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मैंने कहा शादी करूंगी तो ब्वॉयफ्रेंड से वरना नहीं करूंगी – सुकन्या की रियल लव स्टोरी

मेरा नाम सुकन्या है। मैं हरियाणा से हूं। मैं एक कॉलेज स्टूडेंट थी। फ्रेंड्स के साथ मौज मस्ती करने में बिजी रहती थी। एक दिन मेरी फ्रेंड ने अपने एक फ्रेंड के बारे में बताया कि वो मुझसे प्यार करता है और वह बात करना चाहता है। उसने उसे मेरी एफबी आईडी दे दी। उसका मैसेज आया, हमारी बात स्टार्ट हुई। एक दूसरे को जानने लगे, पहचानने लगे। उसने मुझे प्रपोज किया, मैंने उससे टाइम मांग लिया और फिर 10 अक्टूबर 2016 को मैंने उसको हां कर दी। हम एक दूसरे से बहुत प्यार करने लगे थे, शादी करने चाहते थे।

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हमारी कास्ट भी सेम थी। लड़के की फैमिली को कोई प्रॉब्लम नहीं थी लेकिन मेरे घरवाले नहीं मानने वाले थे। हमने किसी का सहारा लेने की सोची। तब मैंने अपनी फ्रेंड की मम्मी से बात की। उन्होंने मेरी मम्मी को रिश्ता बताया तो मम्मी लड़का देखने के लिए तैयार हो गई और फिर पापा मम्मी उसके घर गए। उन्हें लड़का खास पसंद नहीं आया। उन्होंने ना भी नहीं की और हां भी नहीं की। इसके बाद हम दोनों बहुत टेंशन में आ गए। फिर एक दिन मैंने अपनी बहन को अपने ब्वॉयफ्रेंड से मिलाया। उसने मेरी बहन को सबकुछ बता दिया।
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मेरी बहन ने घर आते ही मम्मी को बताया। मेरी बहन ने सबको बहुत समझाया लेकिन कोई नहीं माना। मेरे पापा भी मेरे खिलाफ हो गए जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया था। मम्मी ने मेरा फोन ले लिया और मुझे कॉलेज जाने से भी रोक दिया। मेरे फाइनल ईयर के एग्जाम में कुछ ही टाइम बचे थे। हम दोनों ना एक दूसरे से बात कर पा रहे थे और ना ही मिल पा रहे थे। उस समय मेरी एक फ्रेंड ने मेरी बहुत हेल्प की। वो मेरे घर आती और मेरी बात ब्वॉयफ्रेंड से करा देती थी।
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हम कुछ समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें। ब्वॉयफ्रेंड के घरवाले मेरे घर बार बार आते रहे, मेरी मम्मी को मनाते रहे लेकिन वो नहीं मानीं। हमने भी डिसीजन ले लिया था कि अगर शादी करूंगी तो उसी से करूंगी वरना नहीं करूंगी और पैरेंट्स के खिलाफ भी नहीं जाऊंगी। मैंने अपनी मम्मी पापा को साफ साफ कह दिया कि अगर उसके साथ शादी नहींं होती तो किसी के साथ नहीं होगी। लड़के के घर वाले अभी भी कोशिश कर रहे थे लेकिन मेरे घर से साफ ना हो चुकी थी।
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मुझे ऐसा लग रहा था कि सब खत्म हो गया। अब कुछ नहीं रहा। उन दिनों मुझे लग रहा था कि जैसे मैं मर जाऊं लेकिन वो भी नहीं कर सकती थी क्योंकि मैं अपनी वजह से मम्मी पापा की बेइज्जती नहीं होने दे सकती थी। तब 29 फरवरी 2017 को ब्वॉयफ्रेंड के बड़े भाई आए। उन्होंने मम्मी से बात की, हाथ जोड़े, उनके पैर पकड़े और तब जाकर फाइनली मेरी मम्मी ने हां कर दी।
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13 मार्च 2017 को हमारी इंगेजमेंट हो गई और अगले साल शादी है। अब हम एक दूसरे के साथ खुश हैं। उसने मेरा साथ नहीं छोड़ा। हर सिचुएशन में साथ रहा इसलिए आज हम साथ हैं और बहुत खुश हैं।अब मेरी फैमिली भी खुश है। बस यही मेरी छोटी सी स्टोरी है।
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अपनी स्टोरी मैं इसलिए शेयर कर रही हूं क्योंकि आजकल लड़के लड़कियां भागकर शादी कर लेते हैं जबकि हमारे पास दूसरा ऑप्शन भी होता है। हम अपने पैरेंट्स के खिलाफ ना जाकर भी अपने प्यार को पा सकते हैं। उनकी इंसल्ट कर के हम कभी खुश नहीं रह सकते। अगर प्यार सच्चा हो तो दोनों एक दूसरे का साथ दो, फैमिली को मनाओ, उनके खिलाफ जाने में कोई खुशी नहीं है। अगर हमारे रिश्ते का मां पापा अप्रूवल नहीं दे सकते तो आप भी किसी और से रिश्ते के लिए अप्रूवल मत दीजिए। इससे ना आपके मां पापा की इंसल्ट होगी और न आपके प्यार की।
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वेबसाइट एडमिन की तरफ से एक सवाल
सुकन्या, आप और आपके ब्वॉयफ्रेंड एक ही कास्ट के थे तो आखिरकार आपके मम्मी पापा मान गए। अगर ब्वॉयफ्रेंड दूसरे कास्ट का होता तो आप क्या करतीं? आप किसी से और शादी से इनकार करती लेकिन आखिर कब तक? सवाल ये भी अहम है। आपके सुझाव तो उनके लिए सही है जो सेम कास्ट के लवर्स हैं, लेकिन क्या प्यार कास्ट देखकर होता है?

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जॉब करने के बावजूद मैं अपने घर की मर्जी से शादी के लिए मजबूर हुई – सौम्या की लव स्टोरी

मैं सौम्या हूं। दिल्ली में जॉब करती हूं। अपने पैरों पर खड़ी होने के बावजूद मैं अपने परिवार के खिलाफ नहीं जा पाई और अपने लवर से मुझे ब्रेक अप करना पड़ा। आज मैं परिवार की मर्जी से शादी करके नाखुश जिंदगी जी रही हूं क्योंकि मैं पति के साथ एडजस्ट नहीं कर पा रही हूं।

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मैंने डीयू से पढ़ाई की है और उसके बाद मैंने एमबीए किया। कॉलेज में ही मुझे एक लड़का मिला। वो मेरा क्लासमेट था। एमबीए के दौरान हम दोनों दोस्त रहे लेकिन जब हमारा कोर्स पूरा होनेवाला था तो हम दोनों ने फील किया कि एक दूसरे को मिस करेंगे। उसने मुझे अपनी फीलिंग बताई और इस तरह से हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई।
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हम दोनों की नौकरी एक ही कंपनी में लगी। मेरे घरवाले मुझपर शादी का दबाव डाल रहे थे। मेरी नानी बीमार रहती थी। नानी से मुझे बहुत प्यार था। वो चाहती थी कि उनके जीते जी मेरी शादी हो जाए। मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड के बारे में घर को बता नहीं पाई। मैं हिम्मत नहीं कर पाई।
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मैं मजबूर होकर अपने ब्वॉयफ्रेंड से दूर हो गई। मेरे घरवालों ने शादी फिक्स कर दी। लड़का दिल्ली में ही जॉब करता था। मैंने वो कंपनी छोड़ दी। मेरा ब्वॉयफ्रेंड भी उस कंपनी को छोड़ कर चला गया। मैंने उसे शादी का कार्ड भी दिया लेकिन वो नहीं आया। मुझे दोस्तों से पता चला कि वो काफी दुखी रहा। लेकिन मैं कुछ कर न सकी।
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शादी के बाद मैं पति के साथ रहने लगी। लेकिन मैं इस शादी से खुश नहीं हूं। अब मुझे अफसोस होता है कि काश मैंने बोल्ड स्टेप लिया होता। काश मेरी नानी समझ पाती कि उनकी बात मानने से मेरी जिंदगी खराब हो गई। काश मेरे मां-बाप समझ पाते। काश मैं उस समय अपने घरवालों को बता पाती कि मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड है जिससे मैं शादी करना चाहती हूं।
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लेकिन मैं खुद आर्थिक ताकत पाकर भी मानसिक ताकत नहीं जुटा पाई। मैं कमा रही हूं लेकिन फिर भी अपनी जिंदगी का फैसला नहीं ले पाई। अब सोचती हूं कि परिवार से बगावत करती तो शायद अपनी हालत के लिए परिवार को तो न कोसती। काश मैंने अपनी जिंदगी का फैसला खुद लिया होता। मैं अपने आपको भी बहुत कोसती हूं। दुखी रहती हूं। कब तक हम लड़कियां अपने मां-बाप की मर्जी के आगे अपने आपको सैक्रीफाइस करते रहेंगे?
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घर के बुजुर्ग क्यों चाहते हैं कि मरने से पहले वे हमारे बाल-बच्चे देखकर जाएं? मुझे अब इन सब बातों पर अब गुस्सा आता है। अब ये सब बदलना चाहिए। मैं लड़कियों से गुजारिश करती हूं कि अगर वे खुद कमा रही हैं तो कम से कम वो हिम्मत दिखाएं। मैं हिम्मत दिखा नहीं सकी, जिसका नतीजा भुगत रही हूं।