how to write shayari

dil e nadan shayari- Dard Ko DekhKar Muh Modna Aasaan Nahi

आशिकी के दर्द में जो एक बार डूब जाता है वो किसी और के दर्द को देखकर कभी मुंह मोड़ नहीं पाता। दूसरों के दर्द में उसे अपना दर्द नजर आता है। कभी-कभी दुनिया के दर्द को देखकर लगता है कि ऊपरवाला शायद ये सब नहीं देखता लेकिन जी रहा आशिक दुनिया के दर्द को महसूस करता है।

इस दर्द में जी रहे आशिक में एक जोगी पैदा होता है जिसको दुनिया के साजो सामान रास नहीं आती। आशिक कहता है कि दुनिया की सारी चीजें उसको लौटा दी हैं और दिल में महबूबा के सिवा कोई सामान नहीं बचा है।

दर्द गम ए फिराक फोटो शायरी
दर्द मिलता है गम ए फिराक के मंजर में
जुदाई में चांद सितारों के संग जीकर जाना

दिल में जो महबूब है, उसकी खूबसूरती कुदरती है, वो हुस्न पैदा ही होती है, उसे कोई बना नहीं सकता। उस हुस्न की खूबसूरती को बस आशिक ही पहचान सकता है, अगर आशिक ने नहीं पहचाना तो उस हुस्न की दुनिया में कोई कद्र नहीं। हुस्न को उसकी पहचान उसका आशिक ही दिलाता है।

आशिक के दिल में बस इतना सा अरमान बच जाता है कि उस हुस्न का दीदार हो जाए बस…और दुनिया में उसकी कोई भी ख्वाहिश नहीं। सिर्फ वो यह चाहता है कि बस उसकी एक झलक मिल जाए।

आशिक के दर्द और हुस्न से उसके रिश्तों को बयां करती यह गजल इश्क के दो किरदारों के वजूद के बारे में बहुत-कुछ कहती है।

Dard Ko DekhKar Muh Modna Aasaan Nahi
Abhi Insaan Hun Mai, Koi Bhagwan Nahi

Chiz Dunia Ki Unko Hi Wapis Kar Di
Mere Dil Me Tere Siwa Koi Saaman Nahi

Husn Paida Hi Hoti Hai, Banaayi Nahi Jaati
Bina Aashiq Ke Uski Koi Pahchaan Nahi

Deed Ho Jaye, Itni Si Chahat Hai Fakat
Dil E Nadan Ko Aur Koi Bhi Armaan Nahi

Deed- दीद- दिखाई दे जाना, दीदार- to be seen

Fakat- फ़क़त- सिर्फ- only

chiz- things

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.