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बिहार से प्रेम की रियल लव स्टोरी – love story of prem from bihar

मेरा नाम प्रेम है और ये है मेरी अधूरी प्रेम कहानी। मैं उसका नाम नहीं लेना चाहता हू। वो मेरी सिस्टर की बहुत अच्छी फ्रेंड है और मेरी भी। शायद मेरी सबसे अच्छी फ्रेंड है वो। हम दोनों की दोस्ती धीरे धीरे बहुत गहरी होती गई। बहुत गहरी।
bihar prem love story


हम हर छोटी बड़ी बात शेयर करते थे। हम दोनों के डिसीजन भी मिलते थे। वो कहती थी अक्सर कि हम दोनो अगर लाइफटाइम भी एक साथ रहेंगे तो कभी झगड़ा नहीं होगा। और फिर धीरे धीरे मेरी दोस्ती प्यार में बदल गई। प्यार की फीलिंग सिर्फ मेरी तरफ से थी।
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मैं उसे हद से ज्यादा चाहने लगा। वो मेरे लिए खुशी की वजह बन गई। पर उसके दिल में क्या था, मुझे नहीं मालूम था। मैं रोज सोचता था कि उसे सबकुछ साफ साफ बोल दूंगा। पर हिम्मत नहीं होती थी। किसी ना किसी की ब्रेकअप की कहानी सुनकर डर जाता था।
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मैं किसी भी कीमत पर उसे और उसकी दोस्ती को खोना नहीं चाहता था। एक दिन मैंने सोचा कि मैं उसे इतना प्यार करता हूं, क्या इसके दिल में मेरे लिए जरा भी प्यार नहीं है? अगर है तो उसका एक इशारा तो मिले लेकिन कुछ नहीं हुआ। उसकी तरफ से कभी कोई ऐसा इशारा नहीं मिला कि मैं समझूं कि उसे भी मुझसे प्यार है।

वक्त बीतता गया और हम दोनों की दोस्ती और भी गहरी होती गई। और मेरी मोहब्बत भी गहरी होती चली गई। मैंने कई लेटर लिखे उसे देने के लिए लेकिन भेज नहीं पाया। कई बार मैसेज टाइप किए पर सेंड नहीं कर पाया। मेरी बेताबी बढ़ रही थी।
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एक दिन वो मेरे घर सिस्टर से मिलने आई। उसने बताया कि उसकी शादी फाइनल हो गई है। अगले साल वह शादी कर रही है। यह बताते हुए वह बहुत खुश थी। कुछ ही वक्त बीता होगा कि होनेवाले पति के साथ उसकी बातचीत भी शुरू हो गई।
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उसका होनेवाला पति उससे जो भी बात करता या मैसेज करता, वो मुझसे शेयर करती है। कई बार होनेवाला पति उसको बाहर मिलने के लिए बुलाता है।

उसने मुझसे पूछा कि शादी से पहले होनेवाले पति के साथ बाहर जाना ठीक होगा कि नहीं? मैंने कहा था कि अपने पैरेंट्स से पूछो और फिर जो तुम्हारा दिल करे, वो करो।
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अब तो वो अपने होनेवाले हसबैंड के साथ शॉपिंग पर भी जाती है। मैं उसे भूलना चाहता हूं, दूर जाना चाहता हूं। उसके हर बात का उल्टा जवाब देता हूं। उसे इग्नोर करता हूं। पर वो फिर भी मुझसे नाराज नहीं होती। वो आज भी वैसी ही ही, जैसी कल थी।

उसके लिए कुछ भी नहीं बदला। पर वो तो मेरी दुनिया है जो बहुत जल्दी ही बदलनेवाली है। उफ्फ!
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