how to write shayari

शायरी – ख्वाहिशों की प्यास कभी बुझ नहीं पाती

 जिंदगी हमेशा गम की गलियों में भटकती है, तलाश खुशियों की रहती है। जाने-अनजाने गम घेर ही लेते हैं। हजारों ख्वाब मन में, आखिर कौन-कौन से ख्वाब पूरे हो। कई ख्वाब अधूरे रह जाते हैं और इंसान भी उम्रभर अधूरा ही रह जाता है।

ख्वाहिशें और ख्वाब रेत की तरह होती हैं। इतनी चिकनी कि मुट्ठी में बांधों तो फिसल जाती है। इन रेतों को कभी समंदर नसीब नहीं होता इसलिए इनकी प्यास भी कभी नहीं बुझ पाती। पानी की तलाश में भटकता मन समंदर के ख्वाब तो सजा सकता है लेकिन उसे पा नहीं सकता। यही प्रेम की त्रासदी है, दुख है।

दो लफ्जों का प्यार इमेज
किन लफ्जों में तुमसे कह दूं अपनी ये ख्वाहिशें
बिन कहे तुम समझ लो, हां मेरी मंजिल है क्या

लेकिन प्रेम में जब किसी की तस्वीर आंखों में बस जाती है तो उस रोशनी से आशिक की रूह की गलियों में अंधेरा नहीं होता। तमाम उम्र इश्क का नूर उसे रास्ता दिखाता है, अच्छा इंसान बनाता है, उसे अच्छी सोच देता है। एक से प्यार का अहसास संसार से प्यार करने की ताकत देता है।

प्यार आंसू देता है इतना कि रोज रात न जाने किसके प्यार में आंसू बहाता है, जमीं भीग जाती है। शायर कहता है कि आसमान रोता ही रहता अगर सबेरा नहीं होता। सबेरा होते ही आंसू रुक जाते हैं क्योंकि रोशनी में इश्क नहीं रोता, अंधेरा और तन्हाई में रोता है।

यह गजल जिंदगी के अधूरेपन और इश्क के बीच रिश्ते पर मैंने लिखी है। गजल हमेशा हर शेर में पूरी होती है। एक-एक शेर को अलग करके पढ़िए या सभी शेर को एक साथ पढ़िए…ये गजल की सुंदरता है।

जिंदगी का कोई ख्वाब पूरा नहीं होता
होता अगर तो शख्स अधूरा नहीं होता

ख्वाहिशों की प्यास कभी बुझ नहीं पाती
कभी रेतों में समंदर का बसेरा नहीं होता

आंखों में जल रही है जबसे तेरी शमा
मेरी रूह की गलियों में अंधेरा नहीं होता

अश्कों से भिगो देता है हर रात जमीं को
आसमा रोता ही रहता जो सबेरा नहीं होता

©RajeevSingh

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