया और अब हमारी शादी हो रही है….

मैं लखनऊ से सगुन हूं। मैं अभी 22 की हूं। पीजी कंप्लीट कर लिया और जॉब की तैयारी कर रही हूं। मैं हमेंशा से ही अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती थी, घर से कॉलेज और कॉलेज से घर बस इतना ही था। मेरी जिंदगी में कुछ दोस्त कॉलेज में जरूर थीं और वो सब मेरी जैसी ही थीं। हम सबकी एक सोच थी कि शादी मम्मी-पापा के मन की ही करेंगे, लव मैरिज नहीं करेंगे। प्यार-व्यार कुछ भी नहीं होता।

कॉलेज में लड़के भी थे लेकिन लड़कियों का हमारा ग्रुप उनसे काफी दूर रहता था इसलिए कॉलेज मे भी हमारी बहुत तारीफें हुआ करती थीं। घर में भी सब बहुत खुश थे। हर जिद पूरी होती थी। बस एक के अलावा कि फोन मत मांगो। मेरी सभी दोस्तों के पास फोन था और अब 12वीं करने के बाद मुझे भी चाहिए था। पर घर में ये जिद कोई पूरी नहीं करना चाहता था। बस इस डर से कि ये फोन में लग जायेगी, फिर पढ़ाई नहीं करेगी।

मैं काफी समझदार थी। मैं अपना अच्छा-बुरा बहुत अच्छे से जानती थी। एक दिन पापा ने बोल ही दिया कि चलो आजकल सब बच्चों के पास फोन होता है, इसे भी मिलना चाहिए। फिर क्या था, मुझे भी मिल गया। वैसे मेरे स्टोरी काफी लंबी है पर मै बस यहां से बताऊंगी कि एक दिन मुझे भी प्यार हो ही गया। मुझे खुद समझ नहीं आया कि आखिर ये हुआ कैसे। वो हमारी कास्ट के ही हैं। मैंने आपको पहले ही बताया था कि मैं काफी समझदार हूं।

मैं अंधी होकर प्यार में नहीं पड़ी। मैंने अपने लिए एक ऐसा जीवनसाथी चुना जिससे मेरे घर में कोई परेशानी ना खड़ी हो। जब मुझे यकीन हो गया कि ये इंसान मुझे समझता है ,हमारी इज़्ज़त करता है, मैंने मेरी मां को सब सच बता दिया। मां ने पापा से बात की। दोनों ने मिलकर फैसला लिया कि उस लड़के से मिल लेना चाहिए। मम्मी-पापा उससे मिले और उन्हें मिलकर बहुत अच्छा लगा।

आज हमारे रिलेशनशिप के 3 साल पूरे हो गए हैं। वो बीटेक फाइनल ईयर में है। बस इंतजार है उनकी पढ़ाई पूरी होने का बस, अब 10 महीने बाद शादी। बहुत खुशनसीब हूं मैं। मैंने जिनसे प्यार किया, उनसे अब जिंदगीभर करूंगी एक पत्नी के रूप में। पहला प्यार मेरे पापा थे और मेरा आखिरी प्यार मेरे पति होंगे। बहुत सी प्रॉब्लम आई हमारी जिंदगी में। बहुत उतार-चढ़ाव भी देखे पर एक दूसरे पर इतना ज्यादा ट्रस्ट था कि हम कभी अलग नहीं हुए….

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मेरा बीएफ मजबूर है, शादी नहीं कर सकता, मैं एरेंज मैरिज कर लूं?

मैं रिया हूं। मैं अभी तीस साल की हो चुकी हूं। जब मैं 16 साल की थी तब मेरी लाइफ में एक लड़का आया। वो बहुत अच्छा था लेकिन तीन साल बाद उसका बिहेव बदलने लगा। वो नई-नई लड़कियों से बात करने लगा। मुझमें उसे बहुत सारी कमियां ही कमियां नजर आने लगीं। मैं उस समय करीब 20 की थी और बहुत रोती थी। फिर उसने मुझे छोड़ दिया। मैं खामोशी से धीरे-धीरे जिंदगी में आगे निकल गई।

इसके बाद मैं बहुत समय तक लड़कों से दूर रही। फिर एक दिन मेरे एक क्लासमेट ने मुझे प्रपोज किया। वो मुझे बहुत प्यार करता है। मुझे खोना नहीं चाहता। शादी करना चाहता है। मैं उसके साथ बहुत खुश हूं और अपनी पास्ट बिल्कुल भूल चुकी हूं। लेकिन यहां हमारी कास्ट सेम नहीं है। मेरी फैमिली शादी के लिए मान गई है लेकिन उसके पापा नहीं मान रहे। वो बहुत रोता है।

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लेकिन मेरी भी उम्र तीस साल की हो चुकी है और मां-पापा मुझे शादी के लिए फोर्स कर रहे हैं। एक अच्छा रिश्ता आया है और वो लड़का अच्छा है। किसी चीज की उसके यहां कोई कमी नहीं है पर मैं क्या करूं? मेरा बीएफ मुझसे कहता है कि मां-पापा जहां कह रहे हैं, वहां शादी कर लो। वो अपने मां-बाप का इकलौता बेटा है और वो उनको दुखी नहीं करना चाहता। उनके खिलाफ जाकर मुझसे शादी नहीं कर सकता।

जो प्यार मैं कभी सपनों में सोचा करती थी, वैसा प्यार मुझे अपने बीएफ से मिला लेकिन वो मजबूर है। मैं खुद उससे दूर नहीं जाना चाहती लेकिन वो मेरा नहीं हो सकता क्योंकि उसके मां-बाप ऐसा नहीं चाहते। मेरे लिए जो रिश्ता आया है, क्या मैं वहां शादी कर लूं? मैं बहुत टेंशन में हूं। मैं आगे अब क्या करूं?

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मैंने रिया से कहा है कि मां-बाप जहां कह रहे हैं वहां वो शादी कर ले क्योंकि बीएफ के साथ रिश्ते का कोई फ्यूचर नहीं है। दरअसल वो शादी करना चाहती है क्योंकि बीएफ का वो कितना इंतजार करेगी। बीएफ को अपने मां-बाप की परवाह है तो वो भी तो अपने मां-बाप की परवाह करेगी। सिचुएशन में वो उलझी हुई थी। वो ये कह रही थी जो रिश्ता आया है वो अच्छा लड़का है तो मैंने उससे कहा कि शादी कर लो। रिया मेरी बात सुनकर खुश हो गई। मुझे लगा कि रिया मैच्योर लड़की है। वो सब संभाल लेगी क्योंकि वो पहले भी प्यार में झटका खा चुकी थी। एक बार जिंदगी में जो झटका खाकर संभल जाते हैं, वो कुछ भी कर सकते हैं।

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किसी और से शादी करने के छह साल बाद उसने अचानक मुझे कॉल किया, लव स्टोरी

मैं संदीप हूं। लगभग 20 दिन पहले अंजान नंबर से मेरे पास एक मिस कॉल आई। मैंने अपनी तरफ से उस नंबर पर कॉल किया तो उधर से किसी ने उठाया लेकिन कोई आवाज नहीं आई। अगले दिन उसी नंबर से फिर मेरे पास फिर कॉल आई तो पता चला कि वो ही है। छह साल पहले उसने मुझे छोड़कर किसी और से शादी कर ली थी। उसके बाद मैंने किसी तरह से खुद को संभाला था।

अब छह साल बाद पता नहीं कैसे, उसे मेरी याद आ गई। जैसे ही पता चला कि कॉल पर वो है, मैंने दिल को थोड़ा संभाला और फिर बिना लड़खड़ाए, बिना रोये-धोये उससे बात की। अगले दिन फिर कॉल आया तो मैंने 15-20 मिनट इधर-उधर की बात की। इसके बाद मैं सात दिनों के लिए बाहर घूमने हिल स्टेशन चला गया। वहां मैंने फोन बंद कर रखा था।

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जब मैं वापस आया तो मेरा दोस्त बता रहा था कि उसके पास सात दिन उस लड़की ने लगातार कॉल किया और मेरा हाल-चाल लेती रही। वो पूछ रही थी कि मैं कहां गया हूं और कब लौटकर आऊंगा। उसने मेरे दोस्त को बताया कि उसके दो बेटे हैं और उसकी लाइफ में सब ठीक चल रहा है।

हिल स्टेशन से लौटने के बाद मैंने उसे फिर कॉल किया तो उसने ठीक से बात नहीं की। मैंने उसको कहा कि छह साल बाद भी तुम वैसी की वैसी ही हो, मैं फोन काट रहा हूं और आगे से कभी तुमको कॉल नहीं करूंगा। इसके बाद से अब आठ दिन बीत चुके हैं लेकिन न तो मैंने उसको कॉल किया और न ही उधर से उसने किया।

अब आपलोग ही बताइए, मैं क्या करूं। छह साल बाद आखिर वो मुझे कॉल क्यों कर रही थी और अब मेरा कॉल क्यों इग्नोर कर रही है? छह साल पहले उसकी शादी के बाद मैं बड़ी मुश्किल से खुद को संभाल पाया हूं। मैं कभी इस लड़की की वजह से खुदकुशी करने की सोच रहा था लेकिन मैंने जिंदगी में खुद को संभाल लिया और उसके बगैर जीना सीख लिया।

अब छह साल बाद मेरे साथ ये क्या हो रहा है, कुछ समझ नहीं आ रहा। दिमाग काम नहीं कर रहा कि ये क्या हो रहा है, आगे क्या होगा और क्या होना चाहिए…मतलब मुझे क्या करना चाहिए?

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छह साल बाद आपसे बात करने की कई वजहें हो सकती हैं। हो सकता है कि शादी के छह साल बाद वो अकेली फील कर रही होगी क्योंकि अमूमन इतने सालों बाद शादी के रिश्ते में वो बात नहीं रह जाती और पति-पत्नी का एक-दूसरे में इंट्रेस्ट भी कम होने लगता है। ऐसा अक्सर देखने को मिलता है।

या फिर वो आपसे कुछ कहना चाहती होगी, जो छह साल पहले न कह पाई हो। या फिर उसकी अभी की कोई प्रॉब्लम हो जो वो किसी से न कह पाई हो और आपसे ही कहना चाहती हो। या फिर हो सकता है कि वो छह साल बाद यह जानना चाहती होंगी कि आप किस हाल में जी रहे हैं?

दो दिन बात करने के बाद आप हिल स्टेशन चले गए और सात दिन फोन बंद रहा तो उनको यही लगा होगा कि आप बात नहीं करना चाहते, इग्नोर कर रहे हैं। दोस्त से उन्होंने आपका हाल जाना तो उनको लगा होगा कि आप अपनी जिंदगी में खुश हैं तो फिर क्यों आपको डिस्टर्ब किया जाय?

ऐसे में अगर कभी बात हो तो आप मैच्योरिटी दिखाइए। उनसे पूछिए कि कोई प्रॉब्लम हो तो वो बताएं और उनको सलाह दीजिए कि अगर कोई प्रॉब्लम न हो तो अपनी जिंदगी में वो खुश रहें।

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एक खराब शादी के बाद मैं किसी तरह जिंदा बची तो प्यार ने मेरा सबकुछ छीन लिया…

मैं अंजू हूं और यूपी के एक शहर में छोटी सी जॉब करती हूं। अभी 26 साल की हूं। मैं अपनी तकलीफ किसी से कह नहीं पा रही हूं इसलिए आप सबसे शेयर कर रही हूं। जब 18 साल की थी तब मेरी शादी मां-बाप ने एक सप्ताह में ही कर दी थी। लड़केवालों ने मेरे मां-बाप से कहा कि लड़के की दादी की हालत बहुत नाजुक है और वो दुनिया छोड़ने से पहले पोते की शादी देखना चाहती है, इसलिए जल्दी से जल्दी शादी करनी है। मेरे मां-बाप ने देखा कि लड़क इकलौता है और घर भी ठीक है तो उन्होंने भी हां कर दी। लेकिन जब मैं शादी करके ससुराल गई तो वहां पता चला कि लड़केवालों ने झूठ बोला था और मेरे साथ धोखा हुआ था।

मेरा पति नकारा था और बहुत नशा करता था। पहले ही दिन से उसने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। रोज मेरे साथ मारपीट होती और मेरे सास-ससुर बस देखते रहते। मैंने डर के मारे अपने मम्मी पापा को कुछ नहीं बताया। मैंने सोचा कि अगर वो जानेंगे तो उनको तकलीफ होगी। फिर एक दिन सबकुछ मेरे बर्दाश्त से बाहर हो गया। वो मुझे अपने मां-बाप के सामने ही मार रहा था। मेरे सर से खून निकलने लगा। पता नहीं मुझमें कहां से हिम्मत आई, मैंने पति को धक्का दिया और घर से बाहर भाग गई और भागती रही। रास्ते में मुझे भगवान के रूप में एक इंसान मिला। उसने एक गाड़ी में मुझे बैठाया और ड्राइवर को पैसे देकर कहा कि जहां ये कहे, इसे छोड़ देना। मैं उस गाड़ी से मां-बाप के घर चली गई।

मेरे मां-बाप मुझे इस हाल में देखकर रोने लगे। फिर ससुरालवाले आए और समझा-बुझाकर मुझे ले गए लेकिन वहां कुछ भी नहीं बदला। मैंने मां को सारी बात बताई तो वो फिर आकर मुझे ले गई। मैं इस बार मां के घर आठ महीने तक रही। मां-पापा कहने लगे कि बेटी अब ससुराल ही तुम्हारा घर है। ससुरालवाले फिर आए और मुझे ले गए। मेरा पति नहीं सुधरा। इस बार मैं प्रेग्नेंट हो गई तो मां ने सोचा कि बच्चा होगा तो सब ठीक हो जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। मेरी बेटी हुई। एक साल तक किसी तरह मैंने ससुराल में बिताया। मेरी बच्ची का बर्थडे था, उस दिन मैंने काफी तैयारी की थी लेकिन रात में मेरा पति शराब पीकर आया और बहुत नाटक किया।

मैंने अपने भाई को फोन कर बुलाया और ससुराल से बेटी को लेकर मायके आ गई। मैंने उस रात नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की लेकिन बच गई। दो दिन बाद जब होश आया तो ठान लिया कि अब मैं ससुराल नहीं जाऊंगी। मेरे पापा कहने लगे कि ऐसा नहीं होता बेटा, लोग क्या कहेंगे। मैंने भी कह दिया कि अब ससुराल मेरी लाश जाएगी। मैंने तलाक का केस दायर किया और केस अभी चल रहा है। मैंने मां के घर अपनी बेटी को छोड़ा और खुद जॉब तलाशने दूसरे शहर में चली आई। यहां मेरी सहेली की मदद से मुझे एक नौकरी मिल गई। लेकिन बदकिस्मती ने फिर भी मेरा पीछा नहीं छोड़ा। मेरी दोस्त हमेशा अपने भाई के बारे में बात किया करती थी जो प्यार में बहुत दुखी था।

मैं अपनी दोस्त के यहां आती-जाती थी। उसके भाई का एक लड़की से ब्रेकअप हुआ था और वो बहुत परेशान रहता था। उसके भाई से मेरी बात होने लगी और वो अपना दर्द मुझसे शेयर करने लगा। मैं उसके तकलीफ को अपना समझने लगी और फिर एक दिन उसने मुझे प्रपोज कर दिया। उसने कहा कि तुम्हारे बारे में मुझे सब पता है लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उसने कहा कि मैं हमेशा तुम्हारा साथ दूंगा लेकिन तुमसे शादी नहीं कर सकता। मेरे अंदर भी उसके लिए प्यार था इसलिए हां बोल दिया।

कुछ दिन बाद हम दोनों की लड़ाई होने लगी क्योंकि वो और भी लड़कियों से बात करता था जो मुझे अच्छा नहीं लगता था। वो अपने दोस्त की पत्नी से अफेयर करने लगा तो मैं बहुत परेशान रहने लगी। वो फोन पर दोस्त की बीवी से लगातार बात करता था, इसी बात पर हमारी लड़ाई होती थी। इस बीच हम दोनों के बीच फिजिकल रिलेशन बन गए जिस वजह से मैं प्रेग्नेंट हो गई। उसने मुझे अबॉर्शन कराने को कहा लेकिन पहले मैंने मना किया तो मुझे सुसाइड करने की धमकी देने लगा। मजबूर होकर मैंने बच्चा गिरा दिया जिसके बाद से मैं काफी गिल्ट फीलिंग के साथ जी रही हूं कि मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया।

उसने मुझसे कहा कि तुम जिसकी भी लाइफ में रहोगी, वो बर्बाद हो जाएगा। उसने सारा ब्लेम मेरे ऊपर डाल दिया। कहने लगा कि तुम्हारे हसबैंड की कोई गलती नहीं होगी, तुम ही गलत हो। मैंने उसके लिए क्या नहीं किया। उसने मुझसे जब-जब पैसे मांगे, मैंने किसी तरह इंतजाम करके उसे दिया। मैंने दूसरों से कर्ज तक लिया। फिर भी उसने मेरे साथ ऐसा किया। कहने लगा कि अपनी मां से बहुत प्यार करता हूं, उनके खिलाफ नहीं जाऊंगा, तुमसे शादी नहीं करूंगा।

उसकी बहन यानी मेरी दोस्त और उसकी मां को बस ये पता है कि हम दोनों के बीच कुछ अफेयर जैसा था लेकिन ब्रेकअप हो चुका है। अब उनको लगता है कि हम दोनों के बीच कुछ भी नहीं है। मेरी दोस्त और उसकी मां भी नहीं चाहती थी कि हम दोनों का रिश्ता आगे बढ़े। लेकिन हम दोनों रिश्ते में इतने आगे बढ़ चुके थे, ये उन लोगों को नहीं मालूम।

मैं आज भी उसे बहुत प्यार करती हूं और उसके बिना नहीं जी सकती। पहले पति खराब मिला और उसके बाद ये भी वैसा ही निकला। मैं जिंदगी से बहुत थक चुकी हूं। मैं बर्बाद हो चुकी हूं। मुझे बहुत अफसोस होता है कि मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया। उसको इस बात का अहसास तक नहीं है कि उसने कितना गलत किया।

मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया, यह अहसास भी मुझे जीने नहीं दे रहा। दूसरी तरफ, जिंदगी में फिर मुझे धोखा मिला, मैं क्या करूं….

पेज एडमिन राजीव का जवाब

अंजू से मेरी बात हुई है तो मैंने उनको डिप्रेशन का इलाज कराने को कहा है ताकि वो नॉर्मल हो सके। जब तक वो इमोशंस में बहती रहेगी, तब तक बुरे-बुरे ख्याल आते रहेंगे। जब डिप्रेशन से निकलेगी तब जाकर वो कुछ बेहतर सोच सकती है। साथ ही, मैंने उनको वही कहा है जो अब तक कई बार कहता आया हूं। लड़की अक्सर लड़के की खराबी सामने आने के बाद भी यही कहती है कि उसके बिना नहीं जी सकती तो सबसे ज्यादा बुरा मुझे लगता है।

मुझे कभी ये मानसिकता समझ में नहीं आई कि लड़की किसी धोखेबाज को पहचानकर भी उसके साथ रिश्ता आगे क्यों रखना चाहती है? खैर जीवन के इस रहस्यभरे सवाल का जवाब मेरे पास भी नहीं है। फिलहाल सबसे यही कहूंगा कि जैसे ही पता चले कि लड़का धोखेबाज है, आप उनका साथ छोड़ें चाहे प्यार कितना भी गहरा हो। ऐसे प्यार का अंजाम बुरा ही होगा।

और अंजू, आपकी एक बेटी जो मां के पास बड़ी हो रही है, आप अब उनकी जिंदगी संवारने के लिए जीते चलिए। आप कमा रही हैं, बेटी की परवरिश कीजिए। धोखेबाजों से बचकर रहिए। आगे कोई बेहतर इंसान मिले तो पति से तलाक केस फाइनल होने के बाद शादी कर लीजिएगा नहीं तो सिंगल लाइफ भी खराब नहीं है, कई लोग जी रहे हैं। और बच्चे को आपने नहीं मारा, मैं एक मां की भावना को समझा तो नहीं सकता लेकिन जो हो गया, उसे बदल तो नहीं सकते…आगे कुछ बुरा न हो, इसका ख्याल रखिए, यही जिंदगी है। गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है कि जो होता है, अच्छे के लिए होता है…मैं भी यही मानता हूं।

पेज रीडर्स की सलाह

बीवी की बड़ी बहन से पति के रिश्ते बन गए और फिर अब घर टूटने की नौबत

मैं परी हूं।। मैं मेरी बेस्ट फ्रेंड के बारे में कुछ बताना चाहती हूं और उसकी लाइफ में बहुत प्रॉब्लम चल रही है…मैं हेल्प नहीं कर पा रही हूं इसलिए यहां उसकी स्टोरी पोस्ट करके आप सबके सपोर्ट और एडवाइस से मैं शायद उसकी लाइफ बचा सकती हूं।

मेरी बेस्ट फ्रेंड का नाम नेहा है, उसकी शादी को डेढ़ साल हो गए। लव मैरिज उसने की थी। लड़के से शादी के लिए मैंने भी उसको कहा था। उसकी एक बड़ी बहन है जिसके हसबैंड दो साल पहले गुजर गए। वो मायके में ही रहती है और नेहा हर तरह से बड़ी बहन की हेल्प करती रही, उसको संभालती रही।

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लेकिन नेहा के पति और उसकी बड़ी बहन ने उसके विश्वास को ठेस पहुंचाई और धोखा देने लगे। दोनों एक दूसरे से मिलने लगे, फोन पर बात करने लगे, वाट्सएप पर चैट शुरू कर दिया। नेहा को एक बेटा है और उसकी बड़ी बहन के दो बच्चे हैं। अब हमें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें…

कोई बाहर का होता तो समझ आता लेकिन खुद की बहन ने ही उसके पति के साथ रिश्ता जोड़ लिया। कैसे वो खुद को संभाले, कैसे मैं उसे समझाऊं? मुझे समझ नहीं आ रहा इसलिए जज्बात पेज पर पोस्ट कर रही हूं ताकि आप लोग बेस्ट सजेशन दें और मैं अपनी फ्रेंड की लाइफ बचा पाऊं।

उसने पति से इस बारे में बात की तो उसने नेहा की बड़ी बहन से रिश्ते को स्वीकार किया और कहा कि तुम दोनों को साथ रखूंगा। जब नेहा ने कहा कि किसी एक को चुनना पड़ेगा तो उसने उसकी बड़ी बहन को चुना।

मैंने नेहा को समझाया कि घर में बात कर लो और अब तलाक के सिवा कोई और रास्ता नहीं है क्योंकि अब हसबैंड के साथ रिश्ते का कोई फ्यूचर नहीं है। अगर वो उसकी बड़ी बहन से रिश्ते बना सकता है तो वो आगे भी धोखा ही करेगा लेकिन नेहा मानने को तैयार नहीं है…हर पल डर लगता है कि कहीं कुछ वो गलत कदम न उठा ले, मैं पूरी कोशिश करके समझा रही हूं लेकिन आप लोगों की हेल्प चाहिए…

पेज एडमिन राजीव की बात

ये काफी जटिल मामला है। पहले तो पूरी कोशिश ये होनी चाहिए कि बड़ी बहन रिश्ते से पीछे हट जाए। अगर वो नहीं हटती है तो फिर तलाक के सिवा कोई रास्ता नहीं।

समाज के लोग कह रहे, प्रेम विवाह किया तो हुक्का पानी बंद करेंगे, कैलाश की स्टोरी

मैं गुजरात से कैलाश हूं। मेरा गांव है जिसमें मैं एक लड़की से प्यार करता हूं। वो मेरे पड़ोस में रहती है। बचपन से ही हम साथ पढ़े। पहली क्लास से ग्रेजुएशन तक हम दोनों सच्चे दोस्त की तरह साथ चले और हमारी दोस्ती बढ़ती ही गई। वो मुझे बहुत प्यार करती थी पर मुझे इसका अहसास नहीं था। लगता था कि वो मेरी अच्छी और सच्ची दोस्त है। मैं ये भी सोचता था दोस्ती में प्यार नहीं हो सकता। मुझे इस बात का भी डर था कि हम दोनों पड़ोसी हैं तो हमारा रिश्ता कोई स्वीकार नहीं करेगा।

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जब हम 11वीं में गए तब उसने मुझे प्रपोज किया था। मैंने उस वक्त उसका जवाब नहीं दिया और मैं हंसने भी लगा। हम दोनों एक ही बस से कॉलेज जाते थे। वो मुझे प्रपोज करने के बाद जवाब के लिए रोज पूछती थी तो मैंने एक दिन उसको बस के अंदर ही थप्पड़ मार दिया। मैंने उससे बात करना ही छोड़ दिया। हम दोनों दोस्त थे इसलिए ये सब मुझे अच्छा नहीं लग रहा था। फिर एक ही बस स्टैंड पर हम दोनों रोज खड़े होते थे लेकिन बात नहीं करते थे। वो मुझे सॉरी बोलना चाहती थी या मैं भी उसको सॉरी बोलना चाहता था लेकिन हम एक-दूसरे से कह नहीं पाए।

इसके बाद मुझे उसकी याद आने लगी क्योंकि ग्रेजुएशन में वो दूसरे कॉलेज में जाने लगी थी। मैं अकेला पड़ गया था। उसे लग गया था कि मैं उससे अब कभी बात नहीं करूंगा। मुझसे खाना नहीं खाया जाता था, वो मेरा कॉल भी रिसीव नहीं करती थी। उसने मैसेज किया था कि मुझे अकेला छोड़ दो। फिर एक दिन मेरे कॉलेज में एनुअल फंक्शन था जिसमें मैंने ड्रामा में एक्टिंग की थी। वो देखने आई थी तो मुझे लगा था कि वो मेरी एक्टिंग के बारे में कुछ कहेगी। हुआ भी वैसा ही। ड्रामा के बाद उसने मिलने के लिए बुलाया।

उसका मैसेज आया तो मैं उससे कॉलेज गेट पर मिला। मैंने उसको गले लगा लिया और वो भी बहुत खुश हुई। मुझे पता चला कि उसके पापा शादी के लिए लड़का खोज रहे थे। मैंने उससे कहा कि तुम शादी से मना कर देना चाहे कोई भी लड़का देखने आए। हम दोनों ने अपने मम्मी पापा से हमारी शादी के बारे में बात की। थोड़े दिनों में दोनों के मम्मी पापा तो मान गए लेकिन हमारे गांव समाज के लोगों ने विरोध कर दिया। कहा कि अगर यह शादी हुई तो हुक्का पानी बंद कर देंगे और गांव से निकलना पड़ेगा।

हम दोनों कोर्ट मैरिज कर सकते हैं लेकिन हम एरेंज मैरिज करना चाहते हैं जिसके लिए हमारी बिरादरी तैयार नहीं है क्योंकि हम एक ही गांव के हैं। रोज लोगों के ताने सुन-सुनकर मैं परेशान हूं। हम दोनों कहीं साथ नहीं जा सकते क्योंकि रास्ते में लोग टीका-टिप्पणी करते हैं। हमें क्या करना चाहिए?

पेड एडमिन राजीव की सलाह

गुजरात के कैलाश जी, आपने बताया कि बिरादरी के लोग आपको गांव से निकालने की धमकी दे रहे हैं। व्यावहारिक तौर पर देखा जाय तो इस शादी को बाद वाकई वो लोग आपका जीना मुश्किल कर सकते हैं। साथ ही आपके परिवार को लोग भी बिरादरी के गुस्से को देखकर कदम पीछे खींच सकते हैं।

यह मामला समाज से लड़ाई का है। प्यार एक तरफ है और जालिम समाज एक तरफ। खुद पर यकीन कीजिए और गांव बिरादरी के लोगों से लड़ने के लिए मानसिक रूप से तैयार होकर शादी कीजिए। वैसे हो यह भी सकता है कि शादी को बाद लोग आप दोनों को स्वीकार कर लें ये सोचकर कि चलो कर लिया तो अब क्या…वैसे गुजराती समाज बहुत कठोर है, यह मुझे तब मालूम हुआ जब वहां के लड़के-लड़कियों से जज्बात पेज के जरिए बात करने का मौका मिला।

हरियाणा की खाप पंचायतें अपने ऐसे ही तुगलकी फैसलों के लिए मशहूर है। हमारे समाज में शुरू से एक मान्यता है कि गांव के सभी लड़के-लड़कियां भाई-बहन हैं। हलांकि यह मान्यता ही है, मैं खुद इस मान्यता को नहीं मानता। जब भी दो अपोजिट जेंडर एक जगह होंगे तो प्यार के रिश्तों का पनपना स्वाभाविक है। हर किसी का भाई-बहन का रिश्ता ऐसे थोपने से नहीं बन जाता।

अब समाज जो मानता है, उसे अधिकांश लोग मानते हैं इसलिए उनकी ताकत ज्यादा हो जाती है। हम जो मानते हैं, उसमें हम अकेले पड़ जाते हैं और ऐसी लड़ाई हमें अकेले ही लड़नी पड़ती है। आज के भारत में कम से कम गुजराती तो भूखा नहीं मर सकता…अगर प्यार किया है तो प्यार के लिये लड़ने का जज्बा भी रखिए।

गांव के लोग परेशानी खड़ी करेंगे। आप दोनों परिवार के बड़े लोगों को समाज में जीने में परेशानी हो सकती है। उनको साथ लीजिए…उनके साथ बैठकर बात कीजिए। इस मामले में अगर घरवाले आपके साथ होंगे तो और भी अच्छा रहेगा।

पेज रीडर्स की सलाह